Homeदेश-समाजकॉन्ग्रेस के विधायक ने वन अधिकारी को दी हाथ-पाँव काट देने की धमकी

कॉन्ग्रेस के विधायक ने वन अधिकारी को दी हाथ-पाँव काट देने की धमकी

भद्रवती इलाके में विधायक जी ने सबकी तमाम अपेक्षाओं को और अपने पद की गरिमा को उस समय तार-तार कर दिया, जब उन्होंने वन अधिकारी को गुस्से में हाथ-पाँव तोड़ने की धमकी दी।

राम मंदिर पर सबसे ज्यादा अटकलें लगाने वाली कॉन्ग्रेस सरकार के ही एक विधायक ने कर्नाटक में वन अधिकारी को धमकी दी है- “अगर मंदिर के निर्माण में कोई रोक लगाई तो हाथ पैर काट दूँगा।”

जब भी चुनावों के ज़रिए जनता अपने लीडर को किसी भी पद के लिए चुनती है तो उनकी बहुत अपेक्षाएँ होती हैं। इन्हीं अपेक्षाओं में एक अपेक्षा क़ानून और न्यायव्यवस्था को बनाए रखने की भी होती है। लेकिन कर्नाटक के भद्रवती इलाके में विधायक जी ने सबकी तमाम अपेक्षाओं को और अपने पद की गरिमा को उस समय तार-तार कर दिया, जब उन्होंने वन अधिकारी को गुस्से में हाथ-पाँव तोड़ने की धमकी दी।

ये मामला उस समय टूल पकड़ने लगा जब कर्नाटक के भद्रवती इलाके में मंदिर बनने की बात शुरू हुई, लेकिन वन विभाग के एक अधिकारी ने इस मंदिर निर्माण पर कथित तौर से रोक लगा दी। जिससे बात बढ़ गई और अधिकारी की ‘न’ पर स्थानीय विधायक बी के संगमेश्वर नाराज़ हो गए। जिसके बाद अपना आपा खोते हुए उन्होंने अधिकारी को फोन करके कहा कि वह मंदिर की नींव रख रहे हैं और जिसके बाद गाँव वाले आगे काम करना शुरू कर देंगे। साथ मे उन्होंने ये भी कह डाला ‘कोई अधिकारी रोकने नहीं आएगा वरना मैं हाथ और पैर काट दूंगा।’ 

विधयाक जी का ये रवैया दिखाता है कि वह कानून की और न्यायप्रणाली के साथ अपने पद की और अन्य अधिकारियों की कितनी इज्ज़त करते हैं। वैसे देखा जाए अगर तो कर्नाटक की राजनीति में ऐसे बयान आना कोई बड़ी बात नहीं है। इससे पहले भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री जी फोन कॉल पर मारने की धमकी दे चुके हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -