उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित प्रसिद्ध बाँके बिहारी मंदिर में शनिवार (18 अक्टूबर 2025) को धनतेरस के शुभ दिन पर खजाने का कमरा लगभग 54 साल बाद खोला गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस घटना को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
क्यों बंद था कमरा और क्या मिला अंदर?
मंदिर के सेवायत आभास गोस्वामी ने बताया कि यह कमरा मंदिर के गर्भगृह के ठीक पास स्थित है। इसे करीब आधी सदी पहले सुरक्षा कारणों से बंद किया गया था, क्योंकि उस समय मंदिर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। इस कमरे में ठाकुर जी के दैनिक उपयोग की वस्तुएँ, जैसे ताँबे और चाँदी के बर्तन आदि सुरक्षित रखे जाते थे। सोने-चाँदी के छोटे आभूषण पहले ही स्टेट बैंक मथुरा में जमा करा दिए गए थे।
गोस्वामी ने बताया, “जब कमरे का ताला खोला गया, तो अंदर पानी और कीचड़ मिला। साथ ही, वहाँ चूहे भी दिखाई दिए।” शुरुआती जाँच में कमरे के अंदर कोई कीमती वस्तु नहीं मिली है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल कमरे के अंदर सफाई का काम तेजी से जारी है। मंदिर प्रशासन ने बताया कि हाई पावर कमिटी द्वारा भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। खजाने के कमरे की पूरी सफाई होने के बाद ही अंदर मौजूद वस्तुओं को श्रद्धालुओं और मीडिया को दिखाया जाएगा।

