Sunday, October 17, 2021
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36 दलों के नेताओं ने दिल्ली पहुँच BJP का किया समर्थन, ₹100 लाख करोड़ निवेश का लिया संकल्प

"100 लाख करोड़ रुपए की पूंजी निवेश की योजना के साथ हम चाहते हैं कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम बन जाए। भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।"

मतगणना से ठीक पहले राजग के सभी घटक दलों ने एक मंच पर आकर शक्ति प्रदर्शन किया है। इन दलों में उत्तर-पूर्व के वो दल भी शामिल हैं, जिन्होंने राजग के समर्थन से मोर्चा (नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस) बनाया हुआ है। राजधानी दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सहयोगी दलों के लिए होटल अशोक में डिनर का आयोजन किया, जिसमें 36 राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने शिरकत की। 3 अन्य पार्टियों ने पत्र भेज कर समर्थन जताया। इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सम्मिलित हुए। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री के पिछले पाँच वर्षों के कार्यकाल की प्रशंसा की गई और सभी दलों ने राजग सरकार की योजनाओं को लेकर संतुष्टि जताई। एग्जिट पोल्स में राजग को बहुमत मिलता दिख रहा है।

पहले कहा जा रहा था कि इस बैठक में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल नहीं होंगे लेकिन भाजपा ने शिवसेना, जदयू और अकाली दल, तीनों बड़े घटक दलों के अध्यक्षों की मौजूदगी से यह जताने की कोशिश की कि राजग में सब कोई साथ हैं। नीतीश कुमार, उद्धव ठाकरे और प्रकाश सिंह बादल की मौजूदगी से भाजपा को आत्मबल मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजग गठबंधन भारत की विविधता का प्रतीक है और उसका सम्मिलित अजेंडा भारत का विकास है। पीएम ने क्षेत्रीय आकांक्षाओं की पूर्ति करते हुए राष्ट्र के विकास की बात कही। राजनाथ सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बैठक में चर्चा की गई बातों की जानकारी दी।

राजग की बैठक में कई संकल्प लिए गए, जिसे भाजपा की आधिकारिक वेबसाइट पर ‘संकल्प पत्र‘ के रूप में जारी किया गया। संकल्प पत्र में कहा गया कि विपक्षी दलों के शासनकाल के दौरान आतंकी हमले और इनकी पुनरावृत्ति इतिहास बन कर रह गई है। मसूद अज़हर को ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने वाले निर्णय को लेकर भी राजग गठबंधन ने ख़ुद की पीठ थपथपाई। संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष द्वारा हमले किए जाने को लेकर चिंता जताई गई। गठबंधन ने पश्चिम बंगाल और केरल हुई राजनीतिक हिंसा की निंदा की। इस संकल्प पत्र में कहा गया है:

“आने वाले वर्षों में, हमने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 100 लाख करोड़ रुपए की पूंजी निवेश की योजना बनाई है, जिसमें 25 लाख करोड़ रुपए खेती और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए समर्पित होंगे। हम चाहते हैं कि भारत तेजी से विकास के लिए आधुनिक और पर्याप्त बुनियादी ढाँचे के साथ दुनिया में सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम बन जाए। इन क़दमों के साथ भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।”

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर राजग को अपने दम पर बहुमत नहीं मिलता है तो ओडिशा में बीजद, आंध्र में आईएसआर और तेलंगाना में टीआरएस जैसी पार्टियाँ भाजपा को अपना समर्थन दे सकती हैं। फोनी तूफ़ान के बाद हुए राहत कार्यों की समीक्षा के दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पीएम मोदी के बीचा अच्छी केमिस्ट्री देखने को मिली थी। तेलंगना के मुख्यमंत्री केसीआर ने अभी तक कॉन्ग्रेस को समर्थन नहीं दिया है और वह तीसरे मोर्चे की ही वकालत करते रहे हैं। आंध्र में बड़ी ताक़त बन कर उभरे जगन मोहन रेड्डी द्वारा शरद पवार का फोन कॉल न उठाया जाना भी चर्चा का विषय है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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