Sunday, July 3, 2022
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केजरीवाल ने कश्मीर में हिंदुओं की टारगेट किलिंग पर केंद्र को घेरा, मगर इस्लामिक आतंकियों पर साधी चुप्पी

बता दें कि ये वही अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्होंने कश्मीर नरसंहार और पलायन पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स‘ को झूठी फिल्म बताते हुए राज्य में टैक्स फ्री करने से इनकार कर दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने विधानसभा में फिल्म को टैक्स फ्री करने की बजाय यूट्यूब पर डालने की सलाह भी दी थी। इस दौरान केजरीवाल और उनके विधायकों ने जमकर ठहाके लगाए।

कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार-पलायन के मुद्दे पर सदन में ठहाके लगाने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने जन आक्रोश रैली निकाला है। AAP ने इसके माध्यम से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। 

सीएम केजरीवाल ने 1990 के दशक से लेकर अभी की परिस्थितियों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालाँकि, हैरत की बात यह है कि इस दौरान उन्होंने कट्टरपंथी इस्लाम के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला। उन्होंने कश्मीर में हो रहे टारगेट किलिंग को लेकर अपने संबोधन में इस्लामी आतंकियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया। 

केजरीवाल ने 1990 में कश्मीरी हिंदुओं के साथ हुए बर्बरता के लिए भी भाजपा पर ही निशाना साधा, न कि कट्टरपंथी इस्लाम या इस्लामी आतंकियों पर। उनके मुँह से एक बार भी ये नहीं निकला कि 1990 में इस्लामी आतंकियों ने किस तरह से कश्मीरियों का नरसंहार किया, उनकी माँ-बहन के साथ गैंगरेप करके जिंदा मार डाला, किस तरह से मस्जिदों से भागने या फिर मरने के लिए तैयार रहने का फरमान जारी किया गया। केजरीवाल का भाषण पूरी तरह से भाजपा पर हमला करने पर केंद्रित रहा।

अगर यह कहा जाए कि उन्होंने कश्मीरी पंडितों के पलायन और विवशता को मुद्दा बनाकर अपनी राजनीति की रोटी सेंकने का काम किया तो शायद गलत नहीं होगा। केजरीवाल ने एक बार फिर से इस मुद्दे को राजनीति में घसीटने का काम किया।

इस दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आज कश्मीर में 1990 का दौर फिर से लौट आया है। कश्मीर में फिर से कश्मीरी पंडितों को चुन-चुन कर मारा जा रहा है। भाजपा सरकार उनकी रक्षा करने में पूरी तरह फेल हो चुकी है। कश्मीर में जो हो रहा है, उसको लेकर हर भारतीय के मन में गुस्सा, चिंता और दुख है।

उन्होंने आगे कहा कि आज फिर कश्मीरी पंडित अपनी जन्मभूमि छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं। जब कश्मीरी पंडित टारगेट किलिंग का विरोध करते हैं तो कश्मीर में वर्तमान भाजपा सरकार उन्हें विरोध करने की अनुमति नहीं देती है। अगर सरकार इस तरह व्यवहार करती है तो लोगों की पीड़ा दोगुनी हो जाती है।

केजरीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार के पास कोई योजना नहीं है। जब भी घाटी में कोई हत्या होती है तो खबर आती है कि गृह मंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इन बैठकों से कुछ नहीं होगा, अब हमें कार्रवाई की जरूरत है। कश्मीर कार्रवाई चाहता है। कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा के करने में भाजपा सरकार विफल रही है, लेकिन आम आदमी पार्टी कश्मीरी पंडितों के साथ खड़ी है। कश्मीर में जो हो रहा है उसे देखकर देश के लोग दुखी हैं।

उन्होंने कहा, “आज हम केंद्र सरकार के सामने 4 माँग रखते हैं। पहली- भाजपा की केंद्र सरकार देश के सामने कश्मीरी पंडितों, हिंदुओं और फौज की सुरक्षा का प्लान रखे। दूसरी- ये बॉन्ड रद्द किया जाए। तीसरी- कश्मीरी पंडितों की हर माँग पूरी की जाए और चौथी माँग है कि इनको सुरक्षा प्रदान की जाए।”

बता दें कि ये वही अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्होंने कश्मीर नरसंहार और पलायन पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स‘ (The Kashmir Files) को झूठी फिल्म बताते हुए राज्य में टैक्स फ्री करने से इनकार कर दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने विधानसभा में फिल्म को टैक्स फ्री करने की बजाय यूट्यूब पर डालने की सलाह भी दी थी। इस दौरान केजरीवाल और उनके विधायकों ने जमकर ठहाके लगाए।

इसके बाद नेटिजन्स ने याद दिलाया था कि कैसे उन्होंने स्वरा भास्कर की ‘नील बट्टे सन्नाटा’, आमिर खान की ‘पीके’, तापसी पन्नू की ‘सांड की आँख’, शाहिद कपूर-करीना कपूर खान की ‘उड़ता पंजाब’, रणबीर सिंह की ‘83’ के अलावा ‘हमने गाँधी को मार दिया’, ‘सीक्रेट सुपरस्टार’, ‘गब्बर इज बैक’, ‘मॉम’ जैसी फिल्मों को टैक्स फ्री कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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