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6378 ठेके, एक ग्रुप का कारोबार ₹30 करोड़, चाहे जितनी बनाए शराब: भगवंत मान सरकार ने नई आबकारी नीति को दी मंजूरी, कहा- 40 फीसदी सस्ती मिलेगी दारू

प्रणाली निष्पक्ष और पारदर्शी रहे इसके लिए शराब के ठेकों को 177 ग्रुप में बाँटा गया है। एक ग्रुप का कारोबार लगभग 30 करोड़ होगा और पंजाब में 6378 ठेके होंगे।

भगवंत मान (Bhagwant Mann) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। बुधवार (8 जून 2022) को पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में अंग्रेजी शराब और बीयर का कोटा खत्म कर दिया गया है, यानी अब कंपनियाँ जितनी चाहे शराब बना सकती हैं। इससे पंजाब में शराब की कीमतों में 30 से 40 फीसदी की गिरावट हो सकती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में नई आबकारी नीति (Excise Policy of Punjab) के तहत 9647.85 करोड़ राजस्व का रखा लक्ष्य गया। नई नीति से बीते साल की अपेक्षा 40 प्रतिशत अधिक राजस्व होने की संभावना है। नई आबकारी नीति के तहत बीयर और देश में निर्मित होने वाली विदेशी शराब को सस्ता किया जाएगा। पिछले साल यह कोटा 4.80 करोड़ बोतलों का था। इसी तरह बीयर का भी कोई कोटा नहीं होगा। पिछले साल 3.28 करोड़ बोतल बियर बिकी थीं। वहीं, देसी शराब का कोटा 6.30 करोड़ प्रूफ लीटर ही रहेगा। सरकार का दावा है कि शराब के रेट कम होने के कारण पड़ोसी राज्यों से तस्करी नहीं होगी।

बताया जा रहा है कि पंजाब सरकार ने अंग्रेजी शराब पर लगने वाली आबकारी ड्यूटी को 350 फीसदी से घटाकर 150 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा देसी शराब पर इसे 250 से कम करके एक फीसदी कर दिया गया है। इससे पंजाब में शराब की कीमत अब पड़ोसी राज्यों के बराबर हो जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह नीति 1 जुलाई, 2022 से 31 मार्च 2023 तक 9 महीनों तक के लिए लागू रहेगी।

बता दें कि नई आबकारी नीति के तहत ठेकों का आवंटन ई-टेंडरिंग के माध्यम से होगा। प्रणाली निष्पक्ष और पारदर्शी रहे इसके लिए शराब के ठेकों को 177 ग्रुप में बाँटा गया है। एक ग्रुप का कारोबार लगभग 30 करोड़ होगा और पंजाब में 6378 ठेके होंगे। पीएमएल को छोड़कर हर किस्म की शराब की आबकारी ड्यूटी थोक कीमत की एक प्रतिशत के हिसाब से वसूली जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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