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‘3 निकाह न करें मुस्लिम, तलाक कानूनी तरीके से हो’: बोले असम के CM- हमारा स्टैंड क्लियर, बेटियों को प्रॉपर्टी में 50% हिस्सेदारी भी मिले

"असम सरकार बहुत स्पष्ट है कि कोई भी मुस्लिम मर्द 3 महिलाओं से शादी नहीं करेगा। एक बीबी, एक शौहर, दो बच्चा… खुशी से रहो। ये हमारा स्टैंड हैं। हम इसको बहुत ज्यादा जटिल नहीं बनाना चाहते।"

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस बार मुस्लिमों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी मुस्लिम पुरुष तीन महिलाओं के साथ शादी नहीं कर सकता है। साथ ही उन्होंने दावा करते हुए कहा है कि असम के मुस्लिम उनके इस बात का समर्थन भी करते हैं।

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है, “असम सरकार बहुत स्पष्ट है कि कोई भी मुस्लिम मर्द 3 महिलाओं से शादी नहीं करेगा। एक बीबी, एक शौहर, दो बच्चा… खुशी से रहो। ये हमारा स्टैंड हैं। हम इसको बहुत ज्यादा जटिल नहीं बनाना चाहते। हमारा क्लियर स्टैंड है कि अगर आप पिता हैं तो अपने बेटे को जितनी संपत्ति का अधिकार दे रहे हैं, उतना ही शेयर बेटी को भी दें। इसमें हमें कोई संशय नहीं है। कोई भी मुस्लिम पुरुष तलाक न दें, केवल कानूनी तौर पर तलाक दें। मियाँ और बीबी ने एक साथ रहकर जितनी संपत्ति अर्जित की थी, उसमें से 50% हिस्सा बीबी को दें। सरकार और आम मुस्लिमों के विचार समान हैं।”

सरमा ने मीडिया से बात करते हुए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया पर प्रतिबंध लगाने की भी वकालत की। उन्होंने कहा, “हम हमेशा सांप्रदायिक तनाव में पीएफआई का हाथ देखते हैं। यहाँ तक कि हालिया बटाद्रवा घटना में भी हमें अब पीएफआई की संलिप्तता के संकेत मिल रहे हैं।”

हिमंता बिस्वा सरमा ने कॉन्ग्रेस को भी आड़े हाथों लेते हुए भविष्यवाणी की कि कॉन्ग्रेस आगामी संसदीय चुनावों में मुख्य विपक्षी दल के रूप में अपनी भूमिका को बनाए रखने के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा, “मेरे आकलन के अनुसार, वे 2024 में लगभग 30-35 सीटों पर आ जाएँगे।”

हिमंता बिस्वा सरमा ने आगे पीएम मोदी का जिक्र करते हुए कहा, “यदि आप पिछले 2-3 वर्षों में देखें, तो नॉर्थ-ईस्ट में प्रधानमंत्री मोदी की पहुँच के कारण अब नॉर्थ-ईस्ट के छात्रों के साथ नस्लीय भेदभाव अचानक काफी हद तक कम हो गया है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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