उत्तर प्रदेश के संभल जिले में विवादित शाही जामा मस्जिद के पास स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जों की शिकायतों के बाद प्रशासन ने पैमाइश कराई। सोमवार (30 दिसंबर 2025) को राजस्व ग्राम कोट के गाटा नंबर 32/2 पर हुई इस पैमाइश में 22 अवैध कब्जे पाए गए।
आरोप है कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके कब्रिस्तान ही नहीं बल्कि कई मकान-दुकानें बना ली गई हैं। ये कब्जे नानजैड (सार्वजनिक) जमीन पर हैं, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में पूरे गाटे पर कोई निर्माण दर्ज नहीं है। कुछ कब्जे पुराने हैं तो कुछ नए।
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, पैमाइश का काम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ। आठ थानों की पुलिस के साथ PAC और RAF के जवान तैनात रहे। पूरे इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई। किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए LIU सहित खुफिया एजेंसियाँ अलर्ट पर थीं। सत्यव्रत चौकी के कंट्रोल रूम से भी हालात पर नजर रखी गई।
संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि कब्रिस्तान पर अवैध कब्जे की शिकायतों के बाद पैमाइश की यह कार्यवाही की गई। प्रशासन का रुख साफ है कि कहीं भी अवैध कब्जा पाया गया, तो उसे हटाया जाएगा। पैमाइश के दौरान किसी भी असामाजिक तत्व को माहौल बिगाड़ने का मौका नहीं दिया गया।
एसडीएम रामानुज और तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में 22 लेखपाल और 4 कानूनगो जुटे रहे। एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और PAC, RAF और पुलिस के करीब 500 जवान तैनात किए गए हैं। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों के जरिए की जा रही है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए LIU समेत सभी खुफिया एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं सत्यव्रत चौकी स्थित कंट्रोल रूम से भी हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने अवैध कब्जाधारियों को नोटिस भेजने का फैसला किया है। धारा 67 के तहत राजस्व कोर्ट में मामला चलेगा।
पैमाइश के बाद डीएम ने आधिकारिक बयान जारी कर पूरी स्थिति स्पष्ट की। यह कार्रवाई मस्जिद सर्वे से जुड़े पुराने विवाद के बाद सार्वजनिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में एक कदम है।

