PM मोदी के ‘अधीर फाइटर’ बनेंगे लोकसभा में विपक्ष के नेता, ममता बनर्जी के हैं कट्टर आलोचक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौधरी की तारीफ करते हुए उन्हें 'फाइटर' बताया था। सत्र की शुरुआत से पहले हुई बैठक में मोदी ने कई कॉन्ग्रेस नेताओं के सामने चौधरी की पीठ थपथपाते हुए उन्हें 'अधीर फाइटर' कहा था।

कॉन्ग्रेस ने पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से सांसद चुने गए अधीर रंजन चौधरी को लोकसभा में संसदीय दल का नेता चुना है। कभी वामदलों का गढ़ रहे पश्चिम बंगाल में जहाँ तृणमूल और भाजपा के बीच मुख्य मुक़ाबला था, वहाँ इस बार कॉन्ग्रेस के उम्मीदवारों ने मात्र दो सीटें जीतीं और अधीर रंजन उनमें से एक हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले केरल के शशि थरूर और आनंदपुर साहिब से जीते मनीष तिवारी के नामों की भी चर्चा थी लेकिन सोनिया गाँधी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में अधीर रंजन चौधरी को इस पद के लिए चुना गया। वह लोकसभा में विपक्ष के नेता भी होंगे।

इससे पहले वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे लोकसभा में विपक्ष के नेता थे। उनके चुनाव हार जाने के कारण पार्टी को किसी अन्य चेहरे की तलाश थी। पश्चिम बंगाल प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रहे चौधरी केंद्र की मनमोहन सरकार में रेल राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। 63 वर्षीय चौधरी 1999 में पहली बार बहरामपुर से सांसद चुने गए थे और उस समय से अभी तक वे लगातार इसी सीट से जीतते रहे हैं। कुल 5 बार लोकसभा चुनाव जीत चुके चौधरी लोकसभा में विपक्ष के नेता होंगे, वहीं राज्यसभा में यह ज़िम्मेदारी गुलाम नबी आज़ाद ही संभालते रहेंगे।

अधीर रंजन चौधरी कॉन्ग्रेस के सभी वर्गों व समितियों का नेतृत्व करेंगे। कहा जा रहा है कि राहुल गाँधी द्वारा इनकार करने के पास यह पद उन्हें दिया गया। एक और रोचक बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौधरी की तारीफ करते हुए उन्हें ‘फाइटर’ बताया था। सत्र की शुरुआत से पहले हुई बैठक में मोदी ने कई कॉन्ग्रेस नेताओं के सामने चौधरी की पीठ थपथपाते हुए उन्हें ‘अधीर फाइटर’ कहा था। चौधरी ने भी पीएम की तारीफ करते हुए कहा था कि उनकी किसी ने निजी दुश्मनी नहीं है और संसद कोई जंग का मैदान नहीं है। चौधरी ने कहा था कि लोकसभा में वो अपनी आवाज़ उठाएँगे और हम अपनी।

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लोकसभा में सभी महत्वपूर्ण चयन समितियों में भी अधीर रंजन बतौर विपक्ष के नेता कॉन्ग्रेस का प्रतिनिधित्व करेंगे। चौधरी लम्बे समय से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आलोचक रहे हैं। तृणमूल की राजनीति के ख़िलाफ़ वह काफ़ी पहले से मुखर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। बंगाल में हो रही राजनीतिक हिंसा के विरुद्ध उन्होंने पीएम मोदी को पत्र भी लिखा था।

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