अमेरिका ने ईरान पर फिर किया हमला, 80+ सैन्य ठिकानों पर फिर बरसाए बम: होर्मुज में जहाजों पर हमले का लिया बदला, भारत आ रहे LNG जहाज पर भी स्ट्राइक

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। अमेरिका ने ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसका Video भी शेयर किया गया है। अमेरिकी सेना ने इन हमलों को ‘शक्तिशाली’ करार दिया है।

बता दें कि अमेरिका ने यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे 3 कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की है। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को निशाना बनाया और युद्धविराम का उल्लंघन किया।

इसके अलावा, ईरान ने पलटवार करते हुए अमेरिका पर ही समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम ने पिछले महीने हुए अंतरिम समझौते को गंभीर संकट में डाल दिया है और मिडिल ईस्ट में फिर से बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है।

अमेरिका का दावा- जहाजों पर हमले के जवाब में की गई कार्रवाई, भारतीय जहाज भी मना स्ट्राइक का निशाना

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे 3 व्यावसायिक जहाजों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों के जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई है। अमेरिका ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने वालों को भारी कीमत चुकानी होगी।

बयान में कहा गया कि ईरान की आक्रामक कार्रवाई न केवल अनुचित और खतरनाक थी, बल्कि यह दोनों देशों के बीच लागू युद्धविराम का भी स्पष्ट उल्लंघन है। इन हमलों में भारत आ रहा कतर का एक जहाज भी शिकार बना है। इस जहाज पर एक संदिग्ध ड्रोन से हमला किया गया है। यह जहाज LNG से लदा हुआ है।

एलएनजीसी अल रेकय्यात नाम का यह विशाल जहाज कतर के रास लफ्फान बंदरगाह से गुजरात के दहेज की ओर आ रहा था। इसी दौरान इसे निशाना बनाया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी प्रणाली, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, एंटी-शिप क्रूज मिसाइल ठिकाने, ड्रोन लॉन्च साइट्स और बंदरगाह से जुड़ी सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया। वहीं ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास, सीरिक और केश्म द्वीप में जोरदार विस्फोटों की पुष्टि की है।

तेल प्रतिबंध में दी गई छूट भी वापस, ईरान ने कहा- अमेरिका ने हर समझौते का किया खुला उल्लंघन

इन सैन्य हमलों से कुछ ही घंटे पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था। इसके बाद अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति देने वाला वह विशेष लाइसेंस भी रद्द कर दिया, जिसे दोनों देशों के बीच लड़ाई समाप्त करने के उद्देश्य से हुए समझौते के तहत जारी किया गया था।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि तेल प्रतिबंध में दी गई छूट वापस लेना ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (Islamabad Memorandum of Understanding) के अनुच्छेद-10 का खुला उल्लंघन है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अमेरिका द्वारा समझौता तोड़े जाने के गंभीर परिणाम होंगे।

दोनों देशों के बीच ताजा सैन्य टकराव ने पिछले महीने हुए अंतरिम समझौते को लगभग निष्प्रभावी बना दिया है। अमेरिका और ईरान दोनों एक-दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों से हुई थी, जिनमें तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी।