‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी’ वाले नारे लगाने वालों पर JNU प्रशासन की कार्रवाई, पुलिस से FIR दर्ज करने को लिखा पत्र: कहा- दिल्ली दंगा 2020 की छठी वर्षगाँठ के मौके पर हुई नारेबाजी

वामपंथी जड़ों वाली दिल्ली की जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (JNU) में पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक नारेबाजी के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वसंत कुंज पुलिस थाने को पत्र लिखकर BNS की संबंधित धाराओं के तहत नारेबाजी करने वाले छात्र-छात्राओं पर FIR दर्ज करने की माँग की है।

JNU के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने पुलिस को लिखे इस पत्र में लिखा कि 05 जनवरी 2025 की रात लगभग 10 बजे साबरमती हॉस्टल के बाहर छात्र संघ ने साल 2020 में JNU से जुड़े छात्रों द्वारा हिंसा की छठी वर्षगाँठ के अवसर पर A Night of Resistance with Guerilla Dhaba नाम से कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

JNU प्रशासन ने पुलिस को लिखा पत्र (फोटो साभार: Jagran.com)

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि इस कार्यक्रम में लगभग 30 से 35 छात्र-छात्राएँ शामिल हुए। इनमें नारेबाजी करने वालों में अदिति मिश्रा, गोपिका बाबू, सुनील यादव, दानिश अली, साद आजमी, महबूब इलाही, कनिश्क, पाकीजा खान, शुभम और अन्य छात्र-छात्राओं के नाम सामने आए हैं।

उधर, JNU के पूर्व छात्र दिल्ली दंगा 2020 के साजिशकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम की सुप्रीम कोर्ट में जमानत खारिज होने से कार्यक्रम का स्वरप ही बदल गया। कुछ छात्र-छात्राओं ने बेहद आपत्तिजनक, उत्तेजक और भड़काऊ नारे लगाने शुरू कर दिए।

इस घटनाक्रम को सुप्रीम कोर्ट की प्रत्यक्ष अवमानना बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा आपत्तिजनक नारे जानबूझकर लगाए गए थे, यह कोई अनजाने में हुई अभिव्यक्ति नहीं थी, बल्कि सचेत दुर्व्यवहार को दर्शाते हैं। विश्विद्यालय ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए गंभीर धाराओं में FIR दर्ज करने की पुलिस से माँग की।

गौरतलब है कि सोमवार (06 जनवरी 2026) को JNU से सामने आई वीडियो में छात्र-छात्राएँ ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी’ के नारे लगाते दिख रहे हैं। इसी मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस से FIR का अनुरोध किया है।