छात्र प्रदर्शन की आड़ में ‘उमर-शरजील’ के समर्थन में लहराए गए प्लेकार्ड, बेंगलुरु पुलिस ने अज्ञात युवती पर दर्ज की FIR

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में छात्र प्रदर्शन के दौरान दिल्ली हिंदू विरोधी दंगो के आरोपित उमर खालिद और शरजील इमाम समर्थित पोस्टर लहराने का मामला सामने आया है। पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में हो रहे प्रदर्शन में एक युवती पर दोनों आरोपितों के समर्थन में पोस्टर लहराने के आरोप में FIR दर्ज की गई है।

पुलिस का कहना है कि युवती ने सार्वजनिक शांति भंग करने और माहौल को भड़काने के उद्देश्य से ऐसे पोस्टर लहराए थे। फिलहाल उसकी पहचान करने के लिए CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। बता दें कि 2020 में हुए हिंदू विरोधी दंगों के आरोपित उमर खालिद और शरजील इमामल फिलहाल जेल में बंद है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच सामने आए विवादित पोस्टर

यह घटना 24 जुलाई 2026 को फ्रीडम पार्क में आयोजित एक बड़े छात्र आंदोलन के दौरान हुई। कर्नाटक विद्यार्थी संगठने (KVS) के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) समेत कई छात्र संगठनों के लगभग 1,000 से 1,500 सदस्य शामिल हुए थे।

प्रदर्शनकारी NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों, दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध जता रहे थे। इसी दौरान बंदोबस्त ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने भीड़ के बीच एक युवती को ऐसे पोस्टर पकड़े देखा, जिन पर ‘उमर खालिद जिंदाबाद’, ‘शरजील इमाम जिंदाबाद’ और ‘उखाड़ ले BLR पुलिस’ जैसे नारे लिखे हुए थे।

पोस्टर जब्त करने से पहले भीड़ में छिप गई युवती

पुलिस शिकायत के अनुसार, जैसे ही पुलिसकर्मी युवती तक पहुँचकर पोस्टर जब्त करने का प्रयास करने लगे, भीड़ में मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों ने उसे अपने बीच छिपा लिया। भारी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण पुलिस तत्काल न तो युवती को पकड़ सकी और न ही विवादित पोस्टर बरामद कर सकी। आसपास तलाशी लेने के बावजूद पोस्टर नहीं मिले।

शिकायत में कहा गया है कि घटना शाम करीब 5 बजे से 5:30 बजे के बीच हुई, जब प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि इस दौरान जानबूझकर ऐसे पोस्टर दिखाकर प्रदर्शन के माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई।

सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर जारी है जाँच

घटना के बाद पुलिस ने फ्रीडम पार्क में लगे सीसीटीवी कैमरों और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो की विस्तृत जाँच की। जाँच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात महिला के खिलाफ सार्वजनिक शांति भंग करने और भड़काऊ गतिविधि करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए उसकी पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी सबूतों की जाँच की जा रही है और पहचान होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।