उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। गाजियाबाद के खोड़ा में 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की निर्मम हत्या और उसके बाद मुख्य आरोपित असद के पुलिस एनकाउंटर को लेकर राजभर ने सोशल मीडिया पर सपा को घेरा। उन्होंने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए इस रवैये को वोट बैंक की सिलेक्टिव राजनीति करार दिया।
मंत्री राजभर ने सोमवार (1 जून 2026) सीधे सपा सुप्रीमो को संबोधित करते हुए लिखा, “जरा अपने प्रवक्ताओं को इंसानियत का पाठ पढ़ाइए।” उन्होंने आरोप लगाया कि जब आरोपित असद ने सूर्या चौहान की हत्या कर सोशल मीडिया पर वीडियो डाला, तब सपा की तरफ से कोई संवेदना नहीं दिखाई गई। लेकिन जब पुलिस ने मुठभेड़ में हत्यारे को मार गिराया, तो सपा प्रवक्ता कानून-व्यवस्था पर विलाप करने लगे। राजभर ने अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा, “आप तो मुँह में दही जमाकर बैठे हैं। सूर्या चौहान की निर्मम हत्या की निंदा तो छोड़िए, अब तक आपके मुँह से उस परिवार के प्रति संवेदना के दो शब्द भी नहीं निकले।”
सपा के चर्चित ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर निशाना साधते हुए राजभर ने इसकी नई और विवादित परिभाषा दे डाली। उन्होंने तीखा कटाक्ष करते हुए लिखा कि क्या विपक्ष उत्तर प्रदेश में ऐसी व्यवस्था वापस लाना चाहता है जिसे आम जनता ‘पीडीए यानी पीट देगा अहिर और पीट देगा अल्पसंख्यक’ मॉडल के रूप में देखती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल अपने सियासी फायदे के लिए कुछ घटनाओं पर बोलती है और बाकी पर चुप्पी साध लेती है।
.@yadavakhilesh जी, जरा अपने प्रवक्ताओं को इंसानियत का पाठ पढ़ाइए!
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) June 1, 2026
बकरीद पर आपके वोटर असद ने मासूम सूर्या चौहान की कुर्बानी दे दी और सोशल मीडिया में फक्र से वीडियो डालता रहा… जब पुलिस ने उसे मुठभेड़ में ठोंका तो आपके प्रवक्ता छाती कूट रुदाली गान करने लगे… कह रहे हैं कि…
राजभर ने बहुजन समाज को आगाह करते हुए कहा कि जब अगली बार ‘ट्विटर, एसी और पीसी वाले नेता’ सामने आएँ, तो लोग उनके इस दोहरे चरित्र को जरूर याद रखें। उन्होंने दावा किया कि अमेठी, चंदौली और लखनऊ जैसी जगहों पर जब दलितों-पिछड़ों पर अत्याचार होता है, तब विपक्ष पूरी तरह मौन रहता है। राजभर का यह हमला आगामी राजनीतिक गोलबंदी के लिहाज से बेहद आक्रामक माना जा रहा है।

