Homeराजनीतिबुरे फँसे केजरीवाल: ‘दिल्ली के शोले’ में अमित शाह को गब्बर बताने पर FIR,...

बुरे फँसे केजरीवाल: ‘दिल्ली के शोले’ में अमित शाह को गब्बर बताने पर FIR, चुनाव आयोग ने भी थमाया नोटिस

चुनाव आयोग की नोटिस में जो बात सबसे अहम है वो ये कि खुद चुनाव आयोग ने आरंभिक तौर पर केजरीवाल को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया है।

दिल्ली में सत्तारुढ़ और लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटी आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ दो बड़ी खबरें आई हैं। पहला चुनाव आयोग से अरविंद केजरीवाल को एक ट्वीट पर नोटिस तो दूसरा बीजेपी की ओर से पार्टी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की खबर। चुनाव आयोग ने नोटिस जारी कर AAP से 8 फरवरी की शाम 5 बजे तक जवाब देने के लिए कहा है।

आम आदमी पार्टी के खिलाफ शोले फिल्म के स्पूफ वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। वीडियो में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को गब्बर के रूप में दिखाए जाने को लेकर बीजेपी ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से AAP की शिकायत की है। बीजेपी ने अपनी शिकायत में कहा है कि AAP समर्थकों ने भ्रामक रीक्रिएशन के जरिए भाजपा की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है। इस स्पूफ में अमित शाह को फिल्म के खलनायक गब्बर के रूप में दिखाया गया है तो वहीं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, विजय गोयल और सांसद गौतम गंभीर को डाकुओं के रूप में चित्रित किया गया है।

बीजेपी की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने विवादास्पद वीडियो को लेकर एक एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर स्पेशल सेल ने 25 जनवरी को मुकदमा दर्ज किया था।

इसके अलावा केजरीवाल को उनके एक ट्वीट के लिए चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में नोटिस जारी किया गया है। दरअसल अरविंद केजरीवाल ने 2 फरवरी की रात अपने ट्विटर एकाउंट से एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें ये आरोप लगाया गया था कि बाकी पार्टियाँ और मीडिया हिन्दू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद और CAA-NRC कर रही हैं, जबकि अरविंद केजरीवाल काम के मुद्दों पर बात कर रहे हैं।

इस वीडियो के खिलाफ बीजेपी ने 4 फरवरी को चुनाव आयोग में शिकायत की थी जिसके बाद आज आयोग ने केजरीवाल को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। चुनाव आयोग की नोटिस में जो बात सबसे अहम है वो ये कि खुद चुनाव आयोग ने आरंभिक तौर पर केजरीवाल को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया है।

चुनाव आयोग की नोटिस के मुताबिक इस वीडियो में सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने, सामाजिक और धार्मिक समुदायों के बीच मौजूदा मतभेदों को बढ़ाने और वोट हासिल करने के लिए साम्प्रदायिक भावनाओं को उकसाने की क्षमता है। इस नोटिस का जवाब भी केजरीवाल को 8 फरवरी की शाम 5 बजे तक देना है। अगर अरविंद केजरीवाल कोई जवाब नहीं देते हैं तो चुनाव आयोग स्वतः कार्रवाई करेगा।

दिल्ली में 70 सीटों के लिए मतदान शुरू: पल-पल बदलते समीकरण में BJP ने यूँ पलटी बाजी

दिल्ली चुनाव 2020: बीजेपी ने 20-20 मैच की तरह बदली हवा पर कितनी सीटों पर खिलेगा कमल?

AAP के स्वास्थ्य मंत्री ने बोला झूठ, मोहल्ला क्लिनिक को लेकर छपवाई फर्जी खबर: स्तंभकार ने खुद किया खुलासा

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -