प्रशासन की पाबंदी के बाद भी घर को मदरसा बनाकर पढ़ी गई सामूहिक नमाज, हिंदू पक्ष पलायन को मजबूर: बरेली के मोहम्मदगंज गाँव में पुलिस तैनात

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मोहम्मदगंज गाँव में नमाज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासन द्वारा पाबंदी लगाने और मामला हाई कोर्ट में होने के बावजूद 14 फरवरी को एक मकान में दोबारा सामूहिक नमाज पढ़ी गई।

इसके बाद पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में कड़ी कार्रवाई की है। पूरे गाँव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर रखे हुए है और गाँव में फिलहाल शांति है।

विवाद की शुरुआत 17 जनवरी को हुई थी, जब हसीन मियाँ के घर को कथित तौर पर अवैध मदरसा बनाकर नमाज पढ़ते हुए कुछ लोग पकड़े गए थे। हिंदू पक्ष का आरोप है कि मुस्लिम समाज नई परंपरा शुरू कर रहा है और उन पर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे कुछ परिवार घर छोड़ने की बात कर रहे हैं।

वहीं, मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वे सालों से घरों में नमाज पढ़ते आए हैं और यह उनका अधिकार है। बता दें कि इस गाँव में दशकों पुराना समझौता है कि यहाँ न तो मंदिर बनेगा और न ही मस्जिद। फिलहाल मामला अदालत में है और पुलिस अधिकारियों ने पलायन की खबरों को खारिज किया है।