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ममता ने माकपा पर लगाया आरोप, कहा- इनके कैडर BJP के लिए काम कर रहे, तभी हुई भाजपा की अप्रत्याशित जीत

“आज भी त्रिपुरा के लोग हमें चाहते हैं, लेकिन हम उनकी इच्छा को पूरा करने में असमर्थ रहे हैं क्योंकि कुछ नेताओं ने संकीर्ण व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि हम भविष्य में इस लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे और राज्य से बीजेपी का सफाया हो जाएगा।"

लोकसभा चुनाव नतीजे आने के करीब 5 महीने बाद तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सुप्रीमो तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी की अप्रत्याशित जीत के पीछे मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) का हाथ बताया है। बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में 18 संसदीय सीटों पर जीत के साथ भाजपा राज्य में उभरकर सामने आई थी। अब ममता बनर्जी ने इस उभार और जीत के पीछे लिए माकपा पर बीजेपी के साथ मिले होने का आरोप लगाया है।

पार्टी के मुखपत्र ‘जागो बांग्ला’ के ताजा संस्करण में ममता ने माकपा पर भाजपा के साथ हाथ मिलाने और राज्य में इसे मजबूत होने में मदद करने का आरोप लगाया। अपने लेख के माध्यम से ममता ने कहा है कि भाजपा त्रिपुरा में माकपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार कर रही है, इसके बावजूद माकपा को बंगाल में बीजेपी का विरोध करने के बजाय उसका साथ दे रही है और तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार की छवि धूमिल करने पर उतारू रहती है।

तृणमूल कॉन्ग्रेस सुप्रीमो ने स्पष्ट रूप से कहा कि माकपा ने भाजपा को न केवल त्रिपुरा की सत्ता तश्तरी में रखकर तोहफा में दिया बल्कि लोकसभा चुनाव में इसने बंगाल में अपने वोट भी भाजपा की झोली में डाल दिए। फलस्वरूप पश्चिम बंगाल में भगवा पार्टी को अप्रत्याशित सफलता मिली। ममता ने कहा कि माकपा पर उन्हें हैरत हो रही है।

ममता बनर्जी का कहना है कि त्रिपुरा में भाजपा को सत्ता सौंपने के बाद से वह मौन बैठी हुई है। बंगाल में उनके पास भाजपा को मजबूत करने का काम बचा हुआ है। ममता के अनुसार माकपा कैडर अब भाजपा की सम्पत्ति बन गए हैं। अब, कुछ सीटें जीत रहे हैं। माकपा के वोटों से जीतने के बाद अब भाजपा बंगाल में आतंक फैलाने के फिराक में है। ममता ने कहा कि वामपंथी वास्तव में भाजपा की बढ़त रोकने को लेकर गंभीर होते, तो वे राज्य में तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन ना कर त्रिपुरा के मुद्दे पर कोलकाता की सड़कों पर उतरते।

इसके साथ ही ममता बनर्जी ने आगे कहा, “आज भी त्रिपुरा के लोग हमें चाहते हैं, लेकिन हम उनकी इच्छा को पूरा करने में असमर्थ रहे हैं क्योंकि कुछ नेताओं ने संकीर्ण व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि हम भविष्य में इस लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे और राज्य से बीजेपी का सफाया हो जाएगा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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