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पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी लगे जय श्रीराम के नारे, अध्यक्ष ने रिकॉर्ड से हटाया

अध्यक्ष बिमान बंदोपाध्याय ने कहा कि विधान सभा या संसद की कार्यवाही में किसी भी प्रकार के रिलिजियस नारे लगाना संविधान के विरुद्ध आचरण है।

संसद में जय श्रीराम, अल्लाहू अकबर और जय माँ काली के नारे गूँजने के एक दिन बाद ही पश्चिम बंगाल की विधानसभा में भी ये नारे सुनाई दिए। पश्चिम बंगाल में नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ लेने के बाद जय श्री राम के नारे लगाए।

खबर के अनुसार बुधवार को भाजपा के चार, तृणमूल के तीन और कॉन्ग्रेस के एक विधायक ने पश्चिम बंगाल विधान सभा में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। ये तीनों उपचुनाव में जीतकर विधानसभा पहुँचे हैं।

भाजपा विधायक जोएल मुर्मू ने शपथ लेने के बाद जय श्री राम का नारा लगाया। मुर्मू हबीबपुर सीट से जीतकर विधायक बने हैं। हालाँकि पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बंदोपाध्याय ने नवनिर्वाचित विधायकों को चेतावनी दी थी कि शपथ लेने के पहले और बाद में कोई नारेबाजी नहीं होनी चाहिए।

अध्यक्ष ने यह भी कहा था कि विधायक शपथ में लिखे शब्दों को ही बोलेंगे लेकिन नवनिर्वाचित विधायकों ने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया। मदारीहाट से विधायक मनोज टिग्गा ने कहा, “हम जय श्री राम बोल सकते हैं क्योंकि जैसे ईसाईयों के ईसा मसीह हैं, मुस्लिमों के अल्लाह हैं, उसी प्रकार हमारे श्री राम हैं। पूरी विधान सभा उत्साह से भर गई थी जब जय श्री राम के नारे लगे थे। इसका अर्थ है कि आने वाले दिनों में यह नारा और भी अधिक लगने वाला है।“

जय श्री राम के अलावा बंगाल विधान सभा में जय माँ काली, अल्लाहु अकबर और राधे-राधे भी सुनाई दिया। अध्यक्ष बिमान बंदोपाध्याय ने कहा कि विधान सभा या संसद की कार्यवाही में किसी भी प्रकार के रिलिजियस नारे लगाना संविधान के विरुद्ध आचरण है। अध्यक्ष ने ऐसे नारों को रिकॉर्ड न करने का भी निर्देश दिया। तृणमूल विधायक इदरीस अली ने जय हिन्द का नारा लगाया। इसे भी विधान सभा के रिकॉर्ड से हटा दिया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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