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असम-मिजोरम सीमा संघर्ष में गई जिन पुलिसकर्मियों की जान, उनके परिवार को ₹50 लाख: CM हिमंत सरमा का ऐलान

''असम सरकार सोमवार (26 जुलाई) को मिजोरम के साथ सीमा पर संघर्ष में बलिदान हुए पुलिसकर्मियों के परिवारों को 50-50 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।''

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार (27 जुलाई 2021) को सीमा विवाद में अपनी जान गँवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारवालों को मुआवजा देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा, ”असम सरकार सोमवार (26 जुलाई) को मिजोरम के साथ सीमा पर संघर्ष में बलिदान हुए पुलिसकर्मियों के परिवारों को 50-50 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।” समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, CM ने कहा कि घायलों को एक-एक लाख रुपए दिए जाएँगे। बताया जा रहा है कि असम सरकार ने घायल एसपी को इलाज के लिए मुंबई भेजा है।

असम-मिजोरम सीमा पर हिंसक झड़पों को लेकर असम के सीएम ने कहा, ”हमारी पुलिस मामले की जाँच करेगी। साथ ही इसकी भी जाँच की जाएगी कि नागरिकों को हथियार कहाँ से मिले।” उन्होंने बताया कि बॉर्डर पर संघर्ष के चलते 5 पुलिसकर्मियों की जान चली गई।

सीएम ने आगे कहा, ”यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह दो राज्यों के बीच सीमा विवाद है, जो लंबे समय से चला आ रहा है। यह सीमा विवाद उस समय भी था, जब दोनों राज्यों में कॉन्ग्रेस की सरकार थी। यह दो राज्यों के बीच का विवाद है, दो राजनीतिक दलों के बीच नहीं।”

उन्होंने कहा कि यह एक आरक्षित वन है। क्या आरक्षित वन का उपयोग बंदोबस्त के लिए किया जा सकता है? विवाद जमीन का नहीं, जंगल का है। असम जंगल की रक्षा करना चाहता है। वन क्षेत्र में कोई समझौता नहीं कर रहा है, हम वहाँ कोई समझौता नहीं चाहते हैं।

दरअसल, सोमवार को असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद के अचानक खूनी संघर्ष में तब्दील हो जाने से असम पुलिस के कम से कम 5 जवानों की मौत हो गई और एक पुलिस अधीक्षक समेत 50 अन्य घायल हो गए थे।

गौरतलब है कि 26 जुलाई को मिजोरम के सीएम जोरमथांगा और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए पुलिस और नागरिकों के बीच झड़प का एक वीड‍ियो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया था। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने गृहमंत्री से इस मामले पर तुरंत कार्रवाई करने की माँग की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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