Homeराजनीतिपश्चिम बंगाल में एक और BJP नेता को पीट-पीटकर मारा: परिजनों ने TMC के...

पश्चिम बंगाल में एक और BJP नेता को पीट-पीटकर मारा: परिजनों ने TMC के गुंडों पर लगाया हत्या का आरोप

मृतक बीजेपी नेता के परिवार वालों ने टीएमसी के गुंडों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिवार ने पुलिस को दी शिकायत में पाँच टीएमसी कार्यकर्ता का नाम लिया है। पाँचों टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बेरहमी से बीजेपी नेता की पिटाई की, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई। जब इलाज के लिए उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया तो....

पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेताओं पर हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। कूच बिहार में बीजेपी के एक और कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। मृतक कार्यकर्ता का नाम कलाचंद कर्मकार (kalachand Karmakar) है और उनकी उम्र 55 साल है। जानकारी के मुताबिक वह बीजेपी के बूथ कमेटी के सचिव भी रहे हैं।

बीजेपी नेता पर किए गए हमले में दो अन्य कार्यकर्ता भी घायल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक मामला कूचबिहार (Cooch Behar) जिले के तूफानगंज (Tufanganj) के नकटीगाछ ग्राम पंचायत के चमटा के करमापाड़ा इलाके का है। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव फैला हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। एसपी का कहना है कि इसमें कोई राजनीतिक एंगल नहीं है।

मृतक बीजेपी नेता के परिवार वालों ने टीएमसी के गुंडों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिवार ने पुलिस को दी शिकायत में पाँच टीएमसी कार्यकर्ता का नाम लिया है। आरोप है कि पाँचों टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बेरहमी से बीजेपी नेता की पिटाई की, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई। जब इलाज के लिए उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बीजेपी ने टीएमसी पर राजनीतिक हत्याओं का आरोप लगाया और यह दावा किया कि बंगाल के लोग कभी इसका समर्थन नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के मथुरापुर में गुरुवार (30 जुलाई, 2020) को भाजपा बूथ सचिव गौतम पात्र का शव पेड़ से लटका मिला था। बीते 24 घंटे के भीतर बंगाल में दो भाजपा कार्यकर्ताओं के शव पेड़ से लटके मिले थे। इससे पहले पूर्वी मिदनापुर जिले के कछुरी गाँव में बीजेपी कार्यकर्ता पूर्णचंद्र दास का शव पेड़ से लटका मिला था।

मृतक के परिजनों व बीजेपी पार्टी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस पर हत्या का आरोप लगाया था। बंगाल बीजेपी ने ट्वीट करके ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था, “24 घंटे के भीतर बंगाल में एक और बीजेपी के कार्यकर्ता की राजनीति द्वेष के कारण हत्या कर दी गई। मथुरापुर में बूथ सचिव गौतम पात्र को भी बुरी तरह हत्या कर पेड़ से लटका दिया गया था। इस तरह राजनीतिक हत्याएँ राज्य की मुख्यमंत्री जो गृहमंत्री भी है उनके कार्यालय में बहुत ही आम हो चुकी है। परन्तु वह अब इस जिम्मेदारी से नहीं बच सकती हैं।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आर्कबिशप पीटर मचाडो कौन हैं, जो चाहता है धर्मांतरण विरोधी कानून और गोहत्या कानून में बदलाव: कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से क्या...

आर्कबिशप की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैंगलुरु में हुई इस मुलाकात के बाद आर्कबिशप ने खुद अपनी माँगों को सार्वजनिक किया।

अग्निवीरों के रोजगार पर कांग्रेस शासित राज्यों की चुप्पी क्यों? बीजेपी सरकारों ने बनाई नीति, विपक्षी राज्यों में अब भी इंतजार

अग्रिवीरों का पहला बैच 31 दिसंबर 2026 को अपना कार्यकाल पूरा करेगा जिसमें से 75 फीसदी सेना छोड़ देंगे। इनके जॉब को लेकर कॉन्ग्रेस सरकारें कोई प्लान नहीं बना पाई है।
- विज्ञापन -