फिल्म धुरंधर की रिलीज से ठीक एक दिन पहले अभिनेत्री यामी गौतम धर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फिल्म इंडस्ट्री में चल रहे पेड प्रचार और नेगेटिव कैंपेन की तीखी आलोचना की। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग पैसे न मिलने पर फिल्मों के खिलाफ लगातार नेगेटिव बातें फैलाते हैं, जो एक तरह का एक्सटॉर्शन है। यामी के अनुसार यह टर्माइट जैसी संस्कृति पूरी इंडस्ट्री को खोखला कर रही है और इसे तुरंत रोकने की जरूरत है।
यामी ने क्यों खोली फर्जी कैंपेनर्स की पोल?
यामी ने बताया कि यह ट्रेंड फिल्म रिलीज से पहले ही नकली हाइप या कृत्रिम आलोचना तैयार करता है, जिससे सच्चाई और वास्तविक प्रतिक्रिया दब जाती है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि कई फिल्मों के बॉक्स ऑफिस नंबर भी गलत बताए जाते हैं। वही साउथ की फिल्म इंडस्ट्री की एकता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ ऐसी प्रथाएँ चल ही नहीं सकतीं।
यामी ने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जब उनके पति और निर्देशक आदित्य धर की फिल्म धुरंधर 5 दिसंबर 2025 को रिलीज होने जा रही है। रणवीर सिंह, संजय दत्त और आर माधवन जैसे सितारों से सजी यह स्पाई-थ्रिलर हाल के हफ्तों में कई विवादों में घिरी रही।
There is something iv been wanting to express since really long, I feel today is that day & I must .
— Yami Gautam Dhar (@yamigautam) December 4, 2025
This so called trend of giving money, in the disguise of marketing a film, to ensure good ‘hype’ for a film is created or else ‘they’ will continuously write negative things…
मेजर मोहित शर्मा के परिवार ने फिल्म पर उनके बेटे के जीवन और गोपनीय मिशनों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हालाँकि CBFC ने समीक्षा के बाद फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट देते हुए क्लियर कर दिया।
More than anything , the golden thing that gets lost and leaves them and all of us impoverished is the journalists true voice , a chance for them to inform all the creative forces behind a movie what they felt , thought , what they applaud and criticise. Only true opinions have…
— Hrithik Roshan (@iHrithik) December 4, 2025
यामी के बयान को अभिनेता ऋतिक रोशन ने भी समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि पेड नैरेटिव्स से सबसे ज्यादा नुकसान पत्रकारों की सच्ची आवाज को होता है, जो फिल्मों के विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि ‘बिना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के कोई भी कैसे आगे बढ़ सकता है?’
यामी ने अंत में अपील की कि पूरी इंडस्ट्री को मिलकर इस कल्चर को खत्म करना होगा ताकि दर्शक बिना किसी प्रभाव के फिल्मों का मूल्यांकन कर सकें और फिल्म बनाने की मूल खुशी बरकरार रह सके।

