Thursday, April 15, 2021
Home राजनीति सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में बड़ा फैसला, सभी 22 अभियुक्त हुए बरी

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में बड़ा फैसला, सभी 22 अभियुक्त हुए बरी

अमित शाह 2014 में ही इस मामले में आरोप-मुक्त करार दिए गए थे वहीं डीजी वंजारा को 2017 में इस मामले से जुड़े आरोपों से बरी कर दिया गया था।

सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला देते हुए सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में सभी 22 अभियुक्तों को सबूतों के आभाव में बरी करने का आदेश दिया है। अभियुक्तों में अधिकतर गुजरात और राजस्थान के पुलिस अधिकारी हैं। न्यायमूर्ति एसजे शर्मा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सभी गवाह और सबूत साजिश और हत्या को साबित करने के लिए काफी नहीं थे। अदालत ने यह भी पाया कि मामले से जुड़े परिस्थितिजन्य सबूत भी पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने इस मुठभेड़ को फर्जी मानने से भी इनकार कर दिया। अदालत ने सीबीआई के बारे में कहा कि उसने 210 गवाहों को अदालत में पेश कर अपनी दलीलों को साबित करने की पूरी कोशिश की।

ज्ञात हो कि सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति एनकाउंटर मामले की जांच सीआईडी द्वारा की जा रही थी जिसे 2010 में सीबीआई को सौंप दिया गया था। अदालत ने कुल 210 गवाहों के बयान सुने जिनमे से 92 गवाह अपने बयानों से पलट गए थे इस महीने के शुरुआत में ही अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि न्यायाधीश वर्मा का कार्यकाल कुछ ही दिनों बाद समाप्त होने जा रहा है। अपने कार्यकाल का अंतिम फैसला सुनाते हुए उन्होंने कहा;

“सोहराबुद्दीन की मौत गोली लगने से हुए घावों से हुई जैसा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से भी साबित होता है लेकिन इन अभियुक्तों में से कोई भी इस मौत की वजह थे, ऐसा साबित नहीं होता। तुलसीराम प्रजापति को एक साजिश के तहत मारा गया, यह आरोप भी सही नहीं है।”

अपना फैसला सुनाते हुए जस्टिस वर्मा ने आगे कहा;

“अगर गवाह अपने बयानों से पलट जाये तो इसमें पुलिस या वकीलों की कोई गलती नहीं है। हमें इस बात का दुख है कि तीन लोगों ने अपनी जान खोई है, लेकिन कानून और सिस्टम को किसी आरोप को सिद्ध करने के लिए सबूतों की आवश्यकता होती है। सीबीआइ इस बात को सिद्ध ही नहीं कर पाई कि पुलिसवालों ने सोहराबुद्दीन को हैदराबाद से अगवा किया था। इस बात का कोई सबूत नहीं है।”

इसी मामले में 16 लोगों को पहले ही सबूतों के आभाव में बरी किया जा चुका है। ज्ञात हो कि इस केस में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, राजस्थान के पूर्व गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया, गुजरात पुलिस के पूर्व डीआईजी डीजी वंजारा के नाम भी आरोपियों में शामिल थे। अमित शाह 2014 में ही इस मामले में आरोप-मुक्त करार दिए गए थे वहीं डीजी वंजारा को 2017 में इन आरोपों से बरी कर दिया गया था।

क्या है मामला?

26 नवंबर 2015 में गुजरात एटीएस और राजस्थान एसटीएफ ने अहमदाबाद के निकट मध्य प्रदेश के अपराधी सोहराबुद्दीन को शेख एक पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था। इस घटना के लगभग एक साल बाद दिसम्बर 2016 में सोहराबुद्दीन के सहयोगी तुलसीराम को भी एक एनकाउंटर में पुलिस ने मार गिराया था। सीबीआई ने इन दोनों को फर्जी एनकाउंटर बताया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘आरोग्य सेतु’ डाउनलोड करने की शर्त पर उमर खालिद को जमानत, पर जेल से बाहर ​नहीं निकल पाएगा दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों का...

दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में उमर खालिद को जमानत मिल गई है। लेकिन फिलहाल वह जेल से बाहर नहीं निकल पाएगा। जाने क्यों?

कोरोना से जंग में मुकेश अंबानी ने गुजरात की रिफाइनरी का खोला दरवाजा, फ्री में महाराष्ट्र को दे रहे ऑक्सीजन

मुकेश अंबानी ने अपनी रिफाइनरी की ऑक्सीजन की सप्लाई अस्पतालों को मुफ्त में शुरू की है। महाराष्ट्र को 100 टन ऑक्सीजन की सप्लाई की जाएगी।

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

चीन के लिए बैटिंग या 4200 करोड़ रुपए पर ध्यान: CM ठाकरे क्यों चाहते हैं कोरोना घोषित हो प्राकृतिक आपदा?

COVID19 यदि प्राकृतिक आपदा घोषित हो जाए तो स्टेट डिज़ैस्टर रिलीफ़ फंड में इकट्ठा हुए क़रीब 4200 करोड़ रुपए को खर्च करने का रास्ता खुल जाएगा।

कोरोना पर कुंभ और दूसरे राज्यों को कोसा, खुद रोड शो कर जुटाई भीड़: संजय राउत भी निकले ‘नॉटी’

संजय राउत ने महाराष्ट्र में कोरोना के भयावह हालात के लिए दूसरे राज्यों को कोसा था। कुंभ पर निशाना साधा था। अब वे खुद रोड शो कर भीड़ जुटाते पकड़े गए हैं।

‘वीडियो और तस्वीरों ने कोर्ट की अंतरात्मा को हिला दिया है…’: दिल्ली दंगों में पिस्टल लहराने वाले शाहरुख को जमानत नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपित शाहरुख पठान को जमानत देने से इनकार कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,218FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe