Sunday, May 19, 2024
Homeराजनीति'भाजपा के साथ काम करने को लेकर उत्सुक हूँ': कृषि कानूनों के रद्द होने...

‘भाजपा के साथ काम करने को लेकर उत्सुक हूँ’: कृषि कानूनों के रद्द होने पर कैप्टन अमरिंदर ने जताई खुशी, पंजाब विधानसभा चुनाव में गठबंधन की उम्मीद

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 19 अक्टूबर को कहा था कि अगर केंद्र सरकार किसानों के हित में कृषि कानूनों को वापस लेती है तो वह पंजाब विधानसभा चुनावों में भाजपा के साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं।

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा करने के साथ ही सियासत के नए रंग दिखने लगे हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले पर शुक्रवार (19 नवंबर) को खुशी जाहिर की और कहा कि वे भाजपा के साथ काम करने को लेकर उत्सुक हैं। इस बयान के बाद माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में पंजाब में होने के वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा और कैप्टन अमरिंदर सिंह की नवगठित पार्टी ‘पंजाब लोक कॉन्ग्रेस’ के बीच गठबंधन हो सकता है।

प्रधानमंत्री की घोषणा पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, “इससे न केवल किसानों को बड़ी राहत मिली है बल्कि पंजाब की प्रगति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मैं किसानों के विकास के लिए बीजेपी के नेतृत्व वाले केंद्र के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हूँ। मैं पंजाब के लोगों से वादा करता हूँ कि तब तक चैन से नहीं बैठूँगा, जब तक कि हर एक आँख से आँसू नहीं पोंछ देता।” इस बात की जानकारी अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार रवीन ठुकराल ने ट्वीट कर दी।

कृषि कानूनों की प्रधानमंत्री मोदी द्वारा करने के बाद कैप्टन ने ट्वीट कर ट्वीट किया, “बढ़िया खबर! #गुरुनानकजयंती के पवित्र अवसर पर हर पंजाबी की मांगों को मानने और 3 काले कानूनों को निरस्त करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद। मुझे विश्वास है कि केंद्र सरकार किसानी के विकास के लिए मिलकर काम करती रहेगी! #NoFarmers_NoFood @AmitShah”

इससे पहले कैप्टन ने 19 अक्टूबर को कहा था कि अगर केंद्र सरकार किसानों के हित में कृषि कानूनों को वापस लेती है तो वह पंजाब विधानसभा चुनावों में भाजपा के साथ गठबंधन पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा था, “अगर किसानों के हित में #FarmersProtest का समाधान किया जाता है तो 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ सीट व्यवस्था की आशा है। समान विचारधारा वाले दलों जैसे अलग हुए अकाली समूहों, विशेष रूप से ढींढसा और ब्रह्मपुरा गुटों के साथ गठबंधन किया जा सकता है।”

केंद्र सरकार द्वारा पंजाब में अंतर्राष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर अंदर तक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जाँच का अधिकार देने पर अमरिंदर सिंह ने अपना समर्थन जताया था। दरअसल, मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार ने केंद्र के इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए राज्य के अधिकार क्षेत्र में केंद्र का हस्तक्षेप बताया था।

अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा था, “बीएसएफ के परिचालन क्षेत्राधिकार का विस्तार न तो पंजाब के संघीय अधिकार का उल्लंघन करता है, न ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की क्षमता पर सवाल उठाता है, जैसा कि कुछ निहित राजनीतिक हित बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है; राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।”

कॉन्ग्रेस का नाम लिए बिना उन्होंने उसी ट्वीट में आगे कहा था, “दुर्भाग्य से जो लोग इसे मुद्दा बना रहे हैं, वे कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच अंतर नहीं कर पा रहे हैं। पंजाब पुलिस की तरह बीएसएफ हमारी अपनी सेना है न कि कोई बाहरी या विदेशी सेना जो हमारी जमीन पर कब्जा करने आ रही है।”

भाजपा और केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने की कैप्टन अमरिंदर सिंह की इच्छा जताने के बाद, ये कयास लगाए जाने लगे हैं कि अगले विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस को हराने के लिए अमरिंदर सिंह भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं। पंजाब में साल 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

अमरिंदर सिंह ने 2 नवंबर 2021 को सोनिया गाँधी को पत्र लिखकर कॉन्ग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इसी के साथ उन्होंने अपनी नई पार्टी का भी ऐलान कर दिया था। कैप्टन अमरिंदर ने ‘पंजाब लोक कॉन्ग्रेस’ के नाम से अपनी नई पार्टी बनाई है। हालाँकि अभी रजिस्ट्रेशन बाकी है। चुनाव आयोग से अनुमोदन मिलने के बाद ही रजिस्ट्रेशन हो पाएगा और फिर इसके बाद पार्टी के चिन्ह को मंजूरी दी जाएगी।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कॉन्ग्रेस के मेनिफेस्टो में मुस्लिम’ : सिर्फ इतना लिखने पर ‘भीखू म्हात्रे’ को कर्नाटक पुलिस ने गिरफ्तार किया, बोलने की आजादी का गला घोंट...

सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर 'भीखू म्हात्रे' नाम के फिक्शनल नाम से एक्स पर अपनी राय रखते हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस के मेनिफेस्टो पर अपनी बात रखी थी।

जिसे वामपंथन रोमिला थापर ने ‘इस्लामी कला’ से जोड़ा, उस मंदिर को तोड़ इब्राहिम शर्की ने बनवाई थी मस्जिद: जानिए अटाला माता मंदिर लेने...

अटाला मस्जिद का निर्माण अटाला माता के मंदिर पर ही हुआ है। इसकी पुष्टि तमाम विद्वानों की पुस्तकें, मौजूदा सबूत भी करते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -