Saturday, July 31, 2021
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गॉंधी परिवार के एक और पुराने ‘राजदार’ का निधन, नेशनल हेराल्ड केस में भी आरोपित थे मोतीलाल वोरा

वरिष्ठ अहमद पटेल के बाद मोतीलाल वोरा का निधन हुआ है। दोनों ही सोनिया गाँधी के साथ छाया की तरह रहे। 1995 के यूपी के कुख्यात गेस्ट हाउस कांड के समय मोतीलाल वोरा ही गवर्नर भी थे। पत्रकार होने के साथ-साथ ही वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता पार्षद से विधायक, सीएम, सांसद भी बने।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा का 93 साल की उम्र में दिल्ली में निधन हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार मोतीलाल वोरा (Motilal Vora) के स्वास्थ्य में परेशानी होने के कारण कल, रविवार (दिसंबर 20, 2020) रात उन्हें एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। कल ही उनका जन्मदिन था।

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने भी ट्वीट कर कहा, ”वोरा जी एक सच्चे कॉन्ग्रेसी और अद्भुत इंसान थे। हम उन्हें बहुत मिस करेंगे। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदना है।”

मध्य प्रदेश के एक पूर्व मुख्यमंत्री, वोरा छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य थे। उन्होंने 2018 तक 16 वर्षों के लिए अखिल भारतीय कॉन्ग्रेस कमेटी (AICC) के कोषाध्यक्ष के रूप में भी काम किया है। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी द्वारा फेरबदल के बाद यह पद एक अन्य वरिष्ठ नेता अहमद पटेल को सौंप दिया गया था।

अक्टूबर माह में ही कोविड -19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद गत 25 नवंबर को अहमद पटेल का गुरुग्राम के एक अस्पताल में निधन हो गया। वरिष्ठ अहमद पटेल के बाद मोतीलाल वोरा का निधन हुआ है। दोनों ही सोनिया गाँधी के साथ छाया की तरह रहे। 1995 के यूपी के कुख्यात गेस्ट हाउस कांड के समय मोतीलाल वोरा ही गवर्नर भी थे।

2019 के आम चुनावों के बाद राहुल गाँधी द्वारा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र की घोषणा के बाद मोतीलाल वोरा को पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा भी सामने आई थी। इसके बाद ही सोनिया गाँधी को पार्टी अध्यक्ष चुना गया।

मोतीलाल वोरा नेशनल हेराल्ड नेशनल हेराल्ड मामले में भी सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, ऑस्कर फर्नाडीज, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया कंपनी के साथ आरोपित थे। मोतीलाल वोरा AJL के मैनेजिंग डायरेक्‍टर थे। इस कंपनी पर गाँधी परिवार का दखल है। यही AJL ही नेशनल हेराल्‍ड अखबार को चलाता है।

इस अखबार को साल 1939 में जवाहरलाल नेहरू ने शुरू किया था जबकि वर्ष 1956 में AJL एक कंपनी बनी। साल 2008 में इसके सारे पब्लिकेशंस बंद कर दिए गए। तब कंपनी पर 90 करोड़ रूपए का कर्ज था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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