केंद्रीय बजट 2026: ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान, जानें- किन राज्यों में बनेगा ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी 2026) को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए देश के तकनीकी विकास, बायोफार्मा उद्योग और रणनीतिक विनिर्माण को नई गति देने की घोषणा की। अपने लगातार नौवें बजट भाषण में उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवा और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में भारत को वैश्विक केंद्र बनाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है।

बायोफार्मा शक्ति योजना का शुभारंभ

वित्त मंत्री ने भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण हब के रूप में विकसित करने के लिए ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना शुरू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपए का परिव्यय रखा गया है। इसका उद्देश्य बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है।

सरकार ने बायोफार्मा क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए 3 नए राष्ट्रीय औषध शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों की स्थापना तथा सात मौजूदा संस्थानों को उन्नत करने की योजना भी बताई। इसके साथ ही 1000 से अधिक मान्यताप्राप्त इंडिया क्लीनिकल ट्रायल साइटों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और टेक्नोलॉजी फोकस

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार जल्द ही इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 लॉन्च करेगी। इसके साथ ही उद्योग के नेतृत्व में रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए जाएँगे ताकि टेक्नोलॉजी और कुशल कार्यबल तैयार हो सके। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग योजना के लिए परिव्यय बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

बजट में रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण विस्तार पर भी जोर दिया गया। ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में समर्पित रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाए जाएँगे। तीन समर्पित रसायन पार्कों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा निर्माण और अवसंरचना उपकरण को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएँ लाई जाएँगी।

कंटेनर विनिर्माण योजना हेतु पाँच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही, 200 विरासत औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्निर्माण के लिए भी योजना पेश की जाएगी।