ओडिशा के कटक में कर्फ्यू, व्हाट्सऐप-फेसबुक-ट्विटर पर भी प्रतिबंध: इस्लामी कट्टरपंथियों ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस को बनाया था निशाना, VHP ने बुलाया बंद

ओडिशा के कटक में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचाए बवाल के बाद से कर्फ्यू लगा हुआ है। सोमवार (06 अक्टूबर 2025) को विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने पूरे शहर में बंद का ऐलान किया है। कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएँ बंद हैं। व्हाट्सऐप, फेसबुक और एक्स(ट्विटर) सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।

यह प्रतिबंध सोमवार (06 अक्टूबर 2025) शाम 7 बजे तक लागू रहेगा। वहीं इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने CCTV फुटेज, ड्रोन की तस्वीरें और चश्मदीदों के बयान के आधार पर बाकी आरोपितों की पहचान कर रही है। पूरे शहर में पुलिस की नाकाबंदी है।

मुख्यमंत्री मोहन माझी ने कटक में शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि कटक हमेशा से भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक रहा है, लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री ने उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

वहीं ओडिशा के DGP ने भी बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस हर पल नजर बनाए हुए है। उन्होंने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और कहा कि सभी सही जानकारी के लिए पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल देखें।

कमिश्नरेट पुलिस ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर जो फर्जी वीडियो और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उन पर भरोसा न करें और अफवाह फैलाने वालों से सतर्क रहें।

कटक में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर हिंसा

दरअसल, यह एहितयात शनिवार (04 अक्टूबर 2025) को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में हुए बवाल के बाद बरते गए हैं। इस दौरान इस्लामी कट्टरपंथियों ने विसर्जन पर पत्थरबाजी की थी। पत्थरबाजी की घटना रात करीब 1:30 बजे हुई, जब झांझिरीमंगला पूजा कमेटी का जुलूस हाटीपोखरी इलाके से गुजर रहा था। जुलूस में डीजे बज रहा था। तभी इलाके के कुछ मुस्लिमों ने डीजे बजाने पर आपत्ति जताई और अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी।

उन्होंने काँच की बोतलें भी फेंकीं। इस दौरान DCP ऋषिकेश ज्ञानदेव समेत कई लोग घायल हो गए थे। आसपास की कई दुकानों और सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुँचा। हालात बेकाबू होने पर जुलूस को बीच रास्ते में ही रोकने को मजबूर होना पड़ा।

जुलूस में शामिल लोग इस पत्थरबाजी के खिलाफ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस वजह से लगभग 50 दुर्गा प्रतिमाओं वाले कई वाहनों को घंटों तक वहीं रुकना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना के बाद पूजा समिति ने विरोध जताते हुए झगड़े में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की माँग की थी।