Friday, February 26, 2021
Home राजनीति बांग्ला फ़िल्म ‘भोबिश्योतिर भूत’ की स्क्रीनिंग रद्द, ममता के ख़िलाफ़ धरना प्रदर्शन

बांग्ला फ़िल्म ‘भोबिश्योतिर भूत’ की स्क्रीनिंग रद्द, ममता के ख़िलाफ़ धरना प्रदर्शन

बता दें कि फ़िल्म 'भोबिश्योतिर भूत' शुरुआत से ही विवादों का सामना कर रही है। फ़िल्म के निर्देशक अनिक दत्ता और सह-निर्माता इंदिरा उन्नीनार ने हाल ही में धमकी मिलने का दावा भी किया था।

पश्चिम बंगाल में निर्देशक अनिक दत्ता की फिल्म “भोबिश्योतिर भूत” (भूत का भविष्य) की स्क्रीनिंग को लगभग सभी मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों से हटा दिया गया है। इसके विरोध में रविवार (18 फ़रवरी) को कई फ़िल्म कलाकारों और कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया।

ख़बरों के अनुसार, अनिक दत्ता द्वारा निर्देशित एक सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्य, पर आधारित फ़िल्म भोबिश्योतिर भूत, 15 फ़रवरी को रिलीज़ हुई थी और एक दिन बाद ही कोलकाता के सभी सिनेमाघरों से इसके प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई। जानकारी के अनुसार फ़िल्म कथित तौर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर व्यंग्य थी इसलिए उसे सिनेमाघरों से हटा दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर यह दावा किया कि ममता बनर्जी ने बदले की भावना से फ़िल्म पर रोक लगवाई है।

इस बीच, मीडिया से बात करते हुए निर्देशक ने आरोप लगाया है कि सिंगल-स्क्रीन थिएटर मालिकों और मल्टीप्लेक्स को राज्य भर में 40 से अधिक स्क्रीन पर स्क्रीनिंग को रोकने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने कहा, “हाँ, मैंने सुना है कि स्क्रीनिंग रोक दी गई है लेकिन मैं जो समझ पा कर रहा हूँ, वह यह है कि स्थानीय पुलिस स्टेशनों ने हॉल को निर्देश दिया है। पुलिस ने मेरे निर्माताओं को पहले भी चेतावनी दी थी कि फिल्म की सामग्री विवाद उत्पन्न कर सकती है।”

इसके बाद फ़िल्म निर्देशक ने कहा कि सिनेमाघरों से फ़िल्म हटाने के संबंध में उन्हें किसी भी तरह की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई, सभी (हॉल मालिकों) ने उनसे कहा कि फ़िल्म की स्क्रीनिंग को रोकने के निर्देश उच्च अधिकारियों के द्वारा दिए गए थे। इसके बाद उन्होंने कहा कि फ़िल्म की स्क्रीनिंग पर रोक के मामले में उन्हें लोगों का काफी समर्थन मिल रहा है और फ़िल्म बिरादरी भी उनके समर्थन में एकजुट है।

वयोवृद्ध कलाकार सौमित्र चटर्जी ने एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने लिखा कि फ़िल्म पर रोक लगाने का फ़ैसला अलोकतांत्रिक और फ़ासीवादी नीति से ताल्लुक़ रखता है। चटर्जी ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि स्क्रीनिंग पर रोक का फ़ैसला प्रशासन का एक ‘प्रतिशोधात्मक कृत्य’ है।

रविवार को कोलकाता में विरोध प्रदर्शन में, कई कलाकारों और कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर सेंसरशिप की कार्रवाई की आलोचना करते हुए बैनर और तख़्तियाँ धारण कीं। कोलकाता में मेट्रो चैनल पुलिस स्टेशन के सामने एक बैनर पर ‘अमर दीदी शिल्पी दीदी, आमार दीदी कोबी, पुलिस दी बंधो कोरो नॉटन बंगला चोबी’ लिखा गया था। इसके अलावा, मेरी बहन एक कलाकार है, मेरी बहन एक कवि है, और वह एक नई बंगाली फ़िल्म को सेंसर करने के लिए पुलिस का उपयोग करती है जैसे वाक्य भी लिखे गए।

बता दें कि फ़िल्म भोबिश्योतिर भूत शुरुआत से ही विवादों का सामना कर रही है। फ़िल्म के निर्देशक अनिक दत्ता और सह-निर्माता इंदिरा उन्नीनार ने हाल ही में धमकी मिलने का दावा भी किया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अंकित शर्मा ने किया हिंसक भीड़ का नेतृत्व, ताहिर हुसैन कर रहा था खुद का बचाव’: ‘द लल्लनटॉप’ ने जमकर परोसा प्रोपेगेंडा

हमारे पास अंकित के परिवार के कुछ शब्द हैं, जिन्हें पढ़कर आज लगता है कि उन्हें पहले से पता था कि आखिर में न्याय तो मिलेगा नहीं लेकिन उसके बदले अंकित को दंगाई घोषित जरूर कर दिया जाएगा।

आमिर खान की बेटी इरा अपने संघी हिन्दू नौकर के साथ फरार.. अब होगा न्याय: Fact Check से जानिए क्या है हकीकत

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि आमिर खान की बेटी इरा अपने हिन्दू नौकर के साथ भाग गई हैं। तस्वीर में इरा एक तिलक लगाए हुए युवक के साथ देखी जा सकती हैं।

‘ज्यादा गर्मी ना दिखाएँ, जो जिस भाषा को समझेगा, उसे उस भाषा में जवाब मिलेगा’: CM योगी ने सपाइयों को लताड़ा

"आप लोग सदन की गरिमा को सीखिए, मैं जानता हूँ कि आप किस प्रकार की भाषा और किस प्रकार की बात सुनते हैं, और उसी प्रकार का डोज भी समय-समय पर देता हूँ।"

‘लियाकत और रियासत के रिश्तेदार अब भी देते हैं जान से मारने की धमकी’: दिल्ली दंगा में भारी तबाही झेलने वाले ने सुनाया अपना...

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि चाँदबाग में स्थित दंगा का प्रमुख केंद्र ताहिर हुसैन के घर को सील कर दिया गया था, लेकिन 5-6 महीने पहले ही उसका सील खोला जा चुका है।

3 महीनों के भीतर लागू होगी सोशल, डिजिटल मीडिया और OTT की नियमावली: मोदी सरकार ने जारी की गाइडलाइन्स

आपत्तिजनक विषयवस्तु की शिकायत मिलने पर न्यायालय या सरकार जानकारी माँगती है तो वह भी अनिवार्य रूप से प्रदान करनी होगी। मिलने वाली शिकायत को 24 घंटे के भीतर दर्ज करना होगा और 15 दिन के अंदर निराकरण करना होगा।

भगोड़े नीरव मोदी भारत लाया जाएगा: लंदन कोर्ट ने दी प्रत्यर्पण को मंजूरी, जताया भारतीय न्यायपालिका पर विश्वास

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नीरव की मानसिक सेहत को लेकर लगाई गई याचिका को ठुकरा दिया। साथ ही ये मानने से इंकार किया कि नीरव मोदी की मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य प्रत्यर्पण के लिए फिट नहीं है।

प्रचलित ख़बरें

आमिर खान की बेटी इरा अपने संघी हिन्दू नौकर के साथ फरार.. अब होगा न्याय: Fact Check से जानिए क्या है हकीकत

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि आमिर खान की बेटी इरा अपने हिन्दू नौकर के साथ भाग गई हैं। तस्वीर में इरा एक तिलक लगाए हुए युवक के साथ देखी जा सकती हैं।

UP पुलिस की गाड़ी में बैठने से साफ मुकर गया हाथरस में दंगे भड़काने की साजिश रचने वाला PFI सदस्य रऊफ शरीफ

PFI मेंबर रऊफ शरीफ ने मेडिकल जाँच कराने के लिए ले जा रही UP STF टीम से उनकी गाड़ी में बैठने से साफ मना कर दिया।

कला में दक्ष, युद्ध में महान, वीर और वीरांगनाएँ भी: कौन थे सिनौली के वो लोग, वेदों पर आधारित था जिनका साम्राज्य

वो कौन से योद्धा थे तो आज से 5000 वर्ष पूर्व भी उन्नत किस्म के रथों से चलते थे। कला में दक्ष, युद्ध में महान। वीरांगनाएँ पुरुषों से कम नहीं। रीति-रिवाज वैदिक। आइए, रहस्य में गोते लगाएँ।

शैतान की आजादी के लिए पड़ोसी के दिल को आलू के साथ पकाया, खिलाने के बाद अंकल-ऑन्टी को भी बेरहमी से मारा

मृत पड़ोसी के दिल को लेकर एंडरसन अपने अंकल के घर गया जहाँ उसने इस दिल को पकाया। फिर अपने अंकल और उनकी पत्नी को इसे सर्व किया।

केरल में RSS कार्यकर्ता की हत्या: योगी आदित्यनाथ की रैली को लेकर SDPI द्वारा लगाए गए भड़काऊ नारों का किया था विरोध

SDPI की रैली में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसके खिलाफ हिन्दू कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। मृतक नंदू के एक साथी पर भी चाकू से वार किया गया, जिनका इलाज चल रहा है।

मस्जिदों में लाउडस्पीकर हटाने के लिए बजरंग दल ने शुरू किया राष्ट्रव्यापी कैंपेन: 1 लाख हस्ताक्षरों की दरकार

ये कैंपेन 22 फरवरी 2021 से शुरू किया गया है। अभियान के तहत संगठन का मकसद एक लाख लोगों का समर्थन पाना है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,062FansLike
81,844FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe