Homeराजनीतिअब तक क्यों नहीं किया शेख शाहजहाँ को गिरफ्तार: संदेशखाली पर कलकत्ता HC ने...

अब तक क्यों नहीं किया शेख शाहजहाँ को गिरफ्तार: संदेशखाली पर कलकत्ता HC ने लगाई ममता सरकार को फटकार, TMC के गुंडों पर था यौन शोषण का आरोप

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बंगाल सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि शाहजहाँ को इस रह राज्य से बढ़ावा नहीं मिल सकता। प्रथम दृष्ट्या में पता चलता है कि उसने लोगों का नुकसान किया है।

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में पीड़िताओं ने अपने बयान में तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता शेख शाहजहाँ का नाम आरोपितों के तौर पर स्पष्ट ढंग से लिया है, लेकिन फिर भी वह आजाद है। ऐसे में कलकत्ता हाई कोर्ट ने बंगाल सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि शाहजहाँ को इस तरह राज्य से बढ़ावा नहीं मिल सकता। प्रथम दृष्ट्या में पता चलता है कि उसने लोगों का नुकसान किया है।

पीठ ने कहा, “यह चौंकाने वाला है कि समस्या की जड़ वाला व्यक्ति अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है और वो फरार है। अगर उसके खिलाफ हजारों झूठे आरोप हैं, लेकिन इनमें अगर एक भी आरोप सही है तो आपको उसकी जाँच करनी चाहिए। आप बेवजह लोगों को परेशान कर रहे हैं।”

कोर्ट ने कहा- “राज्य में कानून व्यवस्था की समस्या तो है। वह जनप्रतिनिधि है। वह कानून का अपमान नहीं कर सकता। देखते हैं कि वो कोर्ट के आगे पेश होगा या नहीं।” कोर्ट ने कहा कि स्वत: संज्ञान मामले में हम उन्हें सरेंडर करने को कहेंगे।”

अदालत ने कहा- “पूरे 18 दिन हो गए हैं। एक आदमी जो पूरी समस्या की जड़ है वो अब भी फरार है। हमें ये भी नहीं पता कि उसे संरक्षण मिला है या नहीं लेकिन उसे नहीं पकड़ा जा सका है ये पक्का है।”

बता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक ओर जहाँ टीएमसी नेता की गिरफ्तारी न करने पर बंगाल सरकार को फटकारा है, वहीं कोर्ट की डिविजन बेंच ने आज (20 फरवरी 2024) बंगाल के प्रतिपक्ष नेता शुभेंदु अधिकारी को हिंसा प्रभावित संदेशखाली में जाने की इजाजत दी, जिसके बाद बीजेपी नेता संदेशखाली पहुँचे। अब वह वहाँ पीड़ितों से मुलाकात करेंगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -