अरविन्द केजरीवाल के बस एक ट्वीट से हुई CBI स्वतन्त्र और चिदंबरम जेल के अंदर

केजरीवाल ने कॉन्ग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं- सलमान खुर्शीद, कपिल सिब्बल और पी चिदंबरम पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाते हुए कहा था कि जिस दिन CBI स्वतंत्र हो जाएगी, ये तीनों और इनकी पत्नियाँ भी जेल के भीतर होंगे।

सीबीआई द्वारा कॉन्ग्रेस नेता पी चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी राजनीतिक दलों से लेकर कुछ मीडिया चैनल्स CBI पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। किसी भी राजनीतिक चेहरे का घोटालों और जाँच में नाम आते ही अक्सर यह चर्चा जोर पकड़ लेती है। कुछ राजनीतिक दल CBI के रोल पर सवाल उठाते आए हैं और आरोप लगाए जाते हैं कि इसका इस्तेमाल राजनीति के लिए किया जाता है।

लेकिन एक शख़्स ने चिदंबरम की गिरफ्तारी के साथ ही CBI के राजनीति के चंगुल से मुक्त होने की भविष्यवाणी 2013 में ही कर दी थी और ये भविष्यवाणी किसी और ने नहीं बल्कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने की थी। अरविन्द केजरीवाल ने 2013 में यह बात तब एक ट्वीट के जरिए कही थी जब केंद्र में कॉन्ग्रेस की सरकार हुआ करती थी।

उस समय अरविन्द केजरीवाल कॉन्ग्रेस सरकार के भ्रष्टाचारों को बेनकाब करने के दावों के आधार पर अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश कर रहे थे। अरविन्द केजरीवाल ने कॉन्ग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं- सलमान खुर्शीद, कपिल सिब्बल और पी चिदंबरम पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाते हुए कहा था कि जिस दिन CBI स्वतंत्र हो जाएगी, ये तीनों और इनकी पत्नियाँ भी जेल के भीतर होंगे।

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कल शाम पी चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल से लोग सोशल मीडिया पर सवाल करते रहे कि क्या उन्हें चिदंबरम की गिरफ्तारी और CBI की स्वतन्त्रता पर अब मोदी सरकार को बधाई नहीं देनी चाहिए? हालाँकि, अरविन्द केजरीवाल इस मामले पर अभी तक खामोश ही हैं।

इसी बात पर भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी अरविन्द केजरीवाल पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट किया और लिखा, “इतना सन्नाटा क्यों है अरविंद केजरीवाल, कोई सदमा लगा है क्या? इसी चिदंबरम के घर के सामने अन्ना आंदोलन में लोगों ने लाठियाँ खाई थीं। भ्रष्टाचारियों की सूची में चिदंबरम का नाम सबसे ऊपर था। आज लालू, वाड्रा सब शिकंजे में हैं। बधाई तो दे दो मोदी जी को, फेविकोल काहे पीकर बैठे हो?”

केजरीवाल के पुराने साथी रहे प्रशांत भूषण का भी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर दोहरा रवैया सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण पूर्व में कई बार पी चिदंबरम के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर चुके हैं, लेकिन जब वह गिरफ्तार हो गए तो इस गिरफ्तारी को असंवैधानिक और जाँच एजेंसियों की बदले की कार्रवाई बता रहे हैं।

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