Union Budget 2026-27 | Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says,"…We will launch India Semiconductor Mission 2.0 and also focus on industry-led research and training centres to develop tech and skilled workforce." pic.twitter.com/gSAL56Xmql
— ANI (@ANI) February 1, 2026
बायोफार्मा शक्ति योजना का शुभारंभ
वित्त मंत्री ने भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण हब के रूप में विकसित करने के लिए ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना शुरू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपए का परिव्यय रखा गया है। इसका उद्देश्य बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है।
ज्ञान, तकनीक और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को बेहतरी की रणनीति- बायोफॉर्मा शक्ति✨
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) February 1, 2026
👉इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक बायोफॉर्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करना है
👉बायोफॉर्मा शक्ति का अगले पांच वर्षों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ शुभारंभ… pic.twitter.com/8hl1Cdfjeg
सरकार ने बायोफार्मा क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए 3 नए राष्ट्रीय औषध शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों की स्थापना तथा सात मौजूदा संस्थानों को उन्नत करने की योजना भी बताई। इसके साथ ही 1000 से अधिक मान्यताप्राप्त इंडिया क्लीनिकल ट्रायल साइटों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और टेक्नोलॉजी फोकस
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार जल्द ही इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 लॉन्च करेगी। इसके साथ ही उद्योग के नेतृत्व में रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए जाएँगे ताकि टेक्नोलॉजी और कुशल कार्यबल तैयार हो सके। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग योजना के लिए परिव्यय बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण का विस्तार📈
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) February 1, 2026
भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण हब बनाने के लिए बायोफार्मा शक्ति योजना
इंडिया सेमिकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0 का शुभारंभ जल्द
इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट विनिर्माण योजना के लिए परिव्यय बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये हो जाएंगे… pic.twitter.com/eYUFd1asn5
बजट में रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण विस्तार पर भी जोर दिया गया। ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में समर्पित रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाए जाएँगे। तीन समर्पित रसायन पार्कों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा निर्माण और अवसंरचना उपकरण को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएँ लाई जाएँगी।
कंटेनर विनिर्माण योजना हेतु पाँच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही, 200 विरासत औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्निर्माण के लिए भी योजना पेश की जाएगी।

