Wednesday, May 27, 2020
होम राजनीति मुसलमान हो रहे असहिष्णुता का शिकार: फारूक अबदुल्ला ने छेड़ा शाह फ़ैसल वाला राग

मुसलमान हो रहे असहिष्णुता का शिकार: फारूक अबदुल्ला ने छेड़ा शाह फ़ैसल वाला राग

पाकिस्तान के समर्थन में दिखे फारूक ने कहा था यदि आज की तारीख़ में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध हो जाए तो पीओके पर पाकिस्तान का ही कब्ज़ा होगा

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

नैशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के अध्यक्ष फारूक अबदुल्ला ने एक फिर केंद्र सरकार को घेरते हुए ‘असहिष्णुता’ का राग अलापा। देश की जनता को भ्रमित करने की उनकी यह आदत एक बड़े विवाद का रूप ले लेती है। बीते रविवार (जनवरी 13, 2019) को उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती असहिष्णुता मुस्लिमों को बुरी तरह से प्रभावित कर रही है। बयान में उन्होंने अल्पसंख्यको के प्रति अपनी भ्रमित कर देनी वाली चिंता दर्शाने की पुरज़ोर कोशिश की, जिसका ना कोई पुख़्ता आधार है और ना ही कोई पुख़्ता कारण। हाल ही में पूर्व IAS अफ़सर शाह फ़ैसल ने भी ऐसे ही शब्दों को चुना था जब उन्होंने

केंद्र सरकार को टारगेट करके दिया गया बयान फारूक की कूटनीतिक विचारधारा को स्पष्ट करती है। केंद्र सरकार को दोषी करार देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भारत की धर्मनिरपेक्ष और उदार छवि को धूमिल करने का काम कर रही है।

तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं फारूक अबदुल्ला

बता दें कि फारूक अब्दुल्ला तीन बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मुख्यमंत्री पद का भार संभालने के बावजूद वो यह समझने में असमर्थ रहे हैं कि देश की जनता को जातिगत या धार्मिक रूप से भ्रमित करना निंदनीय कार्य ही नहीं बल्कि लोकतंत्र के माथे पर कलंक भी है। फारूक के फ़र्ज़ी बयानों से ऐसा लगता है मानो, उनके तीखे बोल और हमलावर रुख़ हमेशा बीजेपी को आड़े हाथों लेने के सिवाय कोई दूसरा काम जानते ही न हो।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब फारूक ने अपने बयानों से सुर्ख़ियाँ बटोरने का काम किया हो, पहले भी वो इस तरह की हरक़त कर चुके हैं जिसमें वो केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ ही नज़र आए हैं। ख़बरों के मुताबिक़ फारूक ने पड़ोसी देश के समर्थन में कहा था कि पाकिस्तान ने चूड़ियाँ नहीं पहन रखी हैं और ना ही वो इतना कमज़ोर है कि अपने क़ब्ज़े वाले कश्मीर पर भारत का कब्ज़ा होने देगा। हद तो तब हो गई जब फारूक ने अपने बयान के ज़रिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को पाकिस्तान का ही बता डाला था।

असहिष्णुता जैसे विवादित बयान देने वाले फारूक से अगर यह पूछा जाए कि क्या उन्हें वाक़ई देश की चिंता है, अगर है तो इस प्रकार के विवादित बयान देने के पीछे आख़िर उनका क्या मक़सद होता है?

पाकिस्तान के समर्थन में बोले फारूक

हाल ही में दिए अपने एक अन्य बयान में तो वो पूरी तरह से पाकिस्तान के समर्थन में दिखे और यहाँ तक कह गए कि यदि आज की तारीख़ में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध हो जाए तो पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) पर पाकिस्तान का ही कब्ज़ा होगा। पाकिस्तान के समर्थन में उनके बोल अपने देश के प्रति उनकी झूठी चिंता का स्पष्ट प्रमाण है।

अपने असहिष्णुता वाले बयान से अल्पसंख्यकों के मसीहा बनने वाले फारूक की देशभक्ति का यह कौन-सा रूप है जो भारत में रहकर उन्हें भारत-विरोधी जैसा दिखाता है। फारूक अब्दुल्ला की खोखली चिंताओं में उन भारतीय शहीदों के लिए जगह नहीं होती जो सरहद पर अपने प्राण न्यौछावर कर देते हैं। पाकिस्तान की तरफ से हुई फ़ायरिंग में दोनों देशों के जवानों की शहादत पर फारूक ने कहा था कि दोनों तरफ से सीज़फ़ायर का उल्लंघन हो रहा है, दोनों ओर से गोलियाँ चल रही हैं। इस फ़ायरिंग में केवल भारत के जवान ही नहीं मर रहे हैं बल्कि पाकिस्तान के जवान भी मर रहे हैं। इस प्रकार के बयान से यह साफ़ झलकता है कि फारूक को भारतीय सेना के जवान से ज़्यादा पाकिस्तान के जवानों के मारे जाने की अधिक चिंता है।

भारतीय सैन्य क्षमता को पाकिस्तान से कम आँका

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

फारूक इतने पर ही नहीं रुके बल्कि यहाँ तक कह गए कि अगर हम (भारत) उनके (पाकिस्तान) 10 जवानों को मारेंगे तो वो हमारे 12 जवानों को मारेंगे। अपने इस विवादित बयान से क्या वो भारत की सैन्य क्षमता पर भी प्रश्नचिन्ह लगाने की कोशिश कर रहे हैं। निष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि फारूक अब्दुल्ला को देश की चिंता तो रत्ती मात्र भी नहीं है, लेकिन मुद्दा चाहे मुस्लिमों, अल्पसंख्यकों या देश की किसी अन्य समस्या का हो वो केवल अपने विवादों के ज़रिए एक ऐसा माहौल बनाने का प्रयास करते रहते हैं जिससे केंद्र सरकार को बेवजह कटघरे में खड़ा किया जा सके।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

‘उत्तराखंड जल रहा है… जंगलों में फैल गई है आग’ – वायरल तस्वीरों की सच्चाई का Fact Check

क्या उत्तराखंड के जंगल इस साल की गर्मियों में वास्तव में आग में झुलस रहे हैं? जवाब है- नहीं।

ईद का जश्न मनाने के लिए दी विशेष छूट: उद्धव के तुष्टिकरण की शिवसेना के मुखपत्र सामना ने ही खोली पोल

शिवसेना के मुखपत्र सामना में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक मुंब्रा में समुदाय विशेष के लोगों को ईद मनाने के लिए विशेष रियायत दी गई थी।

वियतनाम: ASI को खुदाई में मिला 1100 साल पुराना शिवलिंग, बलुआ पत्थर से है निर्मित

ASI को एक संरक्षण परियोजना की खुदाई के दौरान 9वीं शताब्दी का शिवलिंग मिला है। इसकी जानकारी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर दी है।

‘मोदी मंदिर’ बनाने की खबर फर्जी: MLA गणेश जोशी ने कॉन्ग्रेस को बताया ‘मोदीफोबिया’ से ग्रसित

"मोदी मंदिर' बनाने की खबर पूरी तरह फर्जी है। जबकि मोदी-आरती लिखने वाली डॉ. रेनू पंत का भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है और वो सिर्फ..."

चुनाव से पहले फिर ‘विशेष राज्य’ के दर्जे का शिगूफा, आखिर इस राजनीतिक जुमले से कब बाहर निकलेगा बिहार

बिहार के नेता और राजनीतिक दल कब तक विशेष राज्य का दर्जा माँगते रहेंगे, जबकि वे जानते हैं कि यह मिलना नहीं है और इसके बिना भी विकास संभव है।

‘पूरी डायन हो, तुझे आत्महत्या कर लेनी चाहिए’: रुबिका लियाकत की ईद वाली फोटो पर टूट पड़े इस्लामी कट्टरपंथी

रुबिका लियाकत ने पीले परिधान वाली अपनी फोटो ट्वीट करते हुए ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद कट्टरपंथियों की पूरी फौज उन पर टूट पड़ी।

प्रचलित ख़बरें

‘चीन, पाक, इस्लामिक जिहादी ताकतें हो या नक्सली कम्युनिस्ट गैंग, सबको एहसास है भारत को अभी न रोक पाए, तो नहीं रोक पाएँगे’

मोदी 2.0 का प्रथम वर्ष पूरा हुआ। क्या शानदार एक साल, शायद स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे ज्यादा अदभुत और ऐतिहासिक साल। इस शानदार एक वर्ष की बधाई, अगले चार साल अद्भुत होंगे। आइए इस यात्रा में उत्साह और संकल्प के साथ बढ़ते रहें।

लगातार 3 फेक न्यूज शेयर कर रवीश कुमार ने लगाई हैट्रिक: रेलवे पहले ही बता चुका है फर्जी

रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर ‘दैनिक भास्कर’ अखबार की एक ऐसी ही भावुक किन्तु फ़ेक तस्वीर शेयर की है जिसे कि भारतीय रेलवे एकदम बेबुनियाद बताते हुए पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि ये पूरी की पूरी रिपोर्ट अर्धसत्य और गलत सूचनाओं से भरी हुई है।

मोदी-योगी को बताया ‘नपुंसक’, स्मृति ईरानी को कहा ‘दोगली’: अलका लाम्बा की गिरफ्तारी की उठी माँग

अलका लाम्बा PM मोदी और CM योगी के मुँह पर थूकने की बात करते हुए उन्हें नपुंसक बता रहीं। उन्होंने स्मृति ईरानी को 'दोगली' तक कहा और...

‘राम मंदिर की जगह बौद्ध विहार, सुप्रीम कोर्ट ने माना’ – शुभ कार्य में विघ्न डालने को वामपंथन ने शेयर की पुरानी खबर

पहले ये कहते थे कि अयोध्या में मस्जिद था। अब कह रहे हैं कि बौद्ध विहार था। सुभाषिनी अली पुरानी ख़बर शेयर कर के राम मंदिर के खिलाफ...

38 लाख फॉलोवर वाले आमिर सिद्दीकी का TikTok अकॉउंट सस्पेंड, दे रहा था कास्टिंग डायरेक्टर को धमकी

जब आमिर सिद्दीकी का अकॉउंट सस्पेंड हुआ, उस समय तक उसके 3.8 मिलियन फॉलोवर्स थे। आमिर पर ये कार्रवाई कास्टिंग डायरेक्टर को धमकी...

हमसे जुड़ें

207,939FansLike
60,325FollowersFollow
242,000SubscribersSubscribe
Advertisements