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‘महुआ, क्या आपने महुआ ले रखी है’ – BJP के बाबुल सुप्रियो को हाई कोर्ट से राहत, महुआ मोइत्रा वाली चार्जशीट खारिज

आरोप यह था कि राष्ट्रीय टीवी पर हुई इस परिचर्चा में बाबुल सुप्रियो ने महुआ मोइत्रा पर टिप्पणी करते हुए कहा था, “महुआ, क्या आपने महुआ ले रखी है (महुआ से बनने वाली स्थानीय शराब)”? लेकिन हाई कोर्ट ने...

कोलकाता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को बड़ा झटका दिया है। न्यायालय ने उनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के विरुद्ध दायर की गई चार्जशीट को सिरे से खारिज कर दिया। इसमें केन्द्रीय मंत्री पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने साल 2017 के दौरान हुई एक टेलीविज़न चर्चा (डिबेट) में तृणमूल कॉन्ग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।  

न्यायालय ने अपने आदेश में कहा, “अभी तक हुई चर्चा से यह निष्कर्ष निकल कर आता है कि प्राथमिकी (एफ़आईआर) में जितने आरोप लगाए गए हैं और आरोपों से जुड़े तमाम पहलू के आधार पर धारा 509 का उल्लंघन नहीं हुआ है। इसलिए चार्जशीट संख्या 27, तिथि 8 मार्च 2017 जो कि धारा 509 के तहत दायर की गई थी, इसे खारिज करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।”

इसके बाद केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कोलकाता उच्च न्यायलय के इस आदेश का उल्लेख करते हुए ट्वीट किया। साथ ही उन्होंने 3 साल लगातार चली इस लड़ाई में महुआ मोइत्रा के विरुद्ध जीत दर्ज करने पर ख़ुशी भी जाहिर की। 

साल 2017 में तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने बाबुल सुप्रियो के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि एक टीवी चैनल पर हुई चर्चा के दौरान केन्द्रीय मंत्री ने उनके मान सम्मान को ठेस पहुँचाई थी। आरोप यह था कि राष्ट्रीय टीवी पर हुई इस परिचर्चा में बाबुल सुप्रियो ने महुआ मोइत्रा पर टिप्पणी करते हुए कहा था, “महुआ, क्या आपने महुआ ले रखी है (महुआ से बनने वाली स्थानीय शराब)”?

विवादित नेता महुआ मोइत्रा को यह टिप्पणी बेहद अपमानजनक लगी थी। नतीजतन उन्होंने इसके विरुद्ध अलीपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराया था। जिसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस सम्बंध में मुकदमा दर्ज किया था और एक चार्जशीट भी दायर की थी। स्थानीय अदालत ने इस मामले में पुलिस को आदेश दिया था कि वह धारा 509 के तहत बाबुल सुप्रियो पर कार्रवाई करे।  

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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