‘दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी बर्दाश्त नहीं, नालायक औलादों को समझाएँ मौलाना-मौलवी’: CM योगी, बिजनौर में कहा- ‘खर-दूषण’ सामने हो तो शस्त्र उठाना जरूरी

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सोमवार (1 जून 2026) को आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद की हालिया हिंसक घटना का कड़ा संज्ञान लिया। पाकिस्तान से आए विस्थापितों को भूमिधरी अधिकार प्रमाण पत्र वितरित करने पहुँचे सीएम योगी ने मंच से साफ चेतावनी दी कि सूबे में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सूर्या प्रताप चौहान और असद से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए अपराधियों और उनके संरक्षकों को सख्त लहजे में संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने अपराधियों की मानसिकता पर प्रहार करते हुए कहा, “दोस्ती की आड़ में अब छुरेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नालायक औलादों को सबक सीखना होगा। अगर कोई अपनी नालायक औलाद को नहीं समझा रहा है तो वह बहुत बड़ी गलती कर रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि अहिंसा और मानवता समाज के आभूषण हैं, लेकिन जब व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी करने वाली ताकतें हों, तब उनके मुकाबले के लिए आवश्यक कदम उठाना जरूरी है। शस्त्र उठाना होगा अगर सामने खर-दूषण हो, क्योंकि करुणा मनुष्यों के लिए होती है, खर-दूषणों के लिए नहीं।

अपने संबोधन में सीएम योगी ने कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं के दोहरे चरित्र पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “आज मौलाना और मौलवी गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए ज्ञापन दे रहे हैं। गाय तो हमारी माता है, वह पशु नहीं है। पशु तो ऐसे लोगों की बुद्धि है जो ऐसी माँग कर रहे हैं। मौलाना और मौलवी अपने शोहदों को समझाएँ, अगर वे नहीं माने तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।” उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इनके पाले हुए तत्वों ने बकरीद पर गाय की फोटो वाले मेसेज प्रसारित किए, जो इनका दोगलापन दिखाता है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये लोग कभी पाकिस्तान और बांग्लादेश की प्रताड़ना की निंदा नहीं करते और न ही जुमे की नमाज में इसकी घोषणा करते हैं। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के अनुरूप सभी वर्गों को बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन बहुसंख्यक समाज और कानून का पालन करने वाले नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।