खुली केजरीवाल के ‘शिक्षा क्रांति’ के दावों की पोल, अमित शाह ने बदला दिल्ली चुनाव का रुख

केजरीवाल ने 25 जनवरी को दिल्ली सरकार द्वारा किए गए कामों का हवाला देते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ‘चैलेंज’ दिया था कि वो दिल्ली के किसी भी सरकार स्कूल का भ्रमण करके देख सकते हैं कि उसमें कितना ज्यादा सकारात्मक बदलाव हुआ है।

दिल्ली में 8 फरवरी को मतदान होने वाला है। चुनाव की तारीख सामने आने के साथ ही आम आदमी पार्टी (AAP) के सुप्रीमो और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के भीतर की घबराहट साफ तौर पर दिखाई देने लगी है। केजरीवाल ने 25 जनवरी को दिल्ली सरकार द्वारा किए गए कामों का हवाला देते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ‘चैलेंज’ दिया था कि वो दिल्ली के किसी भी सरकार स्कूल का भ्रमण करके देख सकते हैं कि उसमें कितना ज्यादा सकारात्मक बदलाव हुआ है।

अब केजरीवाल के चैलेंज का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (जनवरी 28, 2019) को एक वीडियो ट्वीट किया है। इसमें बीजेपी के 8 सांसदों द्वारा स्कूल का दौरा किया गया है। इस वीडियो को ट्वीट करते हुए अमित शाह ने लिखा है, “अरविंद केजरीवाल जी आपने मुझे दिल्ली सरकार द्वारा संचालित स्कूल देखने के लिए बुलाया था। कल दिल्ली भाजपा के आठों सांसद अलग-अलग स्कूल में गए और देखिए इनका क्या हाल है…इनकी बदहाली ने आपकी ‘शिक्षा की क्रांति’ के दावों की पोल खोल दी। अब आपको दिल्ली की जनता को जवाब देना होगा।”

वीडियो में 8 बीजेपी सांसद अलग-अलग स्कूल में जाते हैं और उसकी वास्तविकता को दिखाते हैं। वीडियो में आप देख सकते हैं कि स्कूल की छतें टूटी हुई हैं, छात्र खुले में पढ़ाई कर रहे हैं। टॉयलेट गंदे हैं, पीने के लिए साफ पानी नहीं है। वीडियो में एक जगह सर्वोदय बाल विद्यालय का छात्र यह कहते हुए नजर आता है कि इसमें अच्छे से पढ़ाई नहीं होती है। कभी सर आते हैं, कभी नहीं आते हैं। बीजेपी की मीनाक्षी लेखी ने जिस स्कूल का दौरा किया, उसमें उन्होंने बहुत पानी पीने की जगह दिखाई, जो कि बेहद गंदे थे। पानी पीने की जगह आगे झाड़ू पड़े हुए थे और नीचे गंदा पानी बह रहा था। वीडियो में मीनाक्षी लेखी कहती हैं कि 61% स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं है और 45% स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। यही वजह है कि छात्रों के बोर्ड का रिजल्ट गिरता जा रहा है।

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अमित शाह द्वारा केजरीवाल के झूठ का पर्दाफाश करने के साथ ही यह साफ हो गया है कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए लड़ रही है, जबकि कॉन्ग्रेस तो अभी भी अपना अस्तित्व ही ढूँढ रही है। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी दिल्ली में किए गए ‘काम’ को लेकर चुनाव लड़ने की बात कहती है, लेकिन पिछले हफ्ते जब शाह ने दिल्ली में एक रैली में केजरीवाल के काम की पोल खोल तो AAP का सारा खेल ही बिगड़ गया। बीजेपी केंद्र में किए गए काम के उपलब्धियों के आधार पर वोट माँग रही है।

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