ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध तेज होता जा रहा है। ईरान ने बहरीन कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की बात कही है, वहीं अमेरिका ने जबरदस्त तरीके से बम बरसाए हैं। ईरान के अब्बास,सीरिक, जेस्क, केशम द्वीप समेत तमाम बंदरगाहों और सैन्य ठिकानों पर बमबारी की गई है।
अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने ईरान पर हमलों के नए दौर का टारगेट पूरा कर लिया है। इसमें एयर डिफेंस सिस्टम, बंदरगाहों पर मौजूद रडार, मिसाइल और ड्रोन साइट्स और छोटी नावें शामिल हैं। अमेरिका ने अब तक 400 से ज्यादा धमाके किए हैं। रविवार रात भी उसने ‘दर्जनों टारगेट’ पर हमले किए।
ईरान के सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास, केशम द्वीप, सिरिक और जास्क के साथ-साथ खुजेस्तान के कई जगहों पर धमाके की बात कही है। साथ ही ये भी कहा है कि बंद अब्बास में अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया गया है। ईरानी मीडिया के हवाले से अल जजीरा ने खबर दी है कि इन धमाकों में महशहर में एक कृषि जल पंपिंग स्टेशन पर कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
इससे पहले अमेरिका और ईरान दोनों ने दावा किया कि वे होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए हुए हैं। लेकिन अमेरिकी सेना का दावा है कि होर्मुज स्ट्रैट पर अब ईरान का नियंत्रण नहीं है।
इससे पहले अमेरिकी सेना ने रविवार 12 जुलाई 2026 की सुबह बताया कि उसने मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइटों, गोला-बारूद के गोदाम, संचार केन्द्र और दूसरे ठिकानों पर करीब 140 बम बरसाए। पिछले सप्ताह हुए हमलों की तुलना में बीता हफ्ता काफी खतरनाक रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एनबीसी के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में कहा, “हमने कल रात उन पर जमकर बमबारी की।”
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के उन देशों पर हमला किया जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। इस दौर में यूएई, कुवैत, जॉर्डन समेत कई देशों के अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान ने ये भी दावा किया कि हॉर्मुज स्ट्रेट अभी भी उसके नियंत्रण में है और वहाँ से गुजरने वाले जहाजों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। ईरानी हमलों का असर बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और यहाँ तक कि ओमान पर भी पड़ा। ओमान फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। लेकिन उसने हमले की निंदा करते हुए एक ईरानी राजनयिक को तलब किया।
ईरान की संसद के अध्यक्ष और प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बगेर कलीबाफ़ का कहना है कि एकतरफा समझौतों का युग खत्म हो चुका है। अब या तो वादा निभाओ या इसकी कीमत चुकाओ। अब सब कुछ सामने है।
ईरान और अमेरिका के बीच 60 दिनों के अंतरिम समझौते का आधा वक्त बीत चुका है। समझौते को स्थाई करने के लिए कई मुद्दों पर दोनों देशों को ओमान में बातचीत करनी थी, लेकिन उससे पहले भी युद्ध का नया दौर शुरू हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया था अंतरिम समझौता खत्म हो गया है। हालाँकि ओमान, कतर, मिस्र सहित कई देश मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने हमले के नए दौर की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक बयान में कहा है कि इन हमलों के विनाशकारी परिणाम होंगे।
इस बीच नए दौर के हमलों ने अंतररष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ा दी हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत 79 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुँच गई है।

