पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में मेडिकल कॉलेज की छात्रा से गैंगरेप के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने मंगलवार (14 अक्टूबर 2025) को पीड़िता के 23 वर्षीय दोस्त वासिफ अली को गिरफ्तार कर लिया है, जो घटना के वक्त उसके साथ था। सबसे अहम बात यह है कि पश्चिम बंगाल पुलिस अब कह रही है कि यह गैंगरेप नहीं बल्कि एक ही व्यक्ति द्वारा रेप का मामला हो सकता है।
मालदा का रहने वाला वासिफ अली घटना के अगले दिन ही 11 अक्टूबर को ही हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने उससे कई दिनों तक पूछताछ की और मंगलवार की शाम उसे गिरफ्तार कर लिया।
10 अक्टूबर की शाम यह कथित घटना तब हुई जब IQ सिटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की सेकेंड ईयर की छात्रा अपने दोस्त वासिफ अली के साथ टहलने निकली थी। उसी दौरान पाँच लोगों ने उसे सुनसान इलाके में घसीटकर गैंगरेप किया।
पुलिस ने पहले ही पाँचो आरोपियों आपू बाउरी, शेख फिरदौस, शेख रियाजुद्दीन, शेख नासिरुद्दीन और शेख शफीकुल को गिरफ्तार कर लिया था। बताया जा रहा है कि ये सभी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े हुए हैं।
इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(1) (गैंगरेप) और 3(5) (साझे इरादे से अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया था। वासिफ से पुलिस ने ये जानने के लिए पूछताछ की थी कि जब लड़की पर हमला हुआ तो वह मौके से भाग क्यों गया। अब उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
अब पुलिस का कहना है कि यह मामला गैंगरेप का नहीं है बल्कि इसमें एक ही व्यक्ति के शामिल होने की आशंका है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता, उसके दोस्त और गिरफ्तार आरोपियों के बयानों में भारी विरोधाभास हैं। मेडिकल रिपोर्ट और बयान दोनों में समानता ना होने के चलते जाँच और पेचीदा हो गई है।
पहले लड़की ने बताया था कि उसे तीन लोग खींचकर ले गए और उनमें से एक ने रेप किया। बाद में उसने बयान बदला और कहा कि पाँच लोगों ने गैंगरेप किया।
CCTV फुटेज ने बढ़ाई उलझन
सीसीटीवी फुटेज भी घटना के बयान से मेल नहीं खा रही। वीडियो के मुताबिक, लड़की और वासिफ दोनों शाम 7:54 बजे कॉलेज कैंपस से बाहर निकले। वासिफ 8:42 पर अकेला लौट आया, फिर 8:48 पर दोबारा गया और 9:29 पर लड़की के साथ लौटा। वीडियो में लड़की सामान्य हालत में दिखाई दे रही है, उसके कपड़े भी सही थे। उसने कैंपस में किसी से मदद भी नहीं माँगी थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “अगर किसी महिला को जंगल में घसीटकर गैंगरेप किया गया होता, तो कुछ न कुछ सबूत जरूर नजर आते लेकिन वीडियो में ऐसा कुछ नहीं दिखता।”
पुलिस ने कहा- रेप में शामिल केवल एक शख्स
आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस कमिश्नर सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि पीड़िता का दोस्त वासिफ अली संदिग्ध है और अब तक मिले सबूत बताते हैं कि इसमें केवल एक व्यक्ति शामिल था, कई नहीं थे। उन्होंने बताया कि बाकी पाँच गिरफ्तार लोगों की भूमिका की जाँच अब भी जारी है लेकिन फिलहाल के मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट्स बताती हैं कि गैंगरेप नहीं हुआ था।
उन्होंने कहा कि घटना वाली रात पीड़िता और उसके दोस्त द्वारा पहने गए कपड़े जब्त कर लिए गए हैं और सभी आरोपियों का DNA टेस्ट किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, शिकायत रात 1:05 बजे दर्ज की गई थी। इसके तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुँची और अगले दिन दोपहर में अस्पताल प्रशासन ने भी लिखित शिकायत दी।
कमिश्नर चौधरी ने कहा, “हमने पीड़िता और उसके दोस्त के अलावा उस रात मौजूद सभी पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। हमने उनके कपड़े जब्त कर लिए हैं और मौके का निरीक्षण पीड़िता के दोस्त के साथ किया गया है। अब तक मिले सबूतों और बयानों के आधार पर यह साफ है कि केवल एक व्यक्ति ने रेप किया था, बाकी की भूमिका जांच में है।”
उन्होंने कहा कि जाँच जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। पीड़िता के दोस्त से भी पूछताछ की जा रही है और उसकी भूमिका भी जल्द सामने आ जाएगी।
पीड़िता के पिता ने 11 अक्टूबर को मामले की शिकायत दर्ज कराई थी और उन्होंने अपने बयान में बेटी के सहपाठी को भी संदिग्ध बताया था। उन्होंने कहा था, “मुझे यकीन है कि मेरी बेटी के दोस्त का इसमें कोई न कोई हाथ है। वही उसे बाहर ले गया था। यह सब पहले से प्लान किया गया हो सकता है।”
परिवार का कहना है कि लड़की बाहर नहीं जाना चाहती थी लेकिन वासिफ ने उसे डिनर पर चलने के लिए राजी किया। हालाँकि, जब हमलावरों ने घेरा तो वासिफ भाग खड़ा हुआ। वहीं, हमलावरों द्वारा छीना गया पीड़िता का मोबाइल फोन भी अब बरामद कर लिया गया है।
TMC ने पीड़िता पर ही आरोप लगाए
मामला ने अब राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है। पुलिस की जाँच पूरी हुए बिना ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पीड़िता पर झूठ बोलने का आरोप लगा दिया है। जबकि पुलिस ने सिर्फ इतना कहा है कि यह शायद गैंगरेप नहीं बल्कि एक शख्स द्वारा रेप का मामला है, TMC के प्रदेश महासचिव नीलांजन दास ने दावा किया कि लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड वासिफ अली को बचाने के लिए गैंगरेप की कहानी गढ़ी। उन्होंने कहा, “प्रेमी वासिफ अली को स्थानीय लुटेरों से बचाने के लिए ‘गैंगरेप’ की कहानी गढ़ी गई थी।”
Khabar 365 update on #Durgapur case – “gangrape” story was fabricated to save the boyfriend, Wasif Ali, from local robbers. pic.twitter.com/cQFMrdgEaB
— Nilanjan Das (@NilanjanDasAITC) October 14, 2025
नीलांजन दास ने ‘खबर 365 दिन’ नामक पोर्टल की एक रिपोर्ट साझा की, जिसमें दावा किया गया कि लड़की अपने बॉयफ्रेंड के साथ जंगल में शारीरिक संबंध बनाने गई थी। इसमें कहा गया है कि उसी दौरान कुछ नशे में धुत लोग उन्हें नग्न अवस्था में देख लेते हैं और लूटपाट करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि लड़की ने फोन वापस पाने के लिए ‘झूठा गैंगरेप केस’ दर्ज कराया।
पहले की पाँच गिरफ्तारियाँ
इससे पहले पुलिस ने पाँच स्थानीय लोगों शेख शफीकुल (30), शेख नासिरुद्दीन (23), आपू बाउरी (21), फिर्दोस शेख (23) और शेख रियाजुद्दीन (31) को फोन कॉल रिकॉर्ड और सबूतों के आधार पर पकड़ा था। ये सभी पास के गाँवों के दिहाड़ी मजदूर हैं। इनमें से दो को 9 दिन की पुलिस रिमांड और बाकी तीन को 10 दिन की रिमांड पर भेजा गया था।
यह मामला अब पश्चिम बंगाल और ओडिशा की राजनीति में भी विवाद का मुद्दा बन गया है, क्योंकि पीड़िता ओडिशा की रहने वाली है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने पीड़िता के पिता से बात की और हर तरह की कानूनी मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।”

