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‘डिग्री तो बहाना है, भ्रष्टाचार से ध्यान हटाना है’: BJP ने पोस्टरों के जरिए अरविंद केजरीवाल की खोली पोल, कोर्ट ने भी फटकारते हुए लगाया था ₹25000 का जुर्माना

दरअसल, पीएम मोदी की डिग्री माँगने को लेकर हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके बाद भी केजरीवाल लगातार डिग्री का मुद्दा उठाते जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर बीजेपी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच जंग रुकने का नाम ले रही है। भाजपा ने एक बार फिर केजरीवाल को निशाना बनाते हुए पोस्टर लगाए हैं। इस पोस्टर में कहा गया है कि केजरीवाल भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने के लिए पीएम की डिग्री को मुद्दा बना रहे हैं।

दरअसल, पीएम मोदी की डिग्री माँगने को लेकर हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके बाद भी केजरीवाल लगातार डिग्री का मुद्दा उठाते जा रहे हैं। इसको लेकर बीजेपी ने अपने दिल्ली स्थित कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाए हैं। इस पोस्टर में लिखा है, “डिग्री तो बहाना है केजरीवाल को भ्रष्टाचार से ध्यान हटाना है।” ये पोस्टर भाजपा नेता आशीष सूद ने लगवाए हैं।

बता दें कि इससे पहले बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली में पोस्टर लगवाए थे। इस पोस्टर में अरविंद केजरीवाल को बेईमान बताते हुए दिल्ली की सत्ता से हटाने की अपील की की गई थी। इस पोस्टर में लिखा था, “बेईमान, रिश्वतखोर, तानाशाह अरविंद केजरीवाल को हटाओ, दिल्ली बचाओ।”

क्या है मामला


दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने RTI के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री की माँग की थी। इसको लेकर केंद्रीय सूचना आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय, गुजरात विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश दिया था कि वह प्रधानमंत्री की डिग्री के बारे में जानकारी दें। केंद्रीय सूचना आयोग के इस निर्देश को गुजरात विश्विद्यालय ने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। गुजरात हाईकोर्ट ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल को फटकार लगाते हुए उन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

बता दें कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों में घिरी हुई। केजरीवाल सरकार में मंत्री रहे सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया अब भी जेल में बंद हैं। दोनों पर भ्रष्टाचार के बड़े आरोप हैं। इन आरोपों के चलते ही दोनों नेताओं को मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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