सहारनपुर में पुजारी पर केस के बाद ब्राह्मण समाज का फूटा गुस्सा, भीम आर्मी पर मंदिर कब्जाने-उगाही का आरोप: सड़कों पर हनुमान चालीसा पाठ, बड़े आंदोलन की चेतावनी

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मंदिर के पुजारी पर पॉक्सो और SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज होने के बाद भारी बवाल हो गया है। भीम आर्मी के खिलाफ ब्राह्मण और सवर्ण समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने SSP दफ्तर घेरकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और निष्पक्ष जाँच की माँग की।

प्रदर्शनकारियों ने भीम आर्मी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। एक पंडित ने मंच से कहा कि यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश है। 45 साल के पुजारी विजय शास्त्री को झूठे केस में फँसाया गया है।

उनका आरोप है कि कुछ लोग मंदिर की कीमती संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं। वे पुजारी को डराकर वहाँ से भगाना चाहते हैं। जिस बच्ची का नाम लिया गया, वह मंदिर में खेलने आती थी। पुजारी सिर्फ बच्चों को प्रसाद दिया करते थे।

हनुमान चालीसा का पाठ और भारी जाम

गुस्साए लोगों ने शहर और देहात से बड़ा जुलूस निकाला। लोग भगवा दुपट्टा और तिलक लगाकर पहुँचे थे। SSP दफ्तर के बाहर भीड़ ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। पूरे इलाके में ‘जय श्रीराम’ के नारे गूँजते रहे। इस विरोध प्रदर्शन की वजह से सड़कों पर लंबा जाम लग गया। हालात को संभालने के लिए भारी पुलिस बल और PAC तैनात की गई। पूरा इलाका छावनी में बदल गया।

मंदिरों के कपाट बंद, समाज में भारी आक्रोश

इस घटना के विरोध में सहारनपुर के कई मंदिरों के कपाट बंद रखे गए। सवर्ण समाज के लोगों का कहना है कि अगर मंदिर में पूजा करने पर भी ऐसे झूठे मुकदमों का सामना करना पड़ेगा, तो कोई पुजारी कैसे सेवा करेगा। प्रदर्शन के दौरान वहाँ मौजूद कुछ भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को देखकर लोग और ज्यादा भड़क गए।

पैसे वसूलने का धंधा बनाने का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने भीम आर्मी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भीम आर्मी के कुछ ही लोग हैं जो हर जगह जाकर झूठे मुकदमे दर्ज करवाते हैं। इसके बाद वे फैसले के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं। वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के हथकंडों से पूरे देश में सवर्ण समाज को प्रताड़ित किया जा रहा है।

प्रशासन को अल्टीमेटम, जाँच की माँग

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है। पंडितों का दावा है कि प्रशासन ने निष्पक्ष जाँच का भरोसा दिया है। हालाँकि, उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर किसी दबाव में आकर गलत कार्रवाई हुई, तो पूरा समाज सड़कों पर उतरेगा और आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।