Sunday, June 16, 2024
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‘मिया म्यूजियम में लुँगी’ टिप्पणी पर कॉन्ग्रेसी MLA शेरमन अली माफी माँगे, वरना गिरफ्तार किया जाएगा: हिमांत बिस्वा सरमा

“कोई इतना नीच कैसे हो सकता है और कह सकता है कि एक लुंगी को कलाक्षेत्र जैसे प्रतिष्ठित स्थान पर रखा जा सकता है? सार्वजनिक रूप से माफी नहीं माँगने पर उन्हें जेल भेजा जाएगा। लुँगी टिप्पणी के लिए उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

असम के स्वास्थ्य, वित्त, पीडब्ल्यूडी और शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार (अक्टूबर 31, 2020) को कॉन्ग्रेस विधायक शेरमन अली अहमद को फटकार लगाई।  शेरमन अली अहमद ने ‘मिया म्यूजियम’ में ‘नीली लुँगी’ के प्रदर्शन की बात कही थी। इसी को लेकर हिमंत बिस्वा सरमा ने फटकार लगाई है। 

कॉन्ग्रेस विधायक ने श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र के परिसर में ‘मिया संग्रहालय’ के लिए राज्य सरकार को एक प्रस्ताव पेश किया था। वरिष्ठ मंत्री ने इस माँग को खारिज करते हुए कहा था कि असम में चार क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की कोई अलग-अलग पहचान और संस्कृति नहीं है।

विवादास्पद टिप्पणी पर गुस्साए बिस्वा ने चेतावनी दी कि अगर वह सार्वजनिक रूप से माफी नहीं माँगते हैं तो कॉन्ग्रेस विधायक को गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें उनके अपराध के लिए बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

उन्होंने कहा, “कोई इतना नीच कैसे हो सकता है और कह सकता है कि एक लुंगी को कलाक्षेत्र जैसे प्रतिष्ठित स्थान पर रखा जा सकता है? हम अब उसे गिरफ्तार नहीं कर रहे हैं क्योंकि इससे उसे वोट मिलेगा। सार्वजनिक रूप से माफी नहीं माँगने पर उन्हें जेल भेजा जाएगा। यह एक प्रतिबद्धता है, जो मैं असम के लोगों के लिए कर रहा हूँ। लुँगी टिप्पणी के लिए उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

सरमा ने आगे कहा, “लेकिन कलाक्षेत्र के संबंध में ‘लुँगी’ शब्द का उपयोग किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता… असमिया शंकरदेव और माधवदेव दोनों के बारे में बहुत संवेदनशील हैं।”

हाल ही में कॉन्ग्रेस विधायक शेरमन अली अहमद ने माँग की थी कि असम सरकार को इस परिसर के अंदर एक मिया संग्रहालय स्थापित करना चाहिए। मिया शब्द का तात्पर्य राज्य में रहने वाले बांग्लादेशी प्रवासियों से है। वे बड़े पैमाने पर राज्य के चार क्षेत्रों में, ब्रह्मपुत्र नदी के सैंडबार्स और सहायक नदियों के पास रहते हैं।

दरअसल शेरमन अली अहमद ने कहा था,“मैंने असम के सैंडबार्स पर रहने वाले लोगों के लिए एक संग्रहालय प्रस्तावित किया है। संग्रहालय को कलाक्षेत्र में स्थापित किया जाना चाहिए। चूँकि इन क्षेत्रों की अधिकांश आबादी तथाकथित मिया समुदाय से है, इसलिए इसे मिया संग्रहालय का नाम दिया जाना चाहिए।” असम के बाग़बोर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक शर्मन अली अहमद ने कहा था, “लुँगियों को श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में रखा जाना चाहिए।”

बता दें कि गुवाहाटी में स्थित श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र एक सांस्कृतिक परिसर है, जिसमें असम के इतिहास और संस्कृति, पुस्तकालय, एक ओपन-एयर थियेटर, एक आर्टिस्ट विलेज, एक कला और सांस्कृतिक प्रदर्शनी और हेरिटेज पार्क आदि जैसी कई सुविधाएँ हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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