पश्चिम बंगाल में TMC के जंगलराज का अंत, 2 साल के अवैध कब्जे से मुक्त हुआ अरण्यज स्कूल: खुशियों भरा वीडियो वायरल, बच्चों-स्टाफ को पीटकर किया था टीएमसी नेता ने कब्जा

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की लहर अब सुदूर गाँवों तक पहुँच गई है। बुधवार (6 मई 2026) को दक्षिण 24 परगना के झारखली थाना क्षेत्र के परबतिपुर में टीएमसी के स्थानीय नेताओं के दो साल से चले अवैध कब्जे से अरण्याज स्कूल मुक्त करा लिया गया। जैसे ही स्कूल का ताला टूटा, इलाके के बच्चों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी

ऑपइंडिया से बातचीत में अरण्यज ग्रुप से जुड़े अभिजीत मुखर्जी ने बताया, “साल 2023 में अमृता बोस गुप्ता द्वारा शुरू किया गया यह फ्री इंग्लिश मीडियम स्कूल गरीब बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण का केंद्र था। जुलाई 2024 में टीएमसी के स्थानीय नेताओं ने इसे छीन लिया था। अब दो साल बाद स्कूल वापस मिलने पर पूरे परबतिपुर में उत्सव का माहौल है।” उन्होंने बताया कि इस स्कूल में शुरु में करीब 60 बच्चे थे, लेकिन इसके बाद स्कूल पर कब्जा हो गया था।

दरअसल, 8 जुलाई 2024 की सुबह स्कूल पर टीएमसी नेता और झारखली के उप-प्रधान दिलीप मंडल के नेतृत्व में बदमाशों ने हमला किया। उन्होंने बिजली और सीसीटीवी तार काट दिए। हमें नींद से घसीटकर बाहर निकाला, कपड़े फाड़े, गालियाँ दीं और मोबाइल छीन लिए। महिलाओं ने भी कपड़े खींच लिए। यही नहीं, उन्होंने लोगों को धमकाया कि अगर नहीं भागे तो मारकर लाश छिपा देंगे, किसी को पता नहीं चलेगा।

इस मामले में पुलिस ने दिसंबर 2024 में चार्जशीट दाखिल की जिसमें दिलीप मंडल, परिमल मंडल, धनंजय मंडल समेत आठ आरोपी नामजद हैं। फिर भी टीएमसी शासन में कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बहरहाल, अब सत्ता बदलने के साथ स्कूल मुक्त हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बच्चे और ग्रामीण स्कूल की सफाई करते और तिरंगा फहराते दिख रहे हैं। अमृता बोस गुप्ता की मेहनत फिर से फलने-फूलने की राह पर है।