US मिनियापोलिस में ICE एजेंट्स पर पादरी का नस्लभेद आरोप, चेहरे पर बंदूक तानकर पूछा ‘डरे हो?’: कहा- ‘गोरे हो इसलिए मजा नहीं आएगा’

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की छापेमारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक स्थानीय पादरी ने ICE एजेंट्स पर खुले तौर पर नस्लभेद का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि एजेंट्स ने उनके चेहरे पर बंदूक तान दी, हथकड़ी लगाकर SUV में बंद किया और बाद में सिर्फ इसलिए छोड़ दिया क्योंकि वे गोरे हैं।

पादरी का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब एक दिन पहले ही मिनियापोलिस में ICE की कार्रवाई के दौरान 37 वर्षीय महिला की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद शहर में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं और ICE की कार्यप्रणाली पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई है।

पादरी का आरोप: ‘गोरे हो, इसलिए मजा नहीं आएगा’

मिनियापोलिस के इस पादरी ने एक टीवी एंकर को दिए इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने ICE एजेंट्स को एक हिस्पैनिक दिखने वाली युवती को घेरते देखा। पादरी के मुताबिक, उन्होंने एजेंट से कहा, “उसे छोड़ो, मुझे पकड़ लो।”

इसके बाद एजेंट उनके बेहद करीब आया, उनके चेहरे पर बंदूक तान दी और बार-बार पूछा, “क्या अब तुम डरे हो?” पादरी ने कहा कि उन्होंने साफ जवाब दिया कि वे डरने वाले नहीं हैं। इसके बाद एजेंट्स ने उन्हें हथकड़ी लगाकर SUV के पीछे डाल दिया।

पादरी का दावा है कि कार में बैठे हुए उनसे तीन बार पूछा गया कि क्या वे डर गए हैं। तीसरी बार जब उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें गिरफ्तार किया गया है, तो एजेंट्स ने उनका पहचान पत्र और मोबाइल माँगा और फिर कथित तौर पर कहा, “तुम गोरे हो, तुम्हारे साथ मजा नहीं आएगा।” इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

महिला की मौत के बाद सड़कों पर उतरा मिनियापोलिस

इस घटना से एक दिन पहले ICE की कार्रवाई के दौरान 37 वर्षीय महिला की गोली लगने से मौत हो गई थी। अधिकारियों का कहना है कि यह आत्मरक्षा में की गई फायरिंग थी, क्योंकि महिला कथित तौर पर एजेंट को अपनी गाड़ी से कुचलने की कोशिश कर रही थी।

हालाँकि मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे समेत कई स्थानीय नेताओं ने इस दावे को बकवास कहानी करार दिया है। महिला की मौत के बाद मिनियापोलिस की सड़कों पर बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ICE नस्लीय आधार पर कार्रवाई कर रहा है और अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है।

ट्रंप सरकार ने किया बचाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने ICE एजेंट का बचाव करते हुए कहा है कि फायरिंग आत्मरक्षा में की गई। ट्रंप ने इस मामले के लिए ‘रेडिकल लेफ्ट’ को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि पीड़िता ने एजेंट पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की थी। हालाँकि स्थानीय प्रशासन और डेमोक्रेटिक नेताओं का रुख सख्त है। मेयर जैकब फ्रे ने ICE एजेंट्स से राज्य छोड़ने तक को कह दिया है।