चुनाव पूरे होने के पहले ही चंद्रबाबू सरकार बनाने में जुटे, केजरीवाल और राहुल से मुलाकात

राहुल गाँधी से चंद्रबाबू नायडू की मुलाक़ात इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि राहुल ने सरकार बनाने के लिए गठबंधन को हरी झंडी दिखाई थी। इस संकेत से राहुल गाँधी ने अपने लक्ष्य को साफ़ कर दिया था कि वो बीजेपी को सत्ता में वापसी नहीं करने देना चाहते और इसके लिए वो विपक्ष की हर शर्त मानने को तैयार हैं।

लोकसभा चुनाव सम्पन्न होने के पहले ही सरकार बनाने को लेकर विपक्ष के नेताओं में काफ़ी हलचल का माहौल बन गया है। महागठबंधन के नाम पर विपक्ष की एकजुटता ख़ासतौर पर पीएम मोदी के लेकर है। तेलुगू देशम पार्टी (TDP) अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी विपक्ष के नेताओं को एकजुट करने की कोशिश में जुट गए हैं। उन्होंने शुक्रवार (17 मई) को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाक़ात की। इस दौरान उनके बीच चुनाव के परिणाम के बाद की रणनीति को लेकर लंबी बातचीत हुई। इस मौक़े पर मनीष सिसोदिया और पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह भी मौजूद थे।

उधर, कॉन्ग्रेस भी तीसरे मोर्चे की सरकार बनाने के लिए विपक्ष की पार्टियों को एकजुट करने में जुट गई है। इसके लिए कॉन्ग्रेस ने नेताओं से मिलने की क़वायद भी शुरू कर दी है। शुक्रवार (17 मई) को कॉन्ग्रेस ने कहा था कि वो एक प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले कॉन्ग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा था कि अगर कॉन्ग्रेस को पूर्ण बहुमत मिल जाएगा तो भी वो राज्य स्तरीय नेता का समर्थन लेने में गुरेज नहीं करेगी। ख़बर के अनुसार, सोनिया गाँधी ने विपक्षी दलों को साथ लाने के लिए अपने विश्वासपात्र नेताओं से कहा है कि वो 23 मई को चुनाव परिणाम की घोषणा के साथ ही एक बैठक बुलाएँ।

इसके अलावा यह भी पता चला है कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू यूपीए अध्यक्ष सोनिया गाँधी से भी मिलना चाहते थे पर किन्हीं कारणों की वजह से उनसे बातचीत संभव नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार, चंद्रबाबू नायडू आज राहुल गाँधी से मुलाक़ात करेंगे। इस मुलाक़ात में दोनों नेताओं के बीच चुनावी नतीजों के बाद की रणनीति पर गहन चर्चा होने की संभावना है। राहुल गाँधी से उनकी मुलाक़ात इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि राहुल ने सरकार बनाने के लिए गठबंधन को हरी झंडी दिखाई थी। इस संकेत से राहुल गाँधी ने अपने लक्ष्य को साफ़ कर दिया था कि वो बीजेपी को सत्ता में वापसी नहीं करने देना चाहते और इसके लिए वो विपक्ष की हर शर्त मानने को तैयार हैं। ऐसी संभावना है कि चंद्रबाबू नायडू राहुल गाँधी से मुलाक़ात करने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश सिंह यादव से भी मुलाक़ात के लिए लखनऊ रवाना हो जाएँगे।

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