Wednesday, October 28, 2020
Home विचार सामाजिक मुद्दे लड़की के परिवार वाले और हत्या: आमिर खान की फिल्म से लेकर 'ऑनर किलिंग'...

लड़की के परिवार वाले और हत्या: आमिर खान की फिल्म से लेकर ‘ऑनर किलिंग’ पर अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट तक

हाथरस मामले में अब पुलिस सूत्रों को पता चल रहा है कि दोनों परिवारों में पहले से रंजिश चली आ रही थी। इसके बाद भी पिछले कुछ दिनों में ही दोनों परिवारों के दो लोग 100 बार एक दूसरे से फोन पर बातचीत कर रहे थे।

क़यामत से क़यामत तक फिल्म का नाम बदल कर रखा गया था। जब ये बननी शुरू हुई थी तो इसका नाम “नफरत के वारिस” रखा गया था। मंसूर खान की निर्देशक के रूप में और आमिर खान की फ़िल्मी हीरो के तौर पर तो ये पहली फिल्म थी ही, साथ ही चीन में रिलीज़ होने वाली आमिर खान की पहली फिल्म भी यही थी। इसी साल “तेज़ाब” और “शहंशाह” भी आई थी इसलिए 1988 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में ये तीसरे नंबर पर रही। फिल्म के गाने भी अच्छे खासे प्रसिद्ध हुए थे और कुछ तो अब भी गुनगुना लिए जाते हैं।

जैसे लोग ये फिल्म बना रहे थे, उसमें ये किधर झुकाव को बढ़ावा दे रही होगी, ये समझना कोई मुश्किल नहीं है। इसमें कुछ ठाकुरों (राजपूतों) को दिखाया जाता है, जो किसी गाँव में रहते हैं। जमींदारी प्रथा के सदियों पहले ख़त्म होने के बाद भी ये जैसे-तैसे खेती करके गुजारा करने वाले लोग नहीं बल्कि बड़े जमींदार हैं। एक परिवार की लड़की का प्रेम प्रसंग दूसरे परिवार के युवक से चल रहा होता है, और युवती गर्भवती हो जाती है।

लड़का शादी से इंकार करता है, लड़की आत्महत्या करती है और लड़की के परिवार का एक व्यक्ति उस लड़के की हत्या कर डालता है। हत्या के आरोप में वो जेल भी जाता है, परिवारों में दुश्मनी भी शुरू हो जाती है और जैसा की आम नैरेटिव होना चाहिए, बिल्कुल वैसे ही इन परिवारों की महिलाओं को किसी फैसले में अपनी राय देने या फैसला लेने की इजाजत भी नहीं होती। जिस लड़की ने आत्महत्या की थी, उस परिवार का लड़का जब बड़ा होता है तो उसका प्रेम प्रसंग दूसरे परिवार की लड़की से शुरू हो जाता है।

जिसके पिता ने बरसों पहले उनके परिवार के एक नौजवान की हत्या की थी, उसी लड़के से भला वो लड़की की शादी करवाने को क्यों तैयार होते? झगड़े के फिर से बढ़ने की एक नई वजह शुरू हो जाती है। परिवारों के शादी के विरुद्ध होने पर लड़का लड़की घर से भाग जाते हैं। लड़की के परिवार वाले लड़के की हत्या के लिए किराए के गुंडे लाते हैं। फिल्म के अंत का सबको पता ही होगा, लड़के को बचाते हुए लड़की मारी जाती है और उसके गम में लड़का आत्महत्या कर लेता है। इस फिल्म के प्रचार के लिए आमिर खान ने एक नए तरीके का इस्तेमाल किया था।

उनका चेहरा पहले ही जाना पहचाना नहीं था ऊपर से उन्होंने बिना चेहरे वाले पोस्टर कई जगह लगवाए। इन पर जो प्रचार की लाइन थी, वो कहती थी “आमिर खान कौन है? पड़ोस वाली लड़की से पूछो!” अब अगर फिल्म के जरिए गढ़े गए नैरेटिव पर आएँ तो सबसे पहले “ऑनर किलिंग” को देखना होगा। ये भारतीय समाज के लिए 1980-90 के दौर में कोई समस्या नहीं थी। उस दौर में ना तो इस तरह की ज्यादा घटनाएँ सुनाई देती थीं, ना ही होती थीं।

जिन समुदायों में आज भी ये समस्या है, उसमें “राजपूताना” कहलाने वाला क्षेत्र काफी पीछे आएगा। भारत के बाहर देखें तब जरूर ये समस्या विश्वव्यापी लगने लगती है। गज़ाला खान की हत्या के प्रकरण में 2005 में डेनमार्क में ऐसा एक मामला प्रकाश में आया था, जिसमें पाकिस्तानी मूल के परिवार ने गज़ाला खान की हत्या कर दी थी। फ़िनलैंड में ऐसा एक मामला 2015 में पहली बार सामने आया, जिसमें इराकी मूल के लोगों को सजा हुई और दोबारा इसी किस्म के एक मामले में 2019 में भी एक इराकी ही पकड़ा गया था।

कई इस्लामिक मुल्कों में ऐसे मामले प्रकाश में आते रहे हैं और ये सब अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के भी विषय रहे हैं। पाकिस्तान में ऐसी हत्याओं के लिए बाकायदा “कारो-कारी” लफ्ज़ इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे मुद्दों पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ पाकिस्तान के कई मानवाधिकार कार्यकर्त्ता, लम्बे समय से काम भी करते आ रहे हैं। बीबीसी की रिपोर्टों की मानें तो सिर्फ 1999 से 2004 के बीच इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ पाकिस्तान में “ऑनर किलिंग” के कम से कम 4000 मामले हुए थे।

इस किस्म के मामलों पर अभी ध्यान इसलिए चला जाता है क्योंकि हाथरस मामले में अब पुलिस सूत्रों को पता चल रहा है कि दोनों परिवारों में पहले से रंजिश चली आ रही थी। इसके बाद भी पिछले कुछ दिनों में ही दोनों परिवारों के दो लोग 100 बार एक दूसरे से फोन पर बातचीत कर रहे थे। डकैती-हत्या जैसे हिंसक अपराधों के मामले में अक्सर ऐसा पाया जाता है कि अपराधी किसी फिल्म से प्रेरित होकर उसकी नक़ल करने निकले होते हैं।

“क़यामत से क़यामत तक” जैसी फिल्मों के जरिए सेट किया गया नैरेटिव भी कहता है कि अक्सर ऐसे मामलों में लड़की के परिवार वाले ही हत्या में शामिल होते हैं। शायद वक्त आ गया है जब हम स्थापित नैरेटिव पर सवाल उठा कर देखें। बाकी जब कहते हैं कि फ़िल्में समाज का आइना होती हैं तो वो कितना सच होता है, ये तो सोचना ही चाहिए। फ़िल्मी हीरो-हीरोइन के स्टाइल के बालों का कट या कपड़ों का स्टाइल समाज को कॉपी करते तो देखा ही होगा। सच में फ़िल्में समाज का आइना है या समाज फिल्मों के आईने सा होता है?

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Anand Kumarhttp://www.baklol.co
Tread cautiously, here sentiments may get hurt!

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुंगेर हत्याकांड: दो वीडियो जो बताते हैं कि गोली कब चली और लगातार कितनी चली

इसका एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस फोर्स की टीम दौड़ती हुई नजर आती है और फिर गोलियों की आवाज सुनाई देती है।

हंसा रिसर्च ने ET की रिपोर्ट का नकारा, कहा- रिपब्लिक के साथ कोई बिजनेस डील नहीं, मुंबई पुलिस द्वारा फैलाया गया ‘सफेद झूठ’

“हंसा रिसर्च में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि रिपब्लिक टीवी के साथ इसका कोई व्यापारिक लेन-देन नहीं हुआ है और न ही चैनल को कोई भुगतान किया गया है और न ही इसे चैनल से प्राप्त किया गया है।"

‘थाना प्रभारी रंजीत मंडल ने इंजीनियर आशुतोष पाठक के कपड़े उतारे, की बर्बरता’: हत्या का मामला दर्ज, किए गए सस्पेंड

एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच हो, इसीलिए थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया गया। पुलिस ने अपनी 'डेथ रिव्यू रिपोर्ट' में आशुतोष के शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि की है।

नूँह कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद हैं निकिता के हत्यारे तौसीफ के चाचा, कहा- हमें नहीं थी हथियार की जानकारी

कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA और पूर्व मंत्री खुर्शीद अहमद निकिता के हत्यारे के चचेरे दादा लगते हैं। इसी तरह वर्तमान में मेवात के नूँह से कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद उसके चाचा हैं।

मोदी को क्लीन चिट देने पर दिल्ली में बैठे विरोधियों ने किया था उत्पीड़न: CBI के पूर्व निदेशक का खुलासा

"उन्होंने मेरे खिलाफ याचिकाएँ दायर कीं, मुझ पर CM का पक्ष लेने का आरोप लगाया। टेलीफोन पर मेरी बातचीत की निगरानी के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग भी किया"

जौनपुर की जामा मस्जिद में मिस्र शैली की नक्काशी है या अटाला देवी मंदिर के विध्वंस की छाप?

सुल्तान ने निर्देश दिए थे कि अटाला देवी मंदिर को तोड़कर उसकी जगह मस्जिद की नींव रखी जाए। 1408 ई में मस्जिद का काम पूरा हुआ। आज भी खंबों पर मूर्ति में हुई नक्काशी को ध्वस्त करने के निशान मिलते हैं।

प्रचलित ख़बरें

अपहरण के प्रयास में तौसीफ ने निकिता तोमर को गोलियों से भूना, 1 माह पहले ही की थी उत्पीड़न की शिकायत

तौसीफ ने छात्रा पर कई बार दोस्ती और धर्मांतरण के लिए दबाव भी बनाया था। इससे इनकार करने पर तौसीफ ने 2018 में एक बार निकिता का अपहरण भी कर लिया था।

निकिता तोमर हत्याकांड: तौसीफ के बाद अब रेवान भी गिरफ्तार, भाई ने कहा- अगर मुस्लिम की बेटी होती तो सारा प्रशासन यहाँ होता

निकिता तोमर की माँ ने कहा है कि जब तक दोषियों का एनकाउंटर नहीं किया जाता, तब तक वो अपनी बेटी का अंतिम-संस्कार नहीं करेंगी।

IAS अधिकारी ने जबरन हवन करवाकर पंडितों को पढ़ाया ‘समानता का पाठ’, लोगों ने पूछा- मस्जिद में मौलवियों को भी ज्ञान देंगी?

क्या पंडितों को 'समानता का पाठ' पढ़ाने वाले IAS अधिकारी मौलवियों को ये पाठ पढ़ाएँगे? चर्चों में जाकर पादिरयों द्वारा यौन शोषण की आई कई खबरों का जिक्र करते हुए ज्ञान देंगे?

मदद की अपील अक्टूबर में, नाम लिख लिया था सितम्बर में: लोगों ने पूछा- सोनू सूद अंतर्यामी हैं क्या?

"मदद की गुहार लगाए जाने से 1 महीने पहले ही सोनू सूद ने मरीज के नाम की एक्सेल शीट तैयार कर ली थी, क्या वो अंतर्यामी हैं?" - जानिए क्या है माजरा।

‘मुस्लिम बन जा, निकाह कर लूँगा’: तौसीफ बना रहा था निकिता पर धर्मांतरण का दबाव- मृतका के परिवार का दावा

तौसीफ लड़की से कहता था, 'मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे' मगर जब लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।

जब रावण ने पत्थर पर लिटा कर अपनी बहू का ही बलात्कार किया… वो श्राप जो हमेशा उसके साथ रहा

जानिए वाल्मीकि रामायण की उस कहानी के बारे में, जो 'रावण ने सीता को छुआ तक नहीं' वाले नैरेटिव को ध्वस्त करती है। रावण विद्वान था, संगीत का ज्ञानी था और शिवभक्त था। लेकिन, उसने स्त्रियों को कभी सम्मान नहीं दिया और उन्हें उपभोग की वस्तु समझा।
- विज्ञापन -

मुंगेर हत्याकांड: चश्मदीदों ने दो थाना प्रभारियों पर लगाया आरोप, बताया पूरा घटनाक्रम

एक वीडियो सामने आया है, जिसमें चश्मदीद मीडिया के जरिए अपनी बात रख रहे हैं। इसमें उन्होंने बासुदेवपुर थाना प्रभारी शिशिर कुमार सिंह और मुफस्सिल थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार सिंह पर आरोप लगाया है।

J&K में नया भूमि कानून लागू होते ही विपक्षी नेताओं ने शुरू किया ‘विलाप’, किसी ने कहा- ‘अस्वीकार्य’ तो कोई ‘हाईवे डाका’

"जम्मू-कश्मीर में जमीन के मालिकाना हक के कानून में जो बदलाव किए गए हैं, वो अस्वीकार्य हैं। अब तो बिना खेती वाली जमीन के लिए स्थानीयता का सबूत भी नहीं देना है।"

मुंगेर हत्याकांड: दो वीडियो जो बताते हैं कि गोली कब चली और लगातार कितनी चली

इसका एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस फोर्स की टीम दौड़ती हुई नजर आती है और फिर गोलियों की आवाज सुनाई देती है।

हंसा रिसर्च ने ET की रिपोर्ट का नकारा, कहा- रिपब्लिक के साथ कोई बिजनेस डील नहीं, मुंबई पुलिस द्वारा फैलाया गया ‘सफेद झूठ’

“हंसा रिसर्च में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि रिपब्लिक टीवी के साथ इसका कोई व्यापारिक लेन-देन नहीं हुआ है और न ही चैनल को कोई भुगतान किया गया है और न ही इसे चैनल से प्राप्त किया गया है।"

चाय स्टॉल पर शिवसेना नेता राहुल शेट्टी की 3 गोली मारकर हत्या, 30 साल पहले पिता के साथ भी यही हुआ था

वारदात से कुछ टाइम पहले राहुल शेट्टी ने लोनावला सिटी पुलिस स्टेशन में अपनी जान को खतरा होने की जानकारी पुलिस को दी थी।

‘थाना प्रभारी रंजीत मंडल ने इंजीनियर आशुतोष पाठक के कपड़े उतारे, की बर्बरता’: हत्या का मामला दर्ज, किए गए सस्पेंड

एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच हो, इसीलिए थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया गया। पुलिस ने अपनी 'डेथ रिव्यू रिपोर्ट' में आशुतोष के शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि की है।

नूँह कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद हैं निकिता के हत्यारे तौसीफ के चाचा, कहा- हमें नहीं थी हथियार की जानकारी

कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA और पूर्व मंत्री खुर्शीद अहमद निकिता के हत्यारे के चचेरे दादा लगते हैं। इसी तरह वर्तमान में मेवात के नूँह से कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद उसके चाचा हैं।

महिलाओं की ही तरह अकेले पुरुष अभिभावकों को भी मिलेगी चाइल्ड केयर लीव: केंद्र सरकार का फैसला

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि जो पुरुष सरकारी कर्मचारी हैं और बच्चे का पालन अकेले कर रहे हैं, उन्हें अब चाइल्डकेयर लीव दी जाएगी।

फेक TRP स्कैम में मुंबई पुलिस द्वारा गवाहों पर दबाव बनाने वाले ऑपइंडिया के ऑडियो टेप स्टोरी पर CBI ने दी प्रतिक्रिया

कॉल पर पड़ोसी से बात करते हुए व्यक्ति बेहद घबराया हुआ प्रतीत होता है और बार-बार कहता है कि 10-12 पुलिस वाले आए थे, अगर ऐसे ही आते रहे तो.....

हाफिज सईद के बहनोई से लेकर मुंबई धमाकों के आरोपितों तक: केंद्र ने UAPA के तहत 18 को घोषित किया आतंकी

सरकार द्वारा जारी इस सूची में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी भी शामिल हैं। इसमें 26/11 मुंबई हमले में आरोपित आतंकी संगठन लश्कर का यूसुफ मुजम्मिल, लश्कर चीफ हाफिज सईद का बहनोई अब्दुर रहमान मक्की...

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
79,365FollowersFollow
339,000SubscribersSubscribe