Wednesday, April 17, 2024
Homeराजनीति'मैं टूट गया हूँ': अहमद और खान के परिवार को ₹1-1 करोड़, अंकित के...

‘मैं टूट गया हूँ’: अहमद और खान के परिवार को ₹1-1 करोड़, अंकित के पिता को दिया वादा तोड़ा केजरीवाल ने!

“मुझे मुआवज़ा नहीं दिया जा रहा है, क्योंकि मैंने घटना को सांप्रदायिक नहीं होने दिया? मैं दो समुदायों के बीच प्रेम और सद्भाव क़ायम करना चाहता था। क्या मुझे इसके लिए दंडित किया जा रहा है?”

दिल्ली के एक फ़ोटोग्राफर थे – अंकित सक्सेना। पिछले साल फरवरी में उनकी मुस्लिम गर्लफ्रेंड के परिवार द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई थी। दरअसल, अंकित जिस लड़की से विवाह करना चाहते थे वो मुस्लिम सम्प्रदाय से थीं और उनकी प्रेमिका के घरवाले इस विवाह के ख़िलाफ़ थे। इसके चलते अंकित की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। तब यह मामला बहुत जोर-शोर से उछला था, राजनीतिक रोटियाँ भी सेंकी गई थी। इस मामले में ताज़ा समाचार यह है कि अंकित के पिता यशपाल सक्सेना ने दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ अपनी निराशा व्यक्त की है, क्योंकि वो अपने वादे पर खरी नहीं उतरी।

समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए, अंकित के पिता ने कहा कि उन्हें दिल्ली सरकार से कोई भी मुआवज़ा नहीं मिला। अंकित की हत्या हो जाने के बाद उन्हें बताया गया था कि उन्हें क़ानूनी और वित्तीय सहायता मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सबसे पहले दिल्ली सरकार द्वारा उन्हें 5 लाख रुपए मुआवज़ा देने का वादा किया गया था। बाद में, दिल्ली के सीएम ने मुआवज़ा बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अरविंद केजरीवाल कहीं नज़र नहीं आ रहे हैं। इस पर अंकित के पिता ने कहा, “मैं टूट गया हूँ।”

यशपाल सक्सेना ने कहा कि दिल्ली सरकार को कई रिमाइंडर भेजने के बावजूद केजरीवाल सरकार ने अब तक अपना वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने सवालिया होते हुए पूछा, “मुझे मुआवज़ा नहीं दिया जा रहा है, क्योंकि मैंने घटना को सांप्रदायिक नहीं होने दिया? मैं दो समुदायों के बीच प्रेम और सद्भाव क़ायम करना चाहता था। क्या मुझे इसके लिए दंडित किया जा रहा है?”

दिल्ली के एक फ़ोटोग्राफर अंकित सक्सेना की उनकी मुस्लिम प्रेमिका के परिवार द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई थी क्योंकि मुस्लिम परिवार ने उनके अंतर-धार्मिक प्रेम संबंध को अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद, लड़की की माँ, मामा और नाबालिग भाई को इस क्रूर अपराध के लिए गिरफ़्तार कर लिया गया था।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दायर चार्जशीट में यह स्पष्ट किया कि हत्या पूर्व नियोजित थी। इस बात का भी पता चला कि लड़की का परिवार हिंदू लड़के से प्रेम करने के कारण उसके साथ सख़्ती से पेश आ रहा था। ग्राउंड रिपोर्ट में भी लड़की के परिवार की धार्मिक कट्टरता को उजागर किया गया है, जिसमें लड़की की माँ एक कट्टर मुस्लिम महिला है, जो अंतर-धार्मिक संबंध के ख़िलाफ़ थी।

यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 303 (हत्या), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुँचाने) और 34 (आम इरादे) के तहत अंकित की प्रेमिका के पिता अकबर अली, छोटे भाई, मामा मोहम्मद सलीम और अकबर अली की पत्नी शहनाज़ के ख़िलाफ़ यह मामला दर्ज किया गया था।

इस घटना ने देश को झकझोर दिया था। अंकित और उसके परिवार के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से संवेदनाएँ भेजी गई थीं। दिल्ली में एक शोक समारोह आयोजित की गई थी, जिसमें एक प्रार्थना सभा भी शामिल थी। इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाग लिया था। हालाँकि, जब परिवार ने अपने घर के एकमात्र कमाऊ इंसान को खो देने की भरपाई करने के लिए उनसे मुआवज़े की माँग की, तो केजरीवाल प्रार्थना सभा को बीच में ही छोड़ कर चल दिए थे।

ऊपर कपिल मिश्रा के वीडियो में आप देख सकते हैं कि केजरीवाल ने पूर्व में मृत एनआईए अधिकारी तंजील अहमद और एनडीएमसी के कानूनी सलाहकार एमएम खान के परिवार के सदस्यों को 1 करोड़ रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की थी। ऐसे में उनके लिए अंकित के परिवार को मुआवजा देना कोई नई बात नहीं होती। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे यह सवाल उठता है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अंकित सक्सेना के परिवार से अपना वादा निभाने के लिए तैयार क्यों नहीं हैं?

अंकित की मुस्लिम प्रेमिका के परिवार वालों को इन दोंनों के अंतर-धार्मिक संबंध स्वीकार नहीं था। लेकिन अंकित सक्सेना के पिता, यशपाल सक्सेना तब सांप्रदायिक सौहार्द्र का चेहरा बन गए थे, जब उन्होंने सभी से अपील की थी कि उनके बेटे की मुस्लिम प्रेमिका के परिवार द्वारा हत्या को सांप्रदायिक रंग न दिया जाए। इतना ही नहीं, उन्होंने पिछले साल रमजान के दौरान एक अंतर-धार्मिक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था, जिसमें कई सारे ‘सामाजिक कार्यकर्ताओं’ ने भाग लिया था। हालाँकि, इतना सब कुछ सहने के डेढ़ साल बाद, वह अभी भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

स्कूल में नमाज बैन के खिलाफ हाई कोर्ट ने खारिज की मुस्लिम छात्रा की याचिका, स्कूल के नियम नहीं पसंद तो छोड़ दो जाना...

हाई कोर्ट ने छात्रा की अपील की खारिज कर दिया और साफ कहा कि अगर स्कूल में पढ़ना है तो स्कूल के नियमों के हिसाब से ही चलना होगा।

‘क्षत्रिय न दें BJP को वोट’ – जो घूम-घूम कर दिला रहा शपथ, उस पर दर्ज है हाजी अली के साथ मिल कर एक...

सतीश सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन पर गोली चलाने वालों में पूरन सिंह का साथी और सहयोगी हाजी अफसर अली भी शामिल था। आज यही पूरन सिंह 'क्षत्रियों के BJP के खिलाफ होने' का बना रहा माहौल।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe