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पश्चिम बंगाल में टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर किया हमला, फोन और गाड़ियाँ भी छीनी: अर्जुन सिंह

अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासन में लोकतंत्र की "हत्या" की जा रही है और भाजपा कार्यकर्ताओं और एक विधायक की हालिया मौतों का हवाला देते हुए सबूत के रूप में कहा गया है कि सत्ता पक्ष राज्य मशीनरी का उपयोग करके बंगाल में विपक्ष को मार रहा है।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के जगतदल में, भाजपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार (जुलाई 18, 2020) को अम्फान राहत सामग्री वितरण में कथित भ्रष्टाचार, पुलिस द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न और कई अन्य मामलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कथित तौर पर सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया।

बैरकपुर के भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने बताया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं द्वारा हुए हमले में कई लोग घायल हुए हैं, कुछ लोगों के मोबाइल फोन और गाड़ियाँ भी छीन लिए गए हैं।

इससे पहले शनिवार को उत्तर 24 परगना के श्यामनगर इलाके में भाजपा की एक सभा में कथित तौर पर क्रूड बम फेंके गए थे। दरअसल, बैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस द्वारा अपने कार्यकर्ताओं पर कथित अत्याचारों के खिलाफ रैली निकालने की योजना बनाई।

रैली शुरू होने से पहले अज्ञात उपद्रवियों ने कच्चे बम फेंके जिससे कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए। हालाँकि, भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बम विस्फोट की घटना के बाद एक विशाल रैली निकाली गई।

अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासन में लोकतंत्र की “हत्या” की जा रही है और भाजपा कार्यकर्ताओं और एक विधायक की हालिया मौतों का हवाला देते हुए सबूत के रूप में कहा गया है कि सत्ता पक्ष राज्य मशीनरी का उपयोग करके बंगाल में विपक्ष को मार रहा है।

अर्जुन सिंह ने ट्विटर पर लिखा, “दीदी (ममता बनर्जी), बम और गोलियों से आज जिन्हें मारने की कोशिश की है आपने, वे भी बंगाल के ही बेटे हैं। क्या उनका दोष यही है कि वे बंगाल के हैं, बांग्लादेश के नहीं? देखिए दीदी की खूनी राजनीति।”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा है, “पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की हत्या, सिर्फ ममतातंत्र बच गया है। आज बैरकपुर में दीदी के कुशासन के खिलाफ एक जुलूस का आह्वान किया था। हर इलाके में पुलिस की निगरानी में बीजेपी कर्मियों पर बम-गोलियाँ चलाई जा रही हैं। जुलूस पर हमले हो रहे हैं।”

गौरतलब है कि गुरुवार (जुलाई 16, 2020) को नादिया के कृष्णानगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में भीमपुर थाना अंतर्गत गलकाटा गाँव में बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ता बापी घोष की हत्या कर दी गई थी। पश्चिम बंगाल बीजेपी ने इस हत्या के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहाराया था।

यह घटना भाजपा विधायक देबेन्द्र नाथ रॉय के पश्चिम बंगाल के बिंदल गाँव के पास उनके आवास पर लटके पाए जाने के दो दिन बाद आई थी। हेमताबाद के भाजपा विधायक देबेन्द्र नाथ रॉय का मृत शरीर एक फंदे से झूलता हुआ पाया गया था। भाजपा विधायक देबेन्द्र नाथ रॉय रविवार (जुलाई 12, 2020) को ही अपने पैतृक गाँव बिंडोल पहुँचे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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