कॉन्ग्रेस में भगदड़ जारी: 13वाँ तेलंगाना विधायक टूटा, भाजपा में शामिल

पूर्व सांसद वी हनुमंत राव ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि पार्टी की ओर से विधान परिषद सदस्यता, विधायकी और साँसदी पाने वाले राजगोपाल रेड्डी ने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी से रेड्डी के परिवार को कई फायदे मिले हैं, इसके बावजूद वह पार्टी से असंतुष्ट हैं।

लोकसभा के नतीजे आने के बाद से कॉन्ग्रेस में जारी दलबदल थमने का नाम नहीं ले रही है। देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी को ताज़ा झटका तेलंगाना राज्य से लगा है। दिसंबर में हुए विधानसभा निर्वाचन में केवल 18 विधायक पाने वाली कॉन्ग्रेस में से पहले ही 12 विधायक तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो चुके हैं। अब एक और विधायक ने भाजपा का दामन थामने की घोषणा की है।

मुनुगोडे के विधायक हैं केआर रेड्डी, ‘कॉन्ग्रेस का भविष्य नहीं’

भाजपा में शामिकल होने वाले कोमाटीरेड्डी राजगोपाल रेड्डी से पहले पार्टी छोड़ने वाले 12 विधायक टीआरएस में शामिल हुए थे। एक खेप में हुई टूट के चलते उन्हें दलबदल कानून के अंतर्गत अपनी विधानसभा सदस्यता भी नहीं गँवानी पड़ी। और अब रेड्डी के जाने के बाद 119 सदस्यीय विधानसभा में कॉन्ग्रेस के केवल 5 ही विधायक बचेंगे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कल (सोमवार) को रेड्डी ने दिल्ली में भाजपा नेतृत्व से मुलाकात कर पार्टी में शामिल होने की बाद की है।

स्थानीय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने शनिवार को ही कहा था कि प्रदेश में कॉन्ग्रेस का कोई भविष्य नहीं है, और केवल भाजपा ही केसीआर के नेतृत्व वाली टीआरएस को चुनौती देने की क्षमता रखती है। उनका यह बयान इसके बावजूद है कि भाजपा गत विधानसभा में केवल एक विधायक पहुँचा पाने में कामयाब रही थी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ करते हुए उन्हें मजबूत नेता और क्रांतिकारी फैसले लेने वाला बताया, वहीं कॉन्ग्रेस नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस तेलंगाना और दिल्ली में लोगों का दिल जीत पाने में नाकाम रही है।

जिसे भाजपा में ले जाने की कोशिश की, वह कॉन्ग्रेस से सौदेबाजी पर उतरा

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कोमाटीरेड्डी राजगोपाल रेड्डी न केवल खुद कॉन्ग्रेस छोड़ने की तैयारी में हैं, बल्कि उन्होंने एक और विधायक टी जयप्रकाश रेड्डी को भी साथ ले जाने की कोशिश की थी। संगारेड्डी से विधायक जयप्रकाश के मुताबिक उन्होंने अभी ‘मन नहीं बनाया है।’ बकौल जयप्रकाश, “यह सच है कि राजगोपाल रेड्डी ने रविवार को मुझसे बात की थी लेकिन मैं यह नहीं बताना चाहता कि हमारे बीच क्या बात हुई।” लेकिन साथ ही उन्होंने एक तरह से सौदेबाजी की मुद्रा अपनाते हुए खुद को प्रदेश कॉन्ग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की माँग सम्पुट के तौर पर लगा दी है। “मैं हाईकमांड से अनुरोध करता हूँ कि मुझे प्रदेश कॉन्ग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाए। मैं पार्टी की प्रतिक्रिया के आधार पर निर्णय लूँगा।”

प्रदेश कॉन्ग्रेस समिति की अनुशासन समिति ने गाँधी भवन में पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर रेड्डी के निष्कासन की माँग की है। पूर्व सांसद वी हनुमंत राव ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि पार्टी की ओर से विधान परिषद सदस्यता, विधायकी और साँसदी पाने वाले राजगोपाल रेड्डी ने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी से रेड्डी के परिवार को कई फायदे मिले हैं, इसके बावजूद वह पार्टी से असंतुष्ट हैं।

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नितिन गडकरी
गडकरी का यह बयान शिवसेना विधायक दल में बगावत की खबरों के बीच आया है। हालॉंकि शिवसेना का कहना है कि एनसीपी और कॉन्ग्रेस के साथ मिलकर सरकार चलाने के लिए उसने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।

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