Friday, February 26, 2021
Home राजनीति शाहीन बाग से टेंशन में दिल्ली के इमाम, केजरीवाल के अरमानों पर झाड़ू फिरने...

शाहीन बाग से टेंशन में दिल्ली के इमाम, केजरीवाल के अरमानों पर झाड़ू फिरने की फिक्र में हुए दुबले

इमाम क्यों नहीं चाहते कि मुस्लिम अपनी पसंद के हिसाब से वोट करें? वे वोटों के बॅंटवारे को लेकर क्यों​ चिंतित हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है उनकी सैलरी जो केजरीवाल सरकार ने बढ़ा दी थी।

70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के लिए आठ फरवरी को वोट डाले जाएँगे। नतीजे 11 फरवरी को आएँगे। राजनीतिक दल जोर-शोर से प्रचार में जुटे हैं। मुस्लिम मतदाताओं का मूड भॉंपने की कोशिश करते हुए दैनिक भास्कर ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसके जरिए दिल्ली के मुस्लिम मतदाताओं की नब्ज टटोलने की कोशिश की गई है। इस रिपोर्ट से अंदाजा लगाया जा सकता है क्यों शाहीन बाग आम आदमी पार्टी (आप) के लिए न उगला जा रहा और न निगला।

यह रिपोर्ट दिल्ली के नौ मस्जिदों के इमाम से बातचीत पर आधारित है। सभी से 4 मसलों पर सवाल सवाल किए गए। ये हैं,

  • दिल्ली की केजरीवाल सरकार का काम
  • भाजपा को वोट देंगे या नहीं
  • मुस्लिम वोटर किधर जाएंगे
  • शाहीन बाग प्रदर्शन

जिन इमामों से बात की गई वे हैं,

  • दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस की मस्जिद के हबीबुर रहमान। यह मस्जिद तिमारपुर विधानसभा क्षेत्र में आता है।
  • एक मीनार मस्जिद के मुफ्ती अब्दुल वाहिद। यह लक्ष्मी नगर विधानसभा क्षेत्र में आता है।
  • चाँदनी चौक विधानसभा क्षेत्र के मस्जिद तकिया मंडल शाह के मोहम्मद तैयब कासमी।
  • ओखला विधानसभा के हजरत अबु मस्जिद के नजीर अहमद।
  • जैतपुर पार्ट-2 स्थित जामा मस्जिद के जुबैर अहमद। यह बदरपुर विधानसभा में आता है।
  • त्रिलोकपुरी विधानसभा के मदीना मस्जिद के हाजी रियासत अली
  • मटियामहल विधानसभा के मस्जिद मुबारक बेगम के मोहम्मद अजमल कासमी।
  • बल्लीमारान विधानसभा के अनारवाली मस्जिद के जुबैर अहमद
  • कैलाशनगर के मस्जिद-मदरसा अंजुमन इस्लामिया के अताउल रहमान कासमी। यह गॉंधी नगर विधानसभा में पड़ता है।

इस रिपोर्ट से जो बात उभरकर आती है वह यह है कि दिल्ली के इमाम नहीं चाहते कि भाजपा सत्ता में आए। ज्यादातर इमाम का झुकाव आप की ओर है। कुछ की नजरें कॉन्ग्रेस पर भी टिकी है। लेकिन, उनकी असल चिंता यह है कि वोटों का बॅंटवारा न हो पाए। दिल्ली में 12 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं। कई सीटों पर उनका प्रभाव है।

जब आप इन इमामों के जवाब पर गौर करेंगे तो आप के लिए उनकी बेचैनी समझ आ जाएगी। साथ ही यह भी साफ हो जाएगा कि शाहीन बाग के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानी अब कैसे उनकी पंसदीदा पार्टी के लिए समस्या खड़ी कर रही है। दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस की मस्जिद के इमाम हबीबुर रहमान के अनुसार केजरीवाल ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। वे भाजपा पर बार-बार कौम का मसला उठाने का आरोप भी लगते हैं। उन्होंने कहा कि वोटों का बँटवारा रोकने की कोशिश जारी है।

केजरीवाल सरकार के काम से एक मीनार मस्जिद के इमाम मुफ्ती अब्दुल वाहिद भी खुश हैं। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में AAP और अगले लोकसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस को वोट दिए जाने की बात चल रही है। चाँदनी चौक विधानसभा के मस्जिद तकिया मंडल शाह के इमाम मोहम्मद तैयब कासमी के अनुसार उनका फोकस भाजपा को हराने पर है। हजरत अबु मस्जिद के इमाम नजीर अहमद ने शाहीन बाग का दोष भी बीजेपी के मत्थे मढ़ने की कोशिश की।

हालाँकि जैतपुर पार्ट-2 स्तिथ जामा मस्जिद के इमाम जुबैर अहमद केजरीवाल के काम से खुश नहीं हैं। फिर भी वे चाहते हैं कि मुस्लिम भाजपा को वोट नहीं दें। मदीना मस्जिद के इमाम हाजी रियासत अली ने बताया कि पहले भले 10-20 फीसदी मुस्लिम भाजपा को वोट दे देते थे। अब कोई मुस्लिम उन्हें वोट नहीं देगा। वैसे, मस्जिद मुबारक बेगम के इमाम मोहम्मद अजमल कासमी का मानना है कि वोटों का बँटवारा शायद ही रोकने में कामयाबी मिल पाए। अनारवाली मस्जिद के इमाम जुबैर अहमद ने शाहीन बाग के प्रदर्शन को गलत तरीके से पेश करने का आरोप भाजपा पर लगाया। मस्जिद-मदरसा अंजुमन इस्लामिया का कहना कि भाजपा के खिलाफ जो मजबूत उम्मीदवार हो मुस्लिमों को उसे वोट देना चाहिए।

अब सवाल उठता है कि ये इमाम क्यों नहीं चाहते कि मुस्लिम अपनी पसंद के हिसाब से वोट करें? वे वोटों के बॅंटवारे को लेकर क्यों​ चिंतित हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है उनकी सैलरी जो केजरीवाल सरकार ने बढ़ा दी थी। मस्जिद के इमामों की सैलरी 10,000 से बढ़ाकर 18,000 और मुअज्जिन की सैलरी 9,000 से बढ़ाकर 16 हजार कर दी गई थी। इसके अलावा दिल्ली में करीब 1500 मस्जिदें ऐसी हैं, जहाँ पर वक्फ बोर्ड का डायरेक्ट कंट्रोल नहीं है और इन मस्जिदों में वक्फ बोर्ड की कमिटी नहीं है। वक्फ बोर्ड ने यह भी फैसला लिया था कि इन 1500 मस्जिदों के इमामों को सैलरी के तौर पर 14,000 रुपए दिए जाएँगे, जबकि मोअज्जिन को 12,000 रुपए मिलेंगे।

दिल्ली BJP की माँग: चुनाव के दौरान मस्जिदों में नियुक्त हों विशेष पर्यवेक्षक ताकि मतदाता ‘भटक’ न जाएँ

जिससे थी उम्मीदें, वो बेवफा निकला: ‘सरजी’ के गले का फाँस बना शाहीन बाग़, बिगड़ा चुनावी गणित

मैं शाहीन बाग वालों की मदद करता हूँ, वे रोज मुझे फोन करते हैं: कॉन्ग्रेस उम्मीदवार

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘ज्यादा गर्मी ना दिखाएँ, जो जिस भाषा को समझेगा, उसे उस भाषा में जवाब मिलेगा’: CM योगी ने सपाइयों को लताड़ा

"आप लोग सदन की गरिमा को सीखिए, मैं जानता हूँ कि आप किस प्रकार की भाषा और किस प्रकार की बात सुनते हैं, और उसी प्रकार का डोज भी समय-समय पर देता हूँ।"

‘लियाकत और रियासत के रिश्तेदार अब भी देते हैं जान से मारने की धमकी’: दिल्ली दंगा में भारी तबाही झेलने वाले ने सुनाया अपना...

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि चाँदबाग में स्थित दंगा का प्रमुख केंद्र ताहिर हुसैन के घर को सील कर दिया गया था, लेकिन 5-6 महीने पहले ही उसका सील खोला जा चुका है।

3 महीनों के भीतर लागू होगी सोशल, डिजिटल मीडिया और OTT की नियमावली: मोदी सरकार ने जारी की गाइडलाइन्स

आपत्तिजनक विषयवस्तु की शिकायत मिलने पर न्यायालय या सरकार जानकारी माँगती है तो वह भी अनिवार्य रूप से प्रदान करनी होगी। मिलने वाली शिकायत को 24 घंटे के भीतर दर्ज करना होगा और 15 दिन के अंदर निराकरण करना होगा।

भगोड़े नीरव मोदी भारत लाया जाएगा: लंदन कोर्ट ने दी प्रत्यर्पण को मंजूरी, जताया भारतीय न्यायपालिका पर विश्वास

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नीरव की मानसिक सेहत को लेकर लगाई गई याचिका को ठुकरा दिया। साथ ही ये मानने से इंकार किया कि नीरव मोदी की मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य प्रत्यर्पण के लिए फिट नहीं है।

LoC पर युद्धविराम समझौते के लिए भारत-पाक तैयार, दोनों देशों ने जारी किया संयुक्त बयान

दोनों देशों ने तय किया कि आज, यानी 24-45 फरवरी की रात से ही उन सभी पुराने समझौतों को फिर से अमल में लाया जाएगा, जो समय-समय पर दोनों देशों के बीच हुए हैं।

यहाँ के CM कॉन्ग्रेस आलाकमान के चप्पल उठा कर चलते थे.. पूरे भारत में लोग उन्हें नकार रहे हैं: पुडुचेरी में PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि पहले एक महिला जब मुख्यमंत्री के बारे में शिकायत कर रही थी, पूरी दुनिया ने महिला की आवाज में उसका दर्द सुना लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने सच बताने की बजाए अपने ही नेता को गलत अनुवाद बताया।

प्रचलित ख़बरें

UP पुलिस की गाड़ी में बैठने से साफ मुकर गया हाथरस में दंगे भड़काने की साजिश रचने वाला PFI सदस्य रऊफ शरीफ

PFI मेंबर रऊफ शरीफ ने मेडिकल जाँच कराने के लिए ले जा रही UP STF टीम से उनकी गाड़ी में बैठने से साफ मना कर दिया।

कला में दक्ष, युद्ध में महान, वीर और वीरांगनाएँ भी: कौन थे सिनौली के वो लोग, वेदों पर आधारित था जिनका साम्राज्य

वो कौन से योद्धा थे तो आज से 5000 वर्ष पूर्व भी उन्नत किस्म के रथों से चलते थे। कला में दक्ष, युद्ध में महान। वीरांगनाएँ पुरुषों से कम नहीं। रीति-रिवाज वैदिक। आइए, रहस्य में गोते लगाएँ।

शैतान की आजादी के लिए पड़ोसी के दिल को आलू के साथ पकाया, खिलाने के बाद अंकल-ऑन्टी को भी बेरहमी से मारा

मृत पड़ोसी के दिल को लेकर एंडरसन अपने अंकल के घर गया जहाँ उसने इस दिल को पकाया। फिर अपने अंकल और उनकी पत्नी को इसे सर्व किया।

केरल में RSS कार्यकर्ता की हत्या: योगी आदित्यनाथ की रैली को लेकर SDPI द्वारा लगाए गए भड़काऊ नारों का किया था विरोध

SDPI की रैली में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसके खिलाफ हिन्दू कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। मृतक नंदू के एक साथी पर भी चाकू से वार किया गया, जिनका इलाज चल रहा है।

‘लोकतंत्र सेनानी’ आज़म खान की पेंशन पर योगी सरकार ने लगाई रोक, 16 सालों से सरकारी पैसों पर कर रहे थे मौज

2005 में उत्तर प्रदेश की मुलायम सिंह यादव की सपा सरकार ने आजम खान को 'लोकतंत्र सेनानी' घोषित करते हुए उनके लिए पेंशन की व्यवस्था की थी।

मस्जिदों में लाउडस्पीकर हटाने के लिए बजरंग दल ने शुरू किया राष्ट्रव्यापी कैंपेन: 1 लाख हस्ताक्षरों की दरकार

ये कैंपेन 22 फरवरी 2021 से शुरू किया गया है। अभियान के तहत संगठन का मकसद एक लाख लोगों का समर्थन पाना है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,062FansLike
81,848FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe