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जिलेटिन की छड़ों से भी विस्फोटक है देशमुख पर लगे आरोप, उन्हें हटाकर हो निष्पक्ष जाँच: देवेंद्र फडणवीस

"मैंने महाराष्ट्र के इतिहास में ये कभी नहीं देखा कि डीजी रैंक का व्यक्ति, सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर, इतने सबूतों के साथ ये सारी बातें कहे।" उन्होंने ये भी पूछा कि जब पूर्व पुलिस कमिश्नर ने कहा हुआ है कि सीएम को इस विषय पर बताया गया था तो आखिर उन्होंने इस पर जाँच क्यों नहीं की।

मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देशमुख के इस्तीफे की माँग की। उन्होंने कहा, “पूर्व कमिश्नर ने जो आरोप लगाए हैं वह बेहद गंभीर हैं। मैं तो मानता हूँ कि जिलेटिन की जो छड़े मिली हैं उससे भी ज्यादा विस्फोटक ये आरोप हैं।”

उनके अनुसार, इन आरोपों पर गंभीरता से इसलिए भी जाँच होनी चाहिए, क्योंकि ये आरोप कार्यरत डीजी ने लगाए हैं। इन आरोपों की पुष्टि करने के लिए उन्होंने व्हॉट्सएप चैट या एसएमएस चैट भी लगाई है। जिसमें यह स्पष्ट है कि रेस्ट्रां, बार से पैसा जमा करने को कहा गया है।

देवेंद्र फडणवीस ने अपनी बात को रखते हुए कहा, “हम गृह मंत्री के इस्तीफे की माँग करते हैं। अगर वह खुद अपना पद नहीं छोड़ते हैं तो सीएम को उन्हें हटा देना चाहिए। मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि या तो केंद्रीय एजेंसियाँ इसकी जाँच करें और यदि राज्य सरकार को लगता है कि उन्हें ये जाँच केंद्रीय एजेंसियों से नहीं करवाना है, तो भी कोर्ट मॉनिटर इंक्वायरी होनी चाहिए। पूर्व सीएम के अनुसार, मामले में जाँच तभी सफल हो पाएगी जब सर्विंग गृहमंत्री अपने पद से दूर होंगे और मामले में उच्च स्तरीय जाँच होगी।

फडणवीस ने कहा, “मैंने महाराष्ट्र के इतिहास में ये कभी नहीं देखा कि डीजी रैंक का व्यक्ति, सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर, इतने सबूतों के साथ ये सारी बातें कहे।” उन्होंने ये भी पूछा कि जब पूर्व पुलिस कमिश्नर ने कहा हुआ है कि सीएम को इस विषय पर बताया गया था तो आखिर उन्होंने इस पर जाँच क्यों नहीं की। क्या सिर्फ़ अपनी सरकार को बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने उसे नजरअंदाज किया?

बता दें कि मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर बड़ा आरोप लगाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने गृह मंत्री अनिल देशमुख पर आरोप लगाया है कि उन्होंने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाज़े को हर महीने 100 करोड़ रुपए इकट्ठा कर उन्हें देने के आदेश दिए थे।

हालाँकि, अनिल देशमुख ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए परमबीर सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि परमबीर सिंह ने खुद को बचाने के साथ-साथ आगे की कानूनी कार्रवाई से खुद को बचाने के लिए यह झूठा आरोप लगाया है। गृहमंत्री का कहना है कि मुकेश अंबानी मामले के साथ-साथ मनसुख हिरेन हत्याकांड में भी सचिन वाजे की संलिप्तता स्पष्ट हो रही है और आगे ये जाँच तत्कालीन पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह तक पहुँचने की संभावना है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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