उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया, जिसमें पॉक्सो कोर्ट ने भारतीय वायुसेना (IAF) के कर्मी अनुराग शुक्ला को नाबालिग साली से छेड़छाड़ के आरोपों से ससम्मान बरी कर दिया है।
7 साल लंबी चली इस कानूनी जंग का अंत तब हुआ जब पीड़िता (साली) ने अदालत में कुबूल किया कि जीजा ने उसे छुआ तक नहीं था, बल्कि नींद की दवा के असर में उसे ‘सपना’ आया था कि कोई उसे दबोच रहा है और इसी भ्रम में उसने शोर मचा दिया था।
प्रॉपर्टी विवाद और झूठी FIR
यह मामला फरवरी 2019 का है। अनुराग की शादी के महज कुछ दिनों बाद ही उनकी साली ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। अनुराग का कहना है कि उनके ससुर उन पर प्रॉपर्टी पत्नी और साली के नाम करने का दबाव बना रहे थे।
मना करने पर साजिश के तहत उन पर केस दर्ज कराया गया। इस झूठे आरोप के कारण अनुराग को 19 दिन जेल में बिताने पड़े, उनकी सामाजिक बदनामी हुई और वायुसेना में उनका प्रमोशन भी रुक गया।
कोर्ट में पलटा बयान
ट्रायल के दौरान साली ने यू-टर्न लेते हुए बताया कि वह एंटीबायोटिक दवा खाकर सो रही थी और नशे की हालत में उसे भ्रम हुआ था। अनुराग के वकील करीम अहमद सिद्दीकी ने दलील दी कि यह पूरा मामला पारिवारिक विवाद और झूठे आरोपों पर टिका था।
कोर्ट ने पीड़िता और परिवार के नए बयानों के आधार पर अनुराग को निर्दोष पाया। हालाँकि, अनुराग बरी हो गए हैं, लेकिन 7 साल के मानसिक तनाव और करियर के नुकसान की भरपाई नामुमकिन है।

