लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ कॉन्ग्रेस समेत विपक्षी दलों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान संसद में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के नेता राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए उनकी संसद में उपस्थिति और विदेश यात्राओं को लेकर सवाल उठाए।
अमित शाह ने कहा कि राहुल गाँधी संसद में बोलने का आरोप लगाते हैं, लेकिन जब महत्वपूर्ण सत्र होते हैं तो वे अक्सर विदेश यात्रा पर रहते हैं। इस टिप्पणी के बाद विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया।
संसद में कम उपस्थिति और बहस से दूरी पर उठे सवाल
अमित शाह ने कहा कि 17वीं लोकसभा में राहुल गाँधी की उपस्थिति करीब 51 प्रतिशत रही, जबकि 16वीं लोकसभा में यह 52 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि संसद की राष्ट्रीय औसत उपस्थिति लगभग 80 प्रतिशत रहती है। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गाँधी ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों और बजट पर हुई चर्चाओं में हिस्सा ही नहीं लिया।
उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी ने एक भी बजट या महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में भाग नहीं लिया। गृह मंत्री के मुताबिक राहुल गाँधी शीतकालीन सत्र के दौरान भी अनुपस्थित रहे और वित्त विधेयक 2024, वक्फ बिल और वंदे मातरम् जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा में भी उन्होंने हिस्सा नहीं लिया।
शाह ने यह भी कहा कि कॉन्ग्रेस चार दशक बाद स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई है, लेकिन इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी राहुल गाँधी चर्चा में शामिल नहीं हुए। इस दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संसद में कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं, जिनमें शशि थरूर जैसे अनुभवी सांसद भी शामिल हैं, लेकिन वे राहुल गाँधी को संसदीय आचरण के बारे में क्यों नहीं सिखाते।
विदेश यात्राओं को लेकर भी साधा निशाना
अमित शाह ने राहुल गाँधी की विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब भी संसद का अहम सत्र होता है, उसी समय उनकी विदेश यात्रा तय हो जाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र 2025 के दौरान राहुल गाँधी जर्मनी की यात्रा पर थे। इसी तरह बजट सत्र 2025 में वे वियतनाम गए, बजट सत्र 2023 में इंग्लैंड में थे, जबकि 2018 के बजट सत्र के दौरान सिंगापुर और मलेशिया की यात्रा पर रहे।
शाह ने कहा कि इन यात्राओं को मिलाकर राहुल गाँधी करीब 60 दिन विदेश में रहे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो व्यक्ति विदेश में होता है, वह संसद में कैसे बोल सकता है, क्योंकि यहाँ वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा नहीं है।
गृह मंत्री ने राहुल गाँधी के व्यवहार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कभी वे प्रधानमंत्री को गले लगाने के लिए दौड़ पड़ते हैं, कभी आँख मारते हैं और कभी फ्लाइंग किस करते हैं, फिर आरोप लगाते हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता।
अमित शाह के इन बयानों के दौरान विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया। शाह ने कहा कि यदि उनके भाषण में कोई शब्द असंसदीय है तो उसे कार्यवाही से हटा दिया जाए, लेकिन उन्होंने विपक्ष से अपने आचरण पर भी विचार करने की बात कही।

