Monday, April 15, 2024
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बांग्ला फ़िल्म ‘भोबिश्योतिर भूत’ की स्क्रीनिंग रद्द, ममता के ख़िलाफ़ धरना प्रदर्शन

बता दें कि फ़िल्म 'भोबिश्योतिर भूत' शुरुआत से ही विवादों का सामना कर रही है। फ़िल्म के निर्देशक अनिक दत्ता और सह-निर्माता इंदिरा उन्नीनार ने हाल ही में धमकी मिलने का दावा भी किया था।

पश्चिम बंगाल में निर्देशक अनिक दत्ता की फिल्म “भोबिश्योतिर भूत” (भूत का भविष्य) की स्क्रीनिंग को लगभग सभी मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों से हटा दिया गया है। इसके विरोध में रविवार (18 फ़रवरी) को कई फ़िल्म कलाकारों और कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया।

ख़बरों के अनुसार, अनिक दत्ता द्वारा निर्देशित एक सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्य, पर आधारित फ़िल्म भोबिश्योतिर भूत, 15 फ़रवरी को रिलीज़ हुई थी और एक दिन बाद ही कोलकाता के सभी सिनेमाघरों से इसके प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई। जानकारी के अनुसार फ़िल्म कथित तौर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर व्यंग्य थी इसलिए उसे सिनेमाघरों से हटा दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर यह दावा किया कि ममता बनर्जी ने बदले की भावना से फ़िल्म पर रोक लगवाई है।

इस बीच, मीडिया से बात करते हुए निर्देशक ने आरोप लगाया है कि सिंगल-स्क्रीन थिएटर मालिकों और मल्टीप्लेक्स को राज्य भर में 40 से अधिक स्क्रीन पर स्क्रीनिंग को रोकने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने कहा, “हाँ, मैंने सुना है कि स्क्रीनिंग रोक दी गई है लेकिन मैं जो समझ पा कर रहा हूँ, वह यह है कि स्थानीय पुलिस स्टेशनों ने हॉल को निर्देश दिया है। पुलिस ने मेरे निर्माताओं को पहले भी चेतावनी दी थी कि फिल्म की सामग्री विवाद उत्पन्न कर सकती है।”

इसके बाद फ़िल्म निर्देशक ने कहा कि सिनेमाघरों से फ़िल्म हटाने के संबंध में उन्हें किसी भी तरह की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई, सभी (हॉल मालिकों) ने उनसे कहा कि फ़िल्म की स्क्रीनिंग को रोकने के निर्देश उच्च अधिकारियों के द्वारा दिए गए थे। इसके बाद उन्होंने कहा कि फ़िल्म की स्क्रीनिंग पर रोक के मामले में उन्हें लोगों का काफी समर्थन मिल रहा है और फ़िल्म बिरादरी भी उनके समर्थन में एकजुट है।

वयोवृद्ध कलाकार सौमित्र चटर्जी ने एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने लिखा कि फ़िल्म पर रोक लगाने का फ़ैसला अलोकतांत्रिक और फ़ासीवादी नीति से ताल्लुक़ रखता है। चटर्जी ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि स्क्रीनिंग पर रोक का फ़ैसला प्रशासन का एक ‘प्रतिशोधात्मक कृत्य’ है।

रविवार को कोलकाता में विरोध प्रदर्शन में, कई कलाकारों और कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर सेंसरशिप की कार्रवाई की आलोचना करते हुए बैनर और तख़्तियाँ धारण कीं। कोलकाता में मेट्रो चैनल पुलिस स्टेशन के सामने एक बैनर पर ‘अमर दीदी शिल्पी दीदी, आमार दीदी कोबी, पुलिस दी बंधो कोरो नॉटन बंगला चोबी’ लिखा गया था। इसके अलावा, मेरी बहन एक कलाकार है, मेरी बहन एक कवि है, और वह एक नई बंगाली फ़िल्म को सेंसर करने के लिए पुलिस का उपयोग करती है जैसे वाक्य भी लिखे गए।

बता दें कि फ़िल्म भोबिश्योतिर भूत शुरुआत से ही विवादों का सामना कर रही है। फ़िल्म के निर्देशक अनिक दत्ता और सह-निर्माता इंदिरा उन्नीनार ने हाल ही में धमकी मिलने का दावा भी किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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