Tuesday, October 19, 2021
Homeराजनीतिकेजरीवाल ने फिर तोड़ा अपना वादा: कोरोना के चलते जान गँवाने वाले 17 पुलिसकर्मियों...

केजरीवाल ने फिर तोड़ा अपना वादा: कोरोना के चलते जान गँवाने वाले 17 पुलिसकर्मियों को अभी तक नहीं मिला मुआवजा

कोरोना वायरस से लड़ते हुए दिल्ली पुलिस के 17 कर्मियों ने अपनी जान इस महामारी से संक्रमित होने होने की वजह से गँवाई है। दिल्ली सरकार की तरफ से इनमें से किसी को भी आर्थिक मदद के रूप में मुआवजा नहीं दिया गया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस साल अप्रैल में कोरोना वायरस महामारी से लड़ते हुए अपनी जान गँवाने वाले योद्धाओं को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की थी।

वहीं इस साल मई में दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल अमित कुमार ने उत्तरी दिल्ली में अपनी ड्यूटी निभाते हुए कोरोनोवायरस से संक्रमित होने के दौरान अपनी जान गँवा दी। उनकी पत्नी उस वक्त अपने दूसरे बच्चे के साथ गर्भवती थी। केजरीवाल ने उन्हें 1 करोड़ रुपए मुआवजे का वादा किया।

लेकिन उन्हें अभी तक दिल्ली सरकार की तरफ से मुआवजा नहीं मिला है। इतना ही नहीं कॉन्स्टेबल अमित की पत्नी ने नॉर्थ एमसीडी स्कूल में एक शिक्षक के रूप में अपनी नौकरी भी खो दी। कॉन्स्टेबल अमित के कोरोनावायरस संक्रमित होने के बाद उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती होना पड़ा था जिस दौरान उन्हें अपनी दूसरी गर्भावस्था का पता चला था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना वायरस से लड़ते हुए दिल्ली पुलिस के 17 कर्मियों ने अपनी जान इस महामारी से संक्रमित होने होने की वजह से गँवाई है। दिल्ली सरकार की तरफ से इनमें से किसी को भी आर्थिक मदद के रूप में मुआवजा नहीं दिया गया है।

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस आयुक्त एस एन श्रीवास्तव ने इस बात की पुष्टि की है कि सभी 17 परिवार अभी भी दिल्ली सरकार से मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर परिवार पहले ही राजस्व विभाग को दस्तावेज सौंप चुके हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने कुछ प्रस्तावों के लिए कुछ प्रश्न उठाए थे और सभी के जवाब भेजे गए थे।

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार के प्रवक्ता ने दावा किया कि उन्हें अभी तक दिल्ली पुलिस से सभी कागजात नहीं मिले हैं। द हिंदू को सहायक उप-निरीक्षक करमबीर सिंह के पुत्र पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने सभी दस्तावेज जमा कर दिए हैं और उन्हें सूचित किया गया कि उनकी फ़ाइल पहले से ही संसाधित है। हालाँकि, उन्हें अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है। इसी तरह, सब-इंस्पेक्टर राम लाल बोरघरे के बेटे आकाश बोरघरे को भी दिल्ली सरकार से कोई मुआवजा नहीं मिला है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

इधर आतंकी गोली मार रहे, उधर कश्मीरी ईंट-भट्टा मालिक मजदूरों के पैसे खा रहे: टारगेट किलिंग के बाद गैर-मुस्लिम बेबस

कश्मीर घाटी में गैर-कश्मीरियों को टारगेट कर हत्या करने के बाद दूसरे प्रदेशों से आए श्रमिक अब वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।

कश्मीर को बना दिया विवादित क्षेत्र, सुपरमैन और वंडर वुमेन ने सैन्य शस्त्र तोड़े: एनिमेटेड मूवी ‘इनजस्टिस’ में भारत विरोधी प्रोपेगेंडा

सोशल मीडिया यूजर्स इस क्लिप को शेयर कर रहे हैं और बता रहे हैं कि कैसे कश्मीर का चित्रण डीसी की इस एनिमेटिड मूवी में हुआ है और कैसे उन्होंने भारत को बुरा दिखाया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,884FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe