Friday, May 7, 2021
Home राजनीति कोरोना की आड़ में बॉर्डर से हटाया तो भुगतने पड़ेंगे गंभीर परिणामः BKU की...

कोरोना की आड़ में बॉर्डर से हटाया तो भुगतने पड़ेंगे गंभीर परिणामः BKU की मोदी सरकार को एक और धमकी

ऐसे वक्त में जब देश में कोरोना संकट की वजह से एक दिन में ही 3 लाख से अधिक नए कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज किए गए। प्रदर्शनकारी किसानों ने राष्ट्रीय राजधानी में गाजीपुर की सीमा पर एक इफ्तार पार्टी रखी, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग के सभी नियमों का जमकर उल्लंघन हुआ।

दिल्ली में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। हालात गंभीर होते जा रहे हैं, लेकिन दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे कथित किसानों ने प्रदर्शन स्थल से एक इंच भी हिलने से साफ इनकार कर दिया है। ये वही कथित किसान हैं, 26 जनवरी को लाल किला हिंसा में भी शामिल रहे हैं। दिल्ली की सीमाओं पर महीनों से डेरा डाले इन कथित किसानों के कारण कोरोना मरीजों की जान बचाने के लिए आवश्यक ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाले वाहनों का रास्ता भी बाधित हो रहा है।

कोरोना की दूसरी लहर जहाँ पहले से कहीं खतरनाक होकर सामने आ रही है, वहीं इन कथित किसानों ने एक बार फिर से पंजाब से दिल्ली तक मार्च करने का निर्णय लिया है। राकेश टिकैत की अगुवाई वाली भारतीय किसान यूनियन ने भाजपा सरकार को हाल ही में प्रदर्शन स्थल खाली नहीं करने की धमकी दी थी। अब बीकेयू के गुरनाम सिंह चढूनी ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सरकार ने कोरोना संकट की आड़ में सीमाओं को खाली करने की कोशिश की तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

मजे की बात यह है कि ऐसा ही बयान इच्छाधारी प्रदर्शनकारी के नाम से कुख्यात योगेंद्र यादव ने भी दिया था। योगेंद्र यादव ने भी कहा था कि मोदी सरकार कोरोना वायरस महामारी के बहाने विरोध-प्रदर्शन को खत्म करने की कोशिश कर रही है।

इससे पहले 17 अप्रैल को भी चढूनी ने बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने की धमकी दी थी। उन्होंने ट्वीट में लिखा था, “बीजेपी को यह नहीं समझना चाहिए कि वो किसानों के प्रदर्शन स्थल को खाली कराने में सक्षम है। अगर सरकार इस तरह की कोई भी कार्रवाई करती है, तो भाजपा अपना चेहरा तक नहीं बचा पाएगी।”

कुछ दिनों पहले, जम्मू के दौरे पर गए किसान नेता राकेश टिकैत ने जोर देकर कहा था कि किसानों का आंदोलन शाहीन बाग नहीं है, जिसे कोरोना वायरस के नाम पर खत्म किया जा सके।

कथित किसानों की ये नौटंकी यहीं समाप्त नहीं होती है। ऐसे वक्त में जब देश में कोरोना संकट की वजह से एक दिन में ही 3 लाख से अधिक नए कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज किए गए। प्रदर्शनकारी किसानों ने राष्ट्रीय राजधानी में गाजीपुर की सीमा पर एक इफ्तार पार्टी रखी, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग के सभी नियमों का जमकर उल्लंघन हुआ। प्रदर्शन स्थल की चौंकाने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हुईं। इसमें किसान नेता एक बड़े समूह के साथ भोजन करते दिखे। उस दौरान कोरोना के नियमों की जमकर धज्जियाँ उड़ीं।

पूरे देश में व्याप्त कोविड-19 महामारी के मौजूदा संकट को पूरी तरह से अनदेखा करते हुए भारतीय किसान यूनियन ने कृषि कानूनों के विरोध में 21 अप्रैल को दिल्ली में एक मार्च की भी घोषणा की थी। यह ऐलान ऐसे वक्त में किया गया था, जब दिल्ली में संक्रमितों के मामलों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में अस्पतालों में बेड, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की किल्लत मची हुई है।

किसानों के कंधों पर बंदूक रखकर निशाना लगा रहे राकेश टिकैत ने कहा है महामारी का बहाना बनाकर किसान आंदोलन को रोका नहीं जा सकता है। खास बात यह है कि राकेश टिकैत ने खुद वैक्सीन की डोज ले ली है। टिकैत ने यह भी कहा है कि अगर दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहा एक भी किसान कोरोना संक्रमित होता है तो इसके लिए केंद्र सरकार ही जिम्मेदार होगी।

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के साथ बात करते हुए टिकैत ने कहा, “अगर किसान वायरस से संक्रमित होते हैं तो जिम्मेदारी पूरी तरह से सरकार की होगी। जब देश भर में COVID-19 मामले बढ़ रहे हैं तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्या इसके लिए भी किसान जिम्मेदार हैं? ”

उन्होंने आगे कहा, “अगर कोई बीमारी है, तो सरकार को इसका इलाज सुनिश्चित करना चाहिए और इसके लिए अस्पतालों का निर्माण करना चाहिए। राजनेता दूसरी चीजों के लिए धन जुटा रहे हैं। वे रैलियाँ कर रहे हैं और चुनाव लड़ रहे हैं।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गायों के लिए ऑक्सीमीटर, PM CARES वाले वेंटीलेटर्स फाँक रहे धूल: सरकार को ऐसे बदनाम कर रहे मीडिया गिरोह

इस समय भारत दो मोर्चों पर लड़ रहा - एक कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से और दूसरा मीडिया समूहों द्वारा फैलाई जा रही फेक न्यूज और नैरेटिव से।

बाहर No Bed का नोटिस, UP प्रशासन के एक्शन में आते ही मिले 969 बेड खाली: कोविड अस्पतालों में धांधली की खुली पोल

डीएम ने जब हर अस्पताल का ब्यौरा जाँचा तो सिर्फ 24 घंटे में पता चला कि कोविड अस्पतालों में 969 बेड खाली पड़े हैं। इनमें 147 वेंटीलेटर और...

भारत की मदद को आए कई विदेशी हिंदू मंदिर: करोड़ों रुपए, ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और सिलिंडर से सहायता

ये हिंदू मंदिर भले ही विदेशों में स्थित हैं लेकिन जब बात हिंदुस्तान को संकट से उभारने की आई तो इन्होंने अपने सामर्थ्य से ऊपर उठ कर...

बंगाल हिंसा वाली रिपोर्ट राज्यपाल तक नहीं पहुँचे: CM ममता बनर्जी का ऑफिसरों को आदेश, गवर्नर का आरोप

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी पर यह आरोप लगाया है कि उन्होंने चुनाव परिणाम के बाद हिंसा पर रिपोर्ट देने से...

‘मेरी बहू क्रिकेटर इरफान पठान के साथ चालू है’ – चचेरी बहन के साथ नाजायज संबंध पर बुजुर्ग दंपत्ति का Video वायरल

बुजुर्ग ने पूर्व क्रिकेटर पर आरोप लगाते हुए कहा, “इरफान पठान बड़े अधिकारियों से दबाव डलवाता है। हम सुसाइड करना चाहते हैं।”

महाराष्ट्र पुलिस में दलाली और उद्धव-पवार का नाम: जिस महिला IPS ने खोले पोल, उनकी गिरफ्तारी पर HC की रोक

IPS अधिकारी रश्मि शुक्ला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुँचीं, जहाँ FIR रद्द कर के पुलिस को कोई सख्त कदम उठाने से रोकने का निर्देश देने की दरख़्वास्त की गई।

प्रचलित ख़बरें

‘मेरी बहू क्रिकेटर इरफान पठान के साथ चालू है’ – चचेरी बहन के साथ नाजायज संबंध पर बुजुर्ग दंपत्ति का Video वायरल

बुजुर्ग ने पूर्व क्रिकेटर पर आरोप लगाते हुए कहा, “इरफान पठान बड़े अधिकारियों से दबाव डलवाता है। हम सुसाइड करना चाहते हैं।”

नेशनल जूनियर चैंपियन रहे पहलवान की हत्या, ओलंपियन सुशील कुमार को तलाश रही दिल्ली पुलिस

आरोप है कि सुशील कुमार के साथ 5 गाड़ियों में सवार होकर लारेंस बिश्नोई व काला जठेड़ी गिरोह के दर्जन भर से अधिक बदमाश स्टेडियम पहुँचे थे।

21 साल की कॉलेज स्टूडेंट का रेप-मर्डर: बंगाल में राजनीतिक हिंसा के बीच मेदिनीपुर में महिला समेत 3 गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हो रही हिंसा के बीच पश्चिम मेदिनीपुर जिले से बलात्कार और हत्या की एक घटना सामने आई है।

पेड़ से लटके मिले BJP के गायब कार्यकर्ता, एक के घर बमबारी: ममता ने 29 IPS बदले, बंगाल हिंसा पर केंद्र को रिपोर्ट नहीं

ममता बनर्जी ने शपथ लेते ही 16 जिलों के SP को इधर-उधर किया है। अधिकतर ऐसे हैं, जिन पर चुनाव आयोग ने भरोसा नहीं जताया था।

असम में भाजपा के 8 मुस्लिम उम्मीदवारों में सभी की हार: पार्टी ने अल्पसंख्यक मोर्चे की तीनों इकाइयों को किया भंग

भाजपा से सेक्युलर दलों की वर्षों पुरानी शिकायत रही है कि पार्टी मुस्लिम सदस्यों को टिकट नहीं देती पर जब उसके पंजीकृत अल्पसंख्यक सदस्य ही उसे वोट न करें तो पार्टी क्या करेगी?

‘हिंदुओं तौबा कर लो… कलमा पढ़ मुसलमान बन जाओ’: यति नरसिंहानंद, कोरोना पर मौलवी का जहरीला Video

'कोरोना से लोग मारे जा रहे और श्मशान घाट में चिता जलाने की जगह नहीं है... उसकी सबसे बड़ी वजह इस्लाम की मुखालफत है।"
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,362FansLike
89,814FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe