‘हिंदू महिलाओं के नंबर ₹10 में शहजाद को बेच रहा डिलीवरी बॉय इब्राहिम’: सोशल मीडिया पर वायरल Video में दावा, Amazon ने दी प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक डिलीवरी एजेंट इब्राहिम की असलियत पता लग रही है। वीडियो में वह कबूल कर रहा है कि वह हिंदू महिला कस्टमर के पर्सनल फोन नंबर किसी शहजाद को ₹10 में बेचता था, जिसके लिए उसे पैसे भी मिलते थे।

आरची तंडेवाल ने इस वीडियो को ‘एक्स’ पर शेयर किया है। वीडियो शेयर करते हुए वह अमेजॉन (Amazon) को टैग करती है और जवाबदेही माँगती हैं। उन्होंने माँग की कि या तो कंपनी इब्राहिम पर कोई एक्शन ले या फिर वह इस मामले में FIR दर्ज कराएँगी।

इस वीडियो को कई अन्य यूजर्स ने भी शेयर किया और मामले की कड़ी आलोचना की। कुछ लोग कह रहे हैं कि वे अब किसी मुस्लिम डिलीवरी एजेंट पर भरोसा नहीं करेंगे। कुछ लोग इसे TCS नासिक धर्मांतरण मामले से जोड़कर देख रहे हैं, जिसमें हिंदुओं को निशाना बनाया गया था।

उधर, अमेजॉन ने आर्ची तंडेवाल की इस पोस्ट के कमेंट बॉक्स पर जवाब देते हुए पूरी जानकारी पर्सनल डीएम में माँगी है। साथ ही कंपनी से रुहीना नाम की कस्टमर सपोर्ट को इस मामले का संज्ञान लेने की जिम्मेदारी दी है, जिसके बाद लोग इस मामले में पक्षपातपूर्ण रवैये के आरोप लगा रहे हैं। वहीं रुहीना ने आश्वासन दिया कि कंपनी इस मामले में 6 से 12 घंटे में जवाब देगी। लेकिन अमेजॉन के जवाब को 22 घंटे से ज्यादा बीतने को हैं, लेकिन अब तक मामले पर कोई एक्शन या दूरदर्शी हल नहीं निकाला गया है।

ऐसे मामलों से कैसे सुरक्षित रहें?

डिजिटल दौर में ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना, बाइक टैक्सी बुक करना और UPI पेमेंट करना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। लेकिन सुविधा के साथ सावधानी बरतना भी उतना ही जरूरी हो गया है।

जरूरत है कि लोग ऑनलाइन ऑर्डर, डिलीवरी और UPI पेमेंट के लिए अलग मोबाइल नंबर इस्तेमाल करें, ताकि निजी नंबर हर जगह शेयर न हो। या तो फिर आप अपने सेटिंग्स में जाकर नंबर को हाइड कर सकते हैं।

इसके अलावा हर जगह बिना जरूरत मोबाइल नंबर देने से बचना चाहिए। व्हाट्सप्प की प्राइवेसी सेटिंग्स भी मजबूत रखना जरूरी है, ताकि अनजान लोग आपकी प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन और दूसरी निजी जानकारी न देख सकें।

अगर किसी डिलीवरी एजेंट, राइडर या अनजान व्यक्ति की तरफ से लगातार कॉल या मैसेज आने लगें, तो तुरंत नंबर ब्लॉक करना चाहिए और संबंधित ऐप पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। मामला ज्यादा गंभीर लगे तो पुलिस और साइबर सेल से संपर्क करने में देर नहीं करनी चाहिए।

साइबर एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि किसी भी अनजान QR कोड को स्कैन करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। वहीं देर रात सफर के दौरान अपनी राइड डिटेल और लाइव लोकेशन परिवार या करीबी लोगों के साथ शेयर करना भी सुरक्षित माना जाता है।